Dehradun: आर्मी अफसर के बेटे की हत्या, मुठभेड़ में आरोपियों के पैरों पर मारी गोली; जानें अब तक का अपडेट
देहरादून में आर्मी ऑफिसर के बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इन दोनों के पैरों पर गोली मारी गई है.
देहरादून में गैस एजेंसी संचालक की हत्या से पूरा शहर सहमा हुआ है. अब इस मामले में गुरुवार सुबह पुलिस और आरोपियों के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ हुई है. पुलिस ने हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दरअसल, देहरादून की तिब्बती मार्केट के बाहर स्कूटी सवार बदमाशों ने भारत गैस एजेंसी के संचालक अर्जुन शर्मा को गोली मार दी थी. पुलिस के मुताबिक, अर्जुन शर्मा की उम्र 40 से 42 वर्ष के बीच बताई गई है. घटना के बाद जिले में व्यापक स्तर पर नाकेबंदी और सघन जांच अभियान चलाया गया था
कैसे हुई हत्यारों और पुलिस के बीच मुठभेड़?
सीनियर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चेकिंग अभियान तेज किया गया. रायपुर क्षेत्र के लाडपुर में नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध को रोकने की कोशिश की गई. इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया.
दूसरी मुठभेड़ लालतप्पड़ इलाके में हुई. यहां स्कूटी सवार एक अन्य आरोपी को रोकने की कोशिश की तो वह भागकर एक खंडहरनुमा फैक्टरी में घुस गया और वहां से पुलिस पर गोली चलाई. पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में भी गोली लगी. उसे भी गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
देहरादून पुलिस ने क्या कहा?
देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव राणा और पंकज राणा के रूप में हुई है, जो आपस में भाई हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में अर्जुन शर्मा की हत्या करना स्वीकार किया है. हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए उनसे पूछताछ जारी है.
बदमाशों के पास से क्या बरमाद हुआ है?
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली है. मामले में आगे की जांच की जा रही है.
गिरफ्तार किए गए बदमाश कौन थे?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने दावा किया है कि हत्या के लिए 12 से 15 लाख रुपये के बीच सौदा तय हुआ था. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी. सूत्र यह भी बताते हैं कि राजू राणा ई-रिक्शा चलाने का काम करता है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. वर्ष 1997 में वह अपने सौतेले पिता की हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है.
कौन थे अर्जुन शर्मा?
अर्जुन शर्मा सिर्फ एक कारोबारी नहीं थे, बल्कि एक शहीद परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनके पिता कर्नल आरसी शर्मा वर्ष 1986 में मेरठ में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे. पिता की शहादत के बाद सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित की थी. समय के साथ इस एजेंसी का संचालन उनके बेटे अर्जुन शर्मा ने संभाल लिया और वही इसका कामकाज देख रहे थे.
बुधवार की सुबह भी अर्जुन का दिन सामान्य तरीके से शुरू हुआ था. सुबह करीब 10:30 बजे वह परेड ग्राउंड में टेनिस खेलकर लौट रहे थे. घर जाने से पहले उन्होंने तिब्बती मार्केट के पास रुककर फल खरीदे. इसके बाद वह अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे. उसी दौरान उन पर हमला हुआ और उन्हें गोली मार दी गई.





