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फोन से CCTV तक सब हैक! सालों से बिछा था जाल- कैसे इज़राइल ने Khamenei को किया ट्रैक? पूरी इनसाइड स्टोरी

तेहरान की सड़कों पर लगे ट्रैफिक कैमरों से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक, हर डिजिटल रास्ते पर नजर रखी जा रही थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल ने सालों तक खामेनेई और उनकी सुरक्षा टीम की गतिविधियों की गुप्त निगरानी की थी. इसके बाद उन्होंने इस अटैक को अंजाम दिया.

फोन से CCTV तक सब हैक! सालों से बिछा था जाल- कैसे इज़राइल ने Khamenei को किया ट्रैक? पूरी इनसाइड स्टोरी
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )

How Israel Tracked Ayatollah Ali Khamenei: ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल ईरान के सुप्रीम लीडर को कई सालों से मारने का प्लान बना रहा था. इसके लिए वह खामेनेई और उनकी सुरक्षा टीम की एक्टिविटीज पर खुफिया तौर पर नजर रखे हुए था.

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को कथित तौर पर सालों पहले ही हैक कर लिया गया था. रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व इज़राइली खुफिया अधिकारियों समेत कई सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कैमरों की फुटेज को एन्क्रिप्ट कर तेल अवीव और दक्षिणी इज़राइल में मौजूद सर्वरों तक भेजा जाता था.

इन फुटेज से क्या पता लगा?

बताया गया है कि एक खास कैमरे का एंगल बेहद अहम साबित हुआ, जिससे यह पता चलता था कि बॉडीगार्ड अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते थे और पाश्चर स्ट्रीट के पास स्थित परिसर के अंदर की रोजमर्रा की गतिविधियों की जानकारी मिलती थी.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इज़राइली खुफिया अधिकारियों ने खामेनेई की दिनचर्या का गहराई से अध्ययन किया था. वे यह देख रहे थे कि वह कहां रहते हैं, किन लोगों से मिलते हैं, कैसे संवाद करते हैं और हमले की स्थिति में कहां शरण ले सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं पर भी नजर रखी जा रही थी, जो 86 वर्षीय धार्मिक नेता के साथ शायद ही कभी एक ही जगह इकट्ठा होते थे.

सीएनएन के मुताबिक, टॉप ईरानी अधिकारी, जिनमें खामेनेई भी शामिल थे, शनिवार सुबह तेहरान के एक परिसर में अलग-अलग स्थानों पर बैठक करने वाले थे. इस परिसर में सुप्रीम लीडर का कार्यालय, राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के दफ्तर स्थित हैं.

इज़राइल ने कैसे ट्रैक किया आयतुल्लाह अली खामेनेई?

सालों की निगरानी • हाई-टेक ट्रैकिंग • सीक्रेट ऑपरेशन

📡 लंबे समय से निगरानी

  • सालों से गुप्त योजना
  • सुरक्षा टीम की गतिविधियों पर नजर
  • मूवमेंट पैटर्न का अध्ययन

🎥 CCTV नेटवर्क एक्सेस

  • तेहरान ट्रैफिक कैमरों तक पहुंच
  • फुटेज एन्क्रिप्ट की गई
  • डेटा विदेशी सर्वर तक भेजा गया

🚗 बॉडीगार्ड ट्रैकिंग

  • निजी गाड़ियों की पार्किंग पर नजर
  • एक खास कैमरा एंगल अहम
  • परिसर की रोजमर्रा गतिविधियां रिकॉर्ड

🧠 दिनचर्या का विश्लेषण

  • कहां रहते हैं?
  • किनसे मिलते हैं?
  • आपात स्थिति में कहां जाते?

🏢 हाई-लेवल मीटिंग प्लान

  • सुप्रीम लीडर कार्यालय
  • राष्ट्रपति कार्यालय
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दफ्तर

इजराइल ने कैसे किया अपना प्लान चेंज?

सूत्रों के मुताबिक, पहले हमले की योजना रात में बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे दिन में अंजाम देने का फैसला किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल के स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 6 बजे लड़ाकू विमानों ने उस परिसर पर सटीक निर्देशित हथियारों से हमला किया. इसे अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त अभियान का शुरुआती चरण बताया गया है.

एसोसिएटेड प्रेस को एक अज्ञात इज़राइली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 60 सेकंड के अंदर तीन टारगेट्स को निशाना बनाया गया. अधिकारी के अनुसार, इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर और लगभग 40 सीनियर अधिकारी मारे गए, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख भी शामिल थे.

दिन का वक्त क्यों चुना गया?

इस स्ट्राइक को पूरी तरह से सरप्राइजिंग बनाना था. अकसर देश रात में ऐसे ऑपरेशन्स को अंजाम देते हैं, लेकिन इजराइल और अमेरिका ने इसे दिन में करने का फैसला किया. ऐसा करने से एक 'सरप्राइज एलीमेंट' क्रिएट हो गया.

ईरान इजरायल युद्धवर्ल्‍ड न्‍यूज
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