ड्रोन और AI रोबोट से डिलीवरी का सपना सच करने वाले अंकित कुमार कौन? गुरुग्राम में घर-घर पहुंच रहा खाना और सामान
हरियाणा के गुरुग्राम में तकनीक ने डिलीवरी सिस्टम को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां इंसानों की जगह ड्रोन और एआई रोबोट घर-घर सामान पहुंचा रहे हैं.
ankit kumar Founder
(Image Source: X/ @ANI )भारत में अब तक जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन सामान या खाना ऑर्डर करता था, तो डिलीवरी बॉय उसके दरवाजे तक पैकेट पहुंचाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. हरियाणा के गुरुग्राम में तकनीक ने डिलीवरी सिस्टम को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां इंसानों की जगह ड्रोन और एआई रोबोट घर-घर सामान पहुंचा रहे हैं.
गुरुग्राम स्थित ड्रोन डिलीवरी कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी ने ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोट के जरिए डिलीवरी सेवा की शुरुआत कर दी है. इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां उन्नत ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम से सीधे उपभोक्ताओं तक सामान पहुंचाया जा रहा है. दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 के बाद इस अत्याधुनिक प्रणाली को औपचारिक रूप से गुरुग्राम में लॉन्च किया गया.
कौन हैं अंकित कुमार?
अंकित कुमार, स्काई एयर मोबिलिटी के संस्थापक और सीईओ हैं. वे भारत में ड्रोन-आधारित लॉजिस्टिक्स और क्विक डिलीवरी सेवाओं के अग्रणी उद्यमियों में गिने जाते हैं. गुरुग्राम स्थित उनकी कंपनी वर्ष 2019 से ड्रोन डिलीवरी सेवाओं पर काम कर रही है. अंकित कुमार के नेतृत्व में कंपनी ने अब तक 3.6 मिलियन से अधिक सफल ड्रोन डिलीवरी का रिकॉर्ड स्थापित किया है. यह उपलब्धि न केवल तकनीकी कुशलता को दर्शाती है, बल्कि भारत में ड्रोन लॉजिस्टिक्स के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण भी है.
क्या बोले अंकित कुमार?
स्काई एयर मोबिलिटी के संस्थापक और सीईओ अंकित कुमार ने कहा कि "हमने अपने हाइपरलोकल डिलीवरी पोर्ट, स्काई पोर्ट को एक फिजिकल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा है. अब तक हम ड्रोन के जरिए डिलीवरी कर रहे थे. पिछले ढाई सालों में हमने लगभग 3.6 मिलियन ड्रोन डिलीवरी की हैं, जिससे एक हजार टन से अधिक कार्बन की बचत हुई है. जैसा कि हमने आज एआई इम्पैक्ट समिट में घोषणा की, हमने नैस्डैक में सूचीबद्ध अमेरिकी कंपनी अराइव एआई के साथ एक समझौता किया है. हम आवासीय टाउनशिप या व्यावसायिक परिसरों में उनका अराइव पॉइंट, एक स्मार्ट मेलबॉक्स सिस्टम स्थापित करते हैं, जहां ड्रोन स्वचालित रूप से पैकेज डिलीवर करता है."
आगे उन्होंने कहा कि "तीसरी कंपनी जिसके साथ हमने सहयोग किया है, वह ऑटोनॉमी है, एक अमेरिकी कंपनी जिसने एक स्वायत्त रोवर विकसित किया है जो स्वचालित रूप से शिपमेंट को उसके आगमन बिंदु से प्राप्त करता है और उसे उपभोक्ता के दरवाजे तक पहुंचाता है. उपभोक्ता अपना ओटीपी दर्ज कर स्वचालित रूप से शिपमेंट प्राप्त कर सकते हैं. भविष्य में, हम इसे गुरुग्राम के हर स्थान, हर क्षेत्र में ले जाएंगे, और जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा, भारत इसके लिए तैयार है."