Begin typing your search...

ट्रिप बनी ट्रॉमा! जेल जैसा खाना और 36 रहे डिटेन; कौन हैं यूट्यूबर सचिन अवस्थी, जिनके लिए कोरिया जाना बन गया मुसीबत?

सचिन अवस्थी और उनकी पत्नी दीप्तिशिखा मिश्रा को साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड पर 38 घंटे तक रोका गया और महंगा टिकट बुक करने के दबाव में रखा गया.सचिन ने इसे सोशल मीडिया पर जेल जैसा अनुभव बताया है, जहां उन्हें जेल जैसा खाना दिया जा रहा था और वैसा ही बर्ताव हो रहा था.

ट्रिप बनी ट्रॉमा! जेल जैसा खाना और 36 रहे डिटेन; कौन हैं यूट्यूबर सचिन अवस्थी, जिनके लिए कोरिया जाना बन गया मुसीबत?
X
( Image Source:  Instagram- @Isachinawasthi )

Who is Indian Youtuber Sachin Awasthi: भारतीय यूट्यूबर सचिन अवस्थी ने दावा किया है कि उन्हें और उनकी पत्नी दीप्तिशिखा मिश्रा को साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने 38 घंटे तक रोके रखा और देश में प्रवेश नहीं दिया. इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

सचिन ने बताया कि वे दोनों जेजू आइलैंड पर घूमने के लिए बड़ी खुशी के साथ पहुंचे थे, लेकिन एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक लिया गया. उनके मुताबिक, उन्हें बिना किसी साफ वजह से एक होल्डिंग एरिया में ले जाया गया और सिर्फ इंतजार करने को कहा गया. उन्होंने लिखा कि उन्हें 38 घंटे तक बिना किसी जानकारी के हिरासत में रखा गया.

यूट्यूबर ने क्या लगाया आरोप?

यूट्यूबर का आरोप है कि उन्हें जिस जगह रखा गया, वह किसी जेल की तरह थी, न वहां धूप थी और न ही बाहर से कॉन्टैक्ट करने की सुविधा. उन्होंने कहा कि उन्हें 'जेल जैसा खाना' दिया गया और किसी ने यह नहीं बताया कि आगे क्या होने वाला है. सचिन ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने उन पर भारत लौटने के लिए बेहद महंगा टिकट बुक करने का दबाव डाला. उनके मुताबिक, वापसी का टिकट सामान्य कीमत से करीब 10 गुना ज्यादा महंगा पड़ा.

चीन में क्या आई समस्या?

सचिन अवस्थी ने यह भी बताया कि चीन के रास्ते ट्रांजिट के दौरान भी उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि वहां भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार कराया गया, कड़ी निगरानी में रखा गया और फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई.

खाने और पानी की सुविधा सीमित थी और सोने की व्यवस्था बेहद खराब थी. उन्होंने आरोप लगाया कि वॉशरूम जाने के दौरान भी एक पुलिस अधिकारी बॉडीकैम के साथ उनके साथ जाता था. सचिन के मुताबिक, जब उन्हें यह बताया गया कि उन्हें भारत वापस भेजा जाएगा, तब तक वे मानसिक रूप से काफी थक चुके थे.

उन्होंने कहा कि उस समय उनके पास बहस करने की भी ताकत नहीं थी और वे सिर्फ सुरक्षित बाहर निकलना चाहते थे. उन्होंने साफ किया कि वे यह कहानी किसी सहानुभूति या ड्रामा के लिए साझा नहीं कर रहे हैं. उन्होंने माना कि इमिग्रेशन से जुड़े फैसले संबंधित देश का अधिकार होते हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था.

कौन हैं सचिन अवस्थी?

सचिन अवस्थी एक लोकप्रिय भारतीय यूट्यूबर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं. वे खासतौर पर अपने कॉमेडी स्केच, पैरोडी वीडियो और सोशल इश्यूज पर हल्के-फुल्के अंदाज में कमेंट करने के लिए जाने जाते हैं. लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्मे सचिन ने एमबीए की पढ़ाई की है.

उन्हें शुरुआती पहचान उनके 'POV' यानी पॉइंट-ऑफ-व्यू वीडियो से मिली, जिनमें वे रोजमर्रा की भारतीय जिंदगी, परिवार और सामाजिक ट्रेंड्स को हंसी मज़ाक के जरिए दिखाते हैं. बाद में उन्होंने ट्रैवल व्लॉग भी शुरू किए और यूट्यूब व इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों का कैसा है रिएक्शन?

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने हैरानी जताई. कई यूजर्स ने इसे डरावना अनुभव बताया. वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि शायद ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत का पासपोर्ट कमजोर है. हालांकि, एक अन्य यूजर ने इस दावे का खंडन करते हुए लिखा कि इसका पासपोर्ट से कोई संबंध नहीं है, बल्कि जेजू और चीन के इमिग्रेशन व एयरलाइंस का व्यवहार ही समस्या का कारण था.

सचिन ने अपने यूट्यूब व्लॉग में यह भी कहा कि साउथ कोरिया में भारतीय दूतावास से उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल सकी. इस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूतावास को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था और फोन कॉल का जवाब देना चाहिए था.

IndiaIndia News
अगला लेख