दीपक कुमार को मोहम्मद दीपक बनना पड़ गया भारी, जिम में मेंबर 150 से घटकर हुए 15
दीपक कुमार को मोहम्मद दीपक बनना भारी पड़ गया है. इंसानित के साथ खड़ा होने की उसे सज़ा ये मिली है कि उसके जिम के मेंबर 150 से घटकर 15 हो गए हैं.
Uttarakhand Deepak Kumar Case: उत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले दीपक कुमार की ज़िंदगी कुछ ही दिनों में पूरी तरह बदल गई. एक 70 साल के मुस्लिम बुज़ुर्ग के पक्ष में खड़े होने की कीमत उन्हें अपने जिम के लगभग सभी मेंबर्स को खोकर चुकानी पड़ी. जिस हल्क जिम में कभी रोज़ाना 150 लोग एक्सरसाइज़ करने आते थे, वहां अब दिनभर में मुश्किल से 15 लोग ही पहुंच रहे हैं.
38 साल के दीपक कुमार कोटद्वार में एक किराए की इमारत में हुल्क जिम चलाते हैं. उनका कहना है कि जिम का किराया हर महीने 40 हजार रुपये है और उनके परिवार की आय का यही एकमात्र जरिया है. हाल ही में उन्होंने अपना घर बनवाया है, जिसकी 16 हजार रुपये की मासिक किस्त भी चल रही है.
क्या है पूरा मामला?
मामला 26 जनवरी का है. उस दिन कुछ लोग 70 साल के मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे थे, जो पार्किंसन बीमारी से पीड़ित हैं. वे उनसे अपनी दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाने को कह रहे थे. दीपक ने जब यह देखा तो उन्होंने बीच में हस्तक्षेप किया और बुज़ुर्ग का बचाव किया.
इसी दौरान जब भीड़ ने उनसे नाम पूछा, तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जहां एक तरफ लोगों ने उनके साहस की सराहना की, वहीं दूसरी ओर उन्हें अनचाही मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा.
31 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े कई लोग दीपक का सामना करने के लिए इकट्ठा हुए, हालांकि पुलिस ने समय रहते हालात को संभाल लिया. इसके बाद से ही शहर का माहौल बदल गया. दीपक का कहना है कि कोटद्वार अब दो हिस्सों में बंट गया है. आधा शहर उनके साथ है और अच्छे कामों के लिए लोग ताली नहीं बजाते. लेकिन, सच्चाई की एक कीमत होती है.
दीपक के जिम पर क्या पड़ा असर?
इस पूरे विवाद का सीधा असर उनके जिम पर पड़ा. दीपक बताते हैं कि लोग डरे हुए हैं और वह उनकी मजबूरी समझते हैं. जिम एक पूरे फ्लोर में चलता है, जिसका किराया 40 हजार रुपये है. घर में कमाने वाला सिर्फ वही हैं.
किस नेता ने ली दीपक के जिम की मेंबरशिप?
रविवार को राज्यसभा में सीपीआई (एम) के संसदीय दल के नेता और सांसद जॉन ब्रिटास कोटद्वार पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने दीपक के जिम की मेंबरशिप ली और साथ ही बारा ड्रेस के मालिक से मुलाकात भी की.
इस पूरे मामले को लेकर दीपक का कहना है कि उन्हें नहीं लगता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है. बाहर लोग उनके इस काम का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन, शहर के लोग अभी भी पूरी तरह साथ नहीं आए हैं. हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने दीपक को सुरक्षा मुहैया कराई है और शहर में अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है. एक आम इंसान का इंसाफ के लिए उठाया गया कदम आज उसके लिए मुश्किलों का कारण बन गया है, लेकिन उसकी उम्मीद अब भी कायम है.





