रिटायरमेंट के बाद क्या कमेंट्री करेंगे धोनी? MSD ने कर दिया खुलासा; कोहली-रोहित पर दिया चौंकाने वाला बयान
एमएस धोनी ने रोहित शर्मा और विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह योग्य बताया. उनका मानना है कि उम्र नहीं, फॉर्म और फिटनेस ही चयन का आधार होना चाहिए.;
2019 वर्ल्ड कप के दौरान धोनी, रोहित और विराट
(Image Source: ANI )MS Dhoni on Rohit Sharma Virat Kohli: पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी टीम इंडिया को लेकर सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन में खुलकर बात की है. धोनी का साफ कहना है कि किसी खिलाड़ी का भविष्य उसकी उम्र से नहीं, बल्कि फॉर्म और फिटनेस से तय होना चाहिए. हाल के दिनों में रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या 30 की उम्र पार कर चुके खिलाड़ी 2027 वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा रह पाएंगे. इसी बीच धोनी का बयान काफी अहम माना जा रहा है.
एक हालिया कार्यक्रम में धोनी ने कहा, “क्यों नहीं? कोई खिलाड़ी अगला वर्ल्ड कप क्यों नहीं खेल सकता? मेरे लिए उम्र कोई पैमाना नहीं है. प्रदर्शन और फिटनेस ही असली पैमाने हैं.”
धोनी ने क्या कहा?
धोनी ने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ उम्र के आंकड़े देखकर खिलाड़ियों को बाहर करने की सोच गलत है. उन्होंने कहा, “अगर कोई 22 साल का है लेकिन फिट नहीं है, तो वो भी इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सकता. फिटनेस सबके लिए जरूरी है.” पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि टीम में अनुभव अपने आप नहीं आ जाता, उसे सालों के दबाव भरे मुकाबलों से कमाया जाता है. उन्होंने कहा, “आप किसी 20 साल के खिलाड़ी को अचानक अनुभवी नहीं बना सकते, जब तक वो सचिन तेंदुलकर जैसा खास न हो.”
क्या सीनियर खिलाड़ियों को उम्र के आधार पर बाहर करना सही है?
धोनी के मुताबिक, अगर सीनियर खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और देश के लिए खेलने की भूख रखते हैं, तो उन्हें टीम से बाहर करने का कोई कारण नहीं बनता. उन्होंने कहा, “अगर प्रदर्शन है तो खिलाड़ी रहेगा, नहीं है तो बाहर होगा. फिट नहीं है तो उसे हटाया जा सकता है.”
रोहित-विराट का हालिया वनडे प्रदर्शन कैसा रहा?
धोनी का बयान ऐसे समय आया है जब रोहित शर्मा और विराट कोहली वनडे क्रिकेट में शानदार फॉर्म में हैं. विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद 9 मैचों में 88 की औसत से 616 रन बनाए हैं. वहीं, रोहित शर्मा ने 51 की औसत से 409 रन बनाए हैं. भारत की अगली वनडे सीरीज़ जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर होनी है. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप तक सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका पर बहस और तेज हो गई है.
क्या रिटायरमेंट के बाद कमेंट्री करेंगे धोनी?
इस बातचीत में धोनी ने यह भी साफ कर दिया कि वो रिटायरमेंट के बाद कमेंट्री बॉक्स में जाने के मूड में नहीं हैं. स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू से बातचीत में धोनी ने कहा, “कमेंट्री बहुत मुश्किल काम है. खेल को समझाने और किसी खिलाड़ी की आलोचना करने के बीच बहुत बारीक लाइन होती है.” धोनी का मानना है कि कई बार कमेंटेटर अनजाने में किसी खिलाड़ी को टारगेट कर बैठते हैं, जबकि हार के पीछे कई वजहें होती हैं. उन्होंने कहा, “उन वजहों को इस तरह बताना एक कला है कि किसी को बुरा न लगे.”
क्या धोनी को स्टैट्स याद नहीं रहते?
धोनी ने हंसते हुए कबूला कि वो आंकड़ों के मामले में कमजोर हैं. उन्होंने कहा, “मुझे स्टैट्स याद नहीं रहते. कई लोग ऐसे हैं जिन्हें हर खिलाड़ी के आंकड़े रटे होते हैं, मैं वैसा नहीं हूं.”
क्या धोनी को फोन पर बातचीत करना पसंद है?
धोनी ने खुद को एक अच्छा श्रोता बताया और कहा कि वो बोलने से ज्यादा सुनने में यकीन रखते हैं. उन्होंने कहा, “अगर मुझे किसी विषय की जानकारी नहीं होती, तो मैं बोलता नहीं, सिर्फ सुनता हूं.” फोन पर बातचीत को लेकर धोनी ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, “मैं फोन पर बात करने में बहुत अजीब हो जाता हूं. सामने बैठकर बात करना मुझे ज्यादा पसंद है… और अच्छा है कि मैं इसमें अब तक सुधर नहीं पाया.”