Aaj ki Taaza Khabar: भागे क्यों....? लूथरा ब्रदर्स को कोर्ट लाए जाने के बाद मीडिया ने सवाल ऐसे दिया जवाब- पढ़ें 16 दिसंबर की बड़ी खबरें

( Image Source:  ANI )
By :  नवनीत कुमार
Updated On : 16 Dec 2025 8:59 PM IST

Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. मंगलवार 16 दिसंबर 2025 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्‍या-क्‍या खास रहा, साथ ही हर बड़ी खबर को जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.

Live Updates
2025-12-16 15:28 GMT

दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे हादसा: मृतक अशोक अग्रवाल के परिजनों से मिले ओम प्रकाश राजभर

दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर आज सुबह हुए भीषण हादसे में SBSP बिजनेस सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल की मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी.

परिजनों से मुलाकात के बाद ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “वह निजी काम से लखनऊ आ रहे थे… उनका लखनऊ आना-जाना अक्सर लगा रहता था… इस दुख की घड़ी में SBSP और पूरी सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है…” राजभर ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी और सरकार इस अपूरणीय क्षति में पीड़ित परिवार का साथ नहीं छोड़ेगी.

2025-12-16 13:56 GMT

भागे क्यों....? लूथरा ब्रदर्स को कोर्ट लाए जाने के बाद मीडिया ने सवाल ऐसे दिया जवाब- वीडियो

नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को लूथरा ब्रदर्स- गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा—को गोवा पुलिस ने पेश किया. दोनों को थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है, जिसके बाद एयरपोर्ट पर ही गोवा पुलिस की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

कोर्ट लाए जाने के दौरान जब मीडिया ने गौरव लूथरा से पूछा कि क्या उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा है और वे भारत से क्यों फरार हुए थे, तो उन्होंने सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय हाथ जोड़ लिए. इस दौरान दोनों भाई भारी पुलिस सुरक्षा में नजर आए.

बताया जा रहा है कि गौरव और सौरभ लूथरा के खिलाफ गोवा में दर्ज मामलों के सिलसिले में कार्रवाई की गई है. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चलेगी.

2025-12-16 12:47 GMT

बिहार कैबिनेट की ‘सात निश्चय-3’ को मंजूरी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बोले– युवाओं को देंगे दोगुनी नौकरियां

बिहार कैबिनेट द्वारा ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बिहार के विकास और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. सम्राट चौधरी ने कहा, “हमें बिहार के लिए काम करना है. हम बिहार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना चाहते हैं. पिछली बार हमने बिहार के 50 लाख युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी दी थी. हमारा लक्ष्य इस संख्या को दोगुना करना है. कृषि क्षेत्र में इस समय 14 रोडमैप पर काम चल रहा है और हम उन्हें और आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं. साथ ही उद्योगों का एक मजबूत नेटवर्क खड़ा किया जाएगा और अधूरी पड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा. यही बिहार सरकार का उद्देश्य है.”

2025-12-16 11:52 GMT

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा, दो दिवसीय राजकीय दौरे पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के निमंत्रण पर दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया का पहला आधिकारिक दौरा है, जिसे भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

2025-12-16 11:47 GMT

तिरुपरनकुंड्रम दीप प्रज्वलन मामले पर मद्रास हाईकोर्ट (मदुरै बेंच) की टिप्पणी

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के जस्टिस जयचंद्रन ने तिरुपरनकुंड्रम में दीप प्रज्वलन को लेकर चल रहे विवाद पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि दीप प्रज्वलन के लिए पहले जो स्थान तय किया गया था, उसके बजाय किसी अन्य स्थान की पहचान की गई है और इसमें स्पष्ट अंतर है.

जस्टिस जयचंद्रन ने कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश के अनुसार, दीप प्रज्वलन को सामान्य स्थान के अलावा कहीं और स्थानांतरित करना प्रशासनिक अधिकारियों के विवेक पर छोड़ दिया गया है. इसके बाद एक विशेष स्थान को लेकर एक अभ्यावेदन दिया गया, जिसे और विस्तार से रखा गया, और उसी के आधार पर न्यायाधीश ने आदेश पारित किया.

हालांकि, अब देवस्थानम (मंदिर प्रशासन) का कहना है कि प्रस्तावित स्थान उपयुक्त नहीं है. वहीं राज्य सरकार ने आशंका जताई है कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मामले में यह भी कहा जा रहा है कि विवादित स्थान को लेकर मतभेद हैं. कुछ का कहना है कि वह सर्वे स्टोन है, जबकि अन्य पक्ष उसे मस्जिद से संबंधित भूमि बता रहे हैं.

इसके अलावा, अदालत के समक्ष तीन न्यायाधीशों की पीठ के एक आदेश का भी हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया है कि इस प्रकार के मामलों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से अनुमति लेना आवश्यक है. इस टिप्पणी के साथ अदालत ने संकेत दिया कि दीप प्रज्वलन के स्थान को लेकर अंतिम निर्णय सभी संबंधित पहलुओं -उपयुक्तता, कानून-व्यवस्था और वैधानिक अनुमति को ध्यान में रखते हुए लिया जाना चाहिए.

2025-12-16 10:59 GMT

मसाला बॉन्ड मामले में KIIFB को बड़ी राहत, ED के शो-कॉज नोटिस पर केरल हाईकोर्ट की अंतरिम रोक

केरल हाईकोर्ट ने मसाला बॉन्ड के जरिए जुटाए गए फंड के उपयोग से जुड़े मामले में केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) को बड़ी राहत दी है. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जारी शो-कॉज नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है. यह अंतरिम आदेश KIIFB की उस याचिका पर पारित किया गया, जिसमें उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी. मामला रुपये में जारी किए गए बॉन्ड, जिन्हें मसाला बॉन्ड कहा जाता है, से जुटाए गए धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है.

ED की कार्रवाई को चुनौती

KIIFB ने 27 जून 2025 को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष दायर शिकायत और उसके आधार पर जारी शो-कॉज नोटिस को रद्द करने की मांग की है. यह नोटिस FEMA की धारा 13 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित करता है. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि KIIFB ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) से जुड़ी गाइडलाइंस का उल्लंघन किया. ED के अनुसार, मसाला बॉन्ड से जुटाई गई राशि का उपयोग जमीन अधिग्रहण के लिए किया गया, जिसे निषिद्ध उपयोग (Prohibited End Use) की श्रेणी में रखा गया है. एजेंसी का दावा है कि यह रियल एस्टेट गतिविधि या भूमि खरीद के समान है, जो नियमों के खिलाफ है.

2025-12-16 10:22 GMT

दिल्ली में BS-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री बंद, AI-आधारित कैमरा तकनीक से होगी कड़ी निगरानी

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. अब राजधानी में BS-6 मानकों से नीचे के वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है. इस फैसले को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरा तकनीक की मदद ली जाएगी, जिससे हर वाहन की स्वत: पहचान कर नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी.

2025-12-16 10:12 GMT

‘सरकार कितना नीचे गिरेगी?’ VB–G राम जी बिल पर महुआ मोइत्रा का तीखा हमला

लोकसभा में VB–G राम जी बिल को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा है. महुआ मोइत्रा ने कहा, “यह सरकार और कितना नीचे गिरेगी? यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है. गांधी जी राम राज्य चाहते थे, लेकिन वह ‘G-Ram-G’ नहीं था, जैसा यह सरकार सोच रही है.” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने भगवान राम के नाम को भी बदनाम किया है. महुआ मोइत्रा के इस बयान से बिल को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है, जहां विपक्ष इसे विचारधारा और प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ बता रहा है, वहीं सरकार के समर्थक इसे परंपरा और संस्कृति से जोड़कर देख रहे हैं.

2025-12-16 09:19 GMT

कोलकाता में मेसी इवेंट की अव्यवस्था पर खेल मंत्री अरूप बिस्वास का इस्तीफा

कोलकाता में फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था के बाद पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मेसी के नाम पर आयोजित इस इवेंट में भारी भीड़, अव्यवस्थित प्रबंधन और सुरक्षा में चूक को लेकर सरकार पर सवाल उठे थे. घटना के बाद विपक्ष और खेल जगत से लगातार आलोचना हो रही थी. बढ़ते दबाव के बीच अरूप बिस्वास ने जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि सरकार की ओर से आगे की जांच और कार्यक्रम में हुई चूक की जिम्मेदारी तय करने को लेकर विस्तृत बयान का इंतजार है.

2025-12-16 08:46 GMT

पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, SIR के तहत कार्रवाई

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने मंगलवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची जारी की. CEO कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2026 की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कुल 58,20,898 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. यह संख्या 58 लाख से अधिक, यानी करीब 5.8 मिलियन मतदाताओं की है.

बताया गया है कि ये नाम मृत्यु, स्थान परिवर्तन, डुप्लीकेशन, मतदाताओं के लापता होने और अन्य प्रशासनिक कारणों के चलते हटाए गए हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आने वाले चुनावों में केवल पात्र मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

Similar News