हरियाणा में दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जानिए रूट और इसकी खासियत
India First Hydrogen Train: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही हरियाणा का जींद देश को ग्रीन टेक्नोलॉजी की एक ऐतिहासिक सौगात देने की दहलीज पर खड़ा है. देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच पटरियों पर उतरने को तैयार है. इस सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के लोड चेक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा, जिसके सफल होते ही नियमित संचालन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
India First Hydrogen Train: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही हरियाणा का जींद देश को ग्रीन टेक्नोलॉजी की एक ऐतिहासिक सौगात देने की दहलीज पर खड़ा है. देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच पटरियों पर उतरने को तैयार है. इस सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के लोड चेक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा, जिसके सफल होते ही नियमित संचालन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
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यह परियोजना न केवल रेलवे तकनीक में बड़ा बदलाव लाने जा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी. प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही हाइड्रोजन ट्रेन को देश को समर्पित किया जाएगा और जींद राष्ट्रीय स्तर पर ग्रीन ट्रांसपोर्ट का मॉडल बनकर उभरेगा.
हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी हाईटेक ट्रेन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित होगी. मात्र 9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन तैयार की जाएगी, जिससे ट्रेन 1 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी. ट्रेन की अधिकतम गति 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो इसे देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में शामिल करती है.
जींद स्टेशन पर तैयार हुआ हाइड्रोजन प्लांट
जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की कंपनी द्वारा हाइड्रोजन गैस उत्पादन का अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया जा चुका है. इस प्लांट को प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मंजूरी मिल चुकी है. प्लांट संचालन के लिए रेलवे ने 1.5 मेगावाट का बिजली कनेक्शन लिया है. यहां 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस और 7,680 किलोग्राम ऑक्सीजन के स्टोरेज की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए दो बड़े स्टोरेज टैंक बनाए गए हैं.
चेन्नई में बनी ट्रेन
हाइड्रोजन ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है. ट्रेन की 4 ड्राइवर पावर कार और 16 कोच दिल्ली के शकूर बस्ती स्टेशन पहुंच चुके हैं. 26 जनवरी से 2 डीपीसी और 8 यात्री कोचों के साथ जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल रन निर्धारित है. ट्रायल रन के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट रेलवे, आरडीएसओ और स्पेन की ग्रीन एच कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर अंतिम तकनीकी स्वीकृति दी जाएगी, जिसके बाद नियमित संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा.
ट्रेन की प्रमुख तकनीकी खूबियां
1. आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार
2. प्रत्येक डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन
3. फ्यूल सेल से 3750 एम्पीयर डीसी करंट का उत्पादन
4. एसी, लाइट और पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित
5. मेट्रो की तर्ज पर डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
6. दोनों ओर स्वचालित दरवाजे
7. 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोरेज की क्षमता





