सौरव गांगुली ने 2000 के मैच फिक्सिंग कांड के बाद बिखरी हुई भारतीय क्रिकेट टीम को दोबारा खड़ा किया. सहवाग के लिए ओपनिंग छोड़ना हो या धोनी, युवराज, हरभजन और कुंबले जैसे खिलाड़ियों के लिए सेलेक्टर्स और BCCI से टकराना, गांगुली ने हमेशा टीम को खुद से ऊपर रखा. दादा की यही सोच और साहस आगे चलकर 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम की नींव बना.