15वीं बार बाहर आ रहा बलात्कार का दोषी राम रहीम, लोगों ने देवकीनंदन से पूछा- जुबान पर ताला लग गया क्या?
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को हरियाणा सरकार ने एक बार फिर 40 दिनों की अस्थायी पैरोल दी है. रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम 2017 में बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराए गए थे और यह उनकी 15वीं पैरोल है. इस रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है, जहां लोग कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं. शाहरुख खान पर दिए गए उनके बयान से तुलना करते हुए यूजर्स न्याय व्यवस्था, नैतिकता और पाखंड पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.
Gurmeet Ram Rahim Singh 40 days parole: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर हरियाणा सरकार द्वारा 40 दिनों की अस्थायी पैरोल दी गई है. वे वर्तमान में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे हैं और जल्द ही जेल से रिहा होकर सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना होंगे. यह पैरोल उनके लिए कोई नई बात नहीं है, क्योंकि 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से यह उनकी 15वीं अस्थायी रिहाई है. इससे पहले अगस्त 2025 में भी उन्हें 40 दिनों की पैरोल मिली थी, जब वे रक्षाबंधन के आसपास बाहर आए थे और अपना जन्मदिन भी मनाया था. इसके अलावा, अप्रैल में 21 दिनों की फर्लो (एक तरह की अस्थायी छुट्टी) और जनवरी में 30 दिनों की पैरोल जैसी कई राहतें उन्हें मिल चुकी हैं.
गुरमीत राम रहीम सिंह को दो डेरा साध्वियों के यौन शोषण के गंभीर मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में दोषी करार दिया था. अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई, जो कुल 20 साल की कैद के रूप में चल रही है, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया गया. इस मामले की जांच में पीड़ित साध्वियों के बयान बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए. सीबीआई के अनुसार, घटनाएं साल1999 के आसपास हुई थीं, लेकिन पीड़ितों के बयान दर्ज करने में काफी देरी हुई और वे 2005 में ही रिकॉर्ड किए जा सके. इसके बाद जांच प्रक्रिया में लगभग छह वर्ष लगे और अंततः आधिकारिक कार्रवाई पूरी हुई.
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अब क्यों जुबान बंद है?
लेकिन अब उनकी फिर से रिहाई पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. जिसे शाहरुख खान के विवाद से जोड़ा जा रहा है जब देवकीनंदन ठाकुर ने उनके सुपरस्टार के विवादित बयान दिया था. अब लोगों का कहना है कि भला देवकीनंदन ठाकुर की जुबान गुरमीत सिंह की पैरोल पर क्यों बंद है?. एक यूजर ने लिखा, 'अब फिर से गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिल चुकी है. आपको पता होगा कि गुरमीत राम रहीम बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी पाया गया है और सजा काट रहा है. देवकीनन्द ठाकुर शाहरुख खान पर बांग्लादेशी खिलाड़ी को खिलाने पर भड़क गए मगर क्या कभी गुरमीत राम रहीम को मिल रही पैरोल पर पैरोल पर देवकीनन्द ठाकुर जी ने कोई चिंता ज़ाहिर की है?. यह कितना दुखद और शर्मनाक है कि किन मुद्दों से हमारे देश और हमारे समाज का कोई वास्ता नहीं है उन मुद्दों पर यह तथाकथित समाज के रक्षकों का पेट दर्द होने लगता है जबकि जो मुद्दे समाज और देश की धारा और गति तय करते हैं उन पर यह चुपचाप मुंह बंद कर लेते हैं.
दूसरे ने लिखा, 'गुरमीत राम रहीम को फिर 40 दिनों की पैरोल मिल गई है, बलात्कारी ओ का अमृत काल चल रहा है.
एक अन्य ने कहा, 'पहले तो इनसे 'राम' और 'रहीम'दोनों नाम वापस लो, इन नामों ने तो इंसानियत सिखाई थी, ये लोग पैरोल सिखा रहे हैं. शाहरुख पर ज्ञान फूटता है, लेकिन बलात्कारी को 40 दिन की छुट्टी मिले तो तथाकथित संतों की ज़ुबान को लकवा मार जाता है. देश की नैतिकता क्रिकेट टीम से नहीं, न्याय व्यवस्था और पाखंड से तय होती है. यहां समस्या अपराध नहीं,समस्या ये है कि अपराधी किसके काम का है.
शाहरुख पर देवकीनंदन का बयान
बता दें कि, प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने हाल ही में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान पर तीखा हमला बोला है. यह विवाद IPL 2026 की नीलामी से जुड़ा है, जिसमें शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था. देवकीनंदन ठाकुर ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए शाहरुख खान पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमने सुना है कि उसका प्रेम पाकिस्तान से बहुत है और ऐसे लोगों से जो हिंदुओं को दुख देते हैं. ' उन्होंने आगे कहा था, 'तुम थे क्या? एक छोटे से टीवी सीरियल में काम करते थे, रोज 500-1000 रुपये कमाने वाले साधारण इंसान थे. इस देश ने तुम्हें हीरो बनाया, सुपरस्टार बनाया, इतनी ताकत दी कि तुम एक क्रिकेट टीम के मालिक बन गए. बांग्लादेश में हिंदू भाइयों-बहनों पर अत्याचार हो रहे हैं, घर जलाए जा रहे हैं, हत्याएं हो रही हैं, और तुम वहां के क्रिकेटर को टीम में ले रहे हो? यह 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ है. '
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