BJP विधायक देवयानी राणा ने J&K बजट पर साधा निशाना, फिर उमर ने NC विधायकों से क्यों बजवाई मेज?
नगरोटा से पहली बार विधायक बनीं देवयानी राणा ने J&K बजट में आपदा प्रबंधन और शिक्षा मद में कटौती पर सवाल उठाए. आलोचना के बावजूद NC विधायकों ने उनके भाषण की सराहना की.;
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र में उस वक्त दिलचस्प और कुछ हद तक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला, जब नगरोटा से BJP विधायक देवयानी राणा ने 1.13 लाख करोड़ रुपये के बजट पर तीखे सवाल दागे. आपदा प्रबंधन फंड में कटौती, शिक्षा बजट में कमी और कल्याणकारी योजनाओं की खामियों पर सीधे सरकार को घेरा. लेकिन राजनीतिक तल्खी की उम्मीद कर रहे लोगों को उस समय हैरानी हुई, जब उनके भाषण के अंत में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक मेज थपथपाते नजर आए. आखिर विपक्ष की आलोचना पर सत्ता पक्ष की यह सराहना क्यों? क्या यह स्पीकर की अपील का असर था, दिवंगत दविंदर सिंह राणा के प्रति सम्मान, या फिर उमर अब्दुल्ला की ओर से सदन में एक अलग राजनीतिक संदेश? यही सवाल इस पूरे घटनाक्रम को महज एक भाषण से आगे बढ़ाकर एक बड़े राजनीतिक संकेत में बदल देता है.
आखिर क्यों चर्चा में हैं देवयानी राणा?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उस वक्त दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब BJP विधायक देवयानी राणा ने 1.13 लाख करोड़ रुपये के बजट पर तीखी आलोचना की, लेकिन सत्ता पक्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक उनकी बातों पर मेज थपथपाते नजर आए. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सदन में दिखी यह सकारात्मक प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई.
कौन हैं देवयानी राणा?
देवयानी राणा नगरोटा विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं। उन्होंने 2025 के उपचुनाव में जीत दर्ज की. वे दिवंगत वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह राणा की बेटी हैं और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की भतीजी भी हैं. UCLA (University of California, Los Angeles) से अर्थशास्त्र में स्नातक देवयानी पहले BJYM जम्मू-कश्मीर की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. यह उनका विधानसभा में पहला भाषण था.
बजट में किन मुद्दों पर उठाए सवाल?
देवयानी राणा ने अपने 12 मिनट के भाषण में खास तौर पर तीन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा. इनमें:
1. आपदा प्रबंधन फंड में कटौती
उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन और राहत के लिए आवंटन 719 करोड़ रुपये से घटाकर 350.76 करोड़ रुपये कर दिया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के बाद यह कटौती क्यों?
2. शिक्षा बजट में कमी
विधायक देवयानी राणा ने कहा कि शिक्षा मद में 193 करोड़ रुपये की कमी भविष्य के लिए खतरे की घंटी है. उन्होंने पूछा, "अगर स्कूलों को मर्ज या बंद किया गया, तो गरीब परिवारों के बच्चों का क्या होगा?"
3. कल्याणकारी योजनाओं की खामियां
विकलांगों के लिए मुफ्त बस सेवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बसों में दिव्यांगों के अनुकूल सुविधाएं ही नहीं हैं.
फिर भी NC विधायकों ने क्यों की सराहना?
- इसके पीछे तीन अहम कारण माने जा रहे हैं. पहला स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से पहली बार विधायक बनी देवयानी को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया था.
- देवयानी के पिता दविंदर सिंह राणा कभी NC के वरिष्ठ नेता और उमर अब्दुल्ला के करीबी सहयोगी रहे थे. बाद में वे BJP में शामिल हुए. उनके निधन के बाद उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में भावुक श्रद्धांजलि दी थी.
- नगरोटा उपचुनाव में NC ने उनके खिलाफ आक्रामक प्रचार नहीं किया. खुद उमर अब्दुल्ला ने भी व्यक्तिगत टिप्पणी से परहेज किया.
राजनीतिक संकेत क्या हैं?
विश्लेषकों के मुताबिक, यह घटना J&K की राजनीति में बदलते संवाद की ओर इशारा करती है, जहां एक तरफ BJP विधायक ने सख्त सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का प्रदर्शन किया.
विधानसभा में देवयानी राणा की सक्रिय शुरुआत
अपने पहले ही भाषण में आंकड़ों और तथ्यों के साथ तैयारी दिखाते हुए देवयानी राणा ने संकेत दे दिया कि वे केवल विरासत के आधार पर राजनीति में नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं. देवयानी राणा का पहला विधानसभा भाषण सिर्फ बजट आलोचना तक सीमित नहीं रहा. यह जम्मू-कश्मीर की राजनीति में संवाद, विरासत और लोकतांत्रिक शालीनता का एक दिलचस्प उदाहरण बन गया.