न छड़ी, न व्हीलचेयर… 100वें बर्थडे पर हाई बीट्स पर थिरकीं मीरा देवी, वीडियो हो रहा वायरल; जानें हिसार की दादी की लंबी उम्र का राज
हरियाणा के हिसार जिले की रहने वाली 100 वर्षीय मीरा देवी ने अपने 100वें जन्मदिन पर डांस कर सभी को चौंका दिया. बिना किसी सहारे के खड़े होकर जश्न मनाने वाली मीरा देवी सादा जीवन, संतुलित खान-पान और सकारात्मक सोच की मिसाल हैं. स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा उनका परिवार आज तीन पीढ़ियों में फैला है और उनका जीवन पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुका है.;
Hisar Ki Dadi Mira Devi 100th Birthday Dance Video Viral: हरियाणा के हिसार से सामने आई तस्वीर और वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल जिंदा कर दिया है कि क्या सादा और शुद्ध खान-पान ही लंबी उम्र का असली राज है? इस चर्चा के केंद्र में हैं 100 वर्षीय मीरा देवी, जिन्होंने न तो व्हीलचेयर का सहारा लिया, न छड़ी या बैसाखी की जरूरत पड़ी. अपने 100वें जन्मदिन पर मीरा देवी पूरे आत्मविश्वास के साथ खड़ी रहीं और तेज़ म्यूजिक पर डांस करती नजर आईं. यह दृश्य जिसने भी देखा, वही बोला- वाह दादी… आप जियो हजारों साल!
मीरा देवी का जीवन सिर्फ लंबी उम्र की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कार और संतुलन की मिसाल है. उनका जन्म 1926 में सिरसा के ढूमडा गांव में हुआ था. विवाह के बाद वे हिसार के आदमपुर क्षेत्र के दड़ौली गांव में आकर बस गईं. उनका परिवार आज तीन पीढ़ियों में फैला हुआ है- 6 बेटे, 3 बेटियां, 16 पोते-पोती/दोहते-दोहती और 5 पड़पोते- यानी पूरा घर खुशियों से भरा हुआ है.
स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है परिवार
मीरा देवी के पति बिहारी लाल शर्मा अंग्रेजों की सेना में कुक के रूप में कार्यरत रहे. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर आजादी की लड़ाई का रास्ता चुना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज से जुड़ गए. आजादी के बाद वे बिना किसी पेंशन के घर लौट आए. 1998 में उनका निधन हुआ, लेकिन देशभक्ति और सादगी की विरासत आज भी परिवार में जीवित है.
कोई बेटा लेक्चर है तो कोई सेवानिवृत्त अध्यापक
मीरा देवी के सबसे बड़े बेटे सज्जन कुमार (77) हैं, इसके बाद राजेंद्र (71), महेंद्र (61), शंकर लाल (60), प्रदीप कुमार (56) और संदीप (53) हैं. परिवार में खेती, शिक्षा और सेवा से जुड़े लोग हैं. सज्जन और राजेंद्र खेती से जुड़े हैं. शंकर लाल सेवानिवृत्त अध्यापक हैं. महेंद्र लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं.
मीरा देवी की लंबी उम्र का राज क्या है?
मीरा देवी के बेटे और सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर लाल बताते हैं, “मेरी मां हमेशा शांत, सरल और मिलनसार रहीं. उन्होंने कभी दिखावे का जीवन नहीं जिया. सादा खाना, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच ही उनकी लंबी उम्र और अच्छी सेहत का सबसे बड़ा राज है.”
गांव के लिए प्रेरणा बनीं मीरा देवी
दड़ौली गांव की ढाणी में रहने वाली मीरा देवी आज पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. 100 साल की उम्र में भी उनकी ऊर्जा, संतुलन और मुस्कान यह संदेश देती है कि संयमित जीवनशैली, पारिवारिक प्रेम और मानसिक शांति से उम्र नहीं, बल्कि जिंदगी बढ़ती है. उनका यह शताब्दी जन्मोत्सव सिर्फ एक परिवार का उत्सव नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बन गया.