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'सिर्फ दर्द', India-US ट्रेड डील पर पवन खेड़ा के बयान को लेकर यूजर्स बोले - किराये का टट्टू

भारत अमेरिका ट्रेड डील पर पवन खेड़ा के बयान से सियासी घमासान मच गया है. सोशल मीडिया पर उन्हें ‘किराये का टट्टू’ बताया जा रहा है. वहीं, BJP ने बताया उनके बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है.

Pawan Khera India US Trade Deal
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( Image Source:  ANI )

इंडिया यूएस ट्रेड डील पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस समझौते को “सिर्फ दर्द, कोई फायदा नहीं” बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान को देश की छवि से जोड़ते हुए पलटवार किया है. सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है.

पवन खेड़ा ने ट्रेड डील पर क्या कहा?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 6 फरवरी 2026 को इंडिया यूएस (India-उस) अंतरिम ट्रेड डील की आलोचना करते हुए इसे “रणनीतिक गलती” करार दिया. उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत को तत्काल कोई फायदा नहीं मिला, बल्कि नुकसान की आशंका बढ़ गई है. पवन खेड़ा ने तर्क दिया कि भारत ने जल्दबाजी में अमेरिकी इंडस्ट्रियल और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम कर दिए, जबकि दूसरे देश जैसे ब्राजील ने इंतजार कर बेहतर सौदे की रणनीति अपनाई.

US फैसले के बाद क्या बदला समीकरण?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप के टैरिफ अमान्य हो गए, जिससे भारत पर टैरिफ स्ट्रक्चर बदल गया. अब भारत को पहले के 3.4% MFN रेट की बजाय करीब 18.4% तक का टैरिफ बोझ झेलना पड़ सकता है. हालांकि, जारी बातचीत के जरिए इसे 15% तक एडजस्ट करने की संभावना जताई जा रही है. यह पूरा घटनाक्रम भारत-अमेरिका ट्रेड रिश्तों में अस्थिरता और रणनीतिक चुनौतियों को दिखाता है.

AI समिट और यूथ कांग्रेस प्रदर्शन पर क्या बोले खेड़ा?

पवन खेड़ा ने इंडियन यूथ कांग्रेस के AI समिट में हुए शर्टलेस प्रदर्शन का बचाव भी किया. उन्होंने कहा कि यह विरोध देश के बेरोजगार युवाओं के गुस्से की आवाज है. खेड़ा ने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शन हमेशा वहीं होता है जहां वह दिखे और असर डाले. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि “देश में छिपाई जा रही दरारों को अब युवा उजागर कर रहे हैं.”

BJP का रिएक्शन क्या है?

BJP ने इस बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाते हैं. BJP ने इसे “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा और कहा कि विपक्ष को राष्ट्रीय हितों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने केवल शर्ट लेस प्रोटेस्ट नहीं किया है बल्कि उन्होंने बताया है कि वे शेमलैस, टेस्टलैस और ब्रेनलैस हैं. आज इसी कारण पूरे देश की जनता इन्हें काले झंडे दिखा रही है. सभी कह रहे हैं कि इन्होंने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह भारत विरोधी है. ये लोग भाजपा विरोध में उतरते-उतरते देश विरोध में उतर जाते हैं. इन्होंने पूरी दुनिया के सामने भारत को बदनाम करने की चेष्टा की है.

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने क्या कहा?

इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया. कुछ यूजर्स ने खेड़ा के बयान को सरकार पर “सीधा और सटीक हमला” बताया. वहीं, कई यूजर्स ने इसे “गैर-जिम्मेदार बयानबाजी” कहा है. कुछ प्रतिक्रियाओं में तीखा व्यंग्य भी देखने को मिला, जहां यूजर्स ने व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हुए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है.

सोशल मीडिया यूजर पृथ्वी राज सूद ने पवन खेड़ा के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि किसी ने सही कहा, 'ये किराए का टट्टू है.' वहीं, प्राउड इंडियन ने लिखा कि इसका खुद का कुछ नहीं हो रहा कांग्रेस में. @Greenexhibit ने अपने रिएक्शन में बताया है कि कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबी टट्टू हैं.

वहीं कुछ यूजर्स बोले, “सही कहा, सरकार पर सीधा हमला.” दूसरे यूजर्स ने कहा, “ऐसे शब्द देश की गरिमा के खिलाफ हैं.” कई लोगों ने इसे सिर्फ चुनावी बयानबाजी बताया.

क्या है इस विवाद का बड़ा राजनीतिक संदेश?

इंडिया यूएस ट्रेड डील अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है. एक तरफ विपक्ष इसे सरकार की कूटनीतिक कमजोरी बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बयानबाजी करार दे रहा है. साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और ज्यादा गरमाने वाला है.

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