क्या गंगा एक्सप्रेसवे की तुलना में ट्रेन से मेरठ से प्रयागराज तक पहुंचना होगा सस्ता? जानें क्यों उठ रहे सवाल
PM Modi ने 29 अप्रैल को Ganga Expressway का उद्घाटन किया, जिसके बाद से इसकी लागत और फायदे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. खासकर Meerut से Prayagraj के बीच यात्रा को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रेन से सफर करना ज्यादा सस्ता है.
वंदे भारत एक्सप्रेसवे
Ganga Expressway vs Train, Is Meerut to Prayagraj Travel Cheaper by Rail? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. शुरुआती 15 दिन यानी 13 मई तक सफर पूरी तरह टोल फ्री है. गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. हालांकि, यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या ट्रेन से मेरठ से प्रयागराज तक पहुंचना एक्सप्रेसवे की तुलना में सस्ता होगा.
दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मेरठ से प्रयागराज तक ट्रेन से जाना सस्ता पड़ेगा, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज जाने में 1800 का टोल टैक्स और 4 हज़ार का Fuel खर्च मिलाने से खर्च 5800 रुपये पड़ता है, जबकि समय दोनों में लगभग बराबर लगेगा तो ट्रेन बेहतर है या गंगा एक्सप्रेस वे?
क्या गंगा एक्सप्रेसवे की तुलना में ट्रेन से सफर करना होगा होगा सस्ता?
अगर आप अकेले सफर करते हैं तो गंगा एक्सप्रेसवे की तुलना में ट्रेन से मेरठ से प्रयागराज तक पहुंचना अधिक सस्ता होगा. एक्सप्रेसवे का टोल और निजी वाहन का ईंधन खर्च ट्रेन के किराए की तुलना में काफी ज्यादा है. गंगा एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा में लगने वाला समय तो आधा हो गया है, लेकिन टोल दरों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि काफी ज्यादा टोल टैक्स लग रहा है.
1. गंगा एक्सप्रेसवे: कार/निजी वाहन (सफर महंगा)
- दूरी: 594 किमी (मेरठ से प्रयागराज)
- समय: 6 से 7 घंटे (पहले 12-14 घंटे)
- अनुमानित टोल: कार के लिए एक तरफ का टोल लगभग ₹1,500 से ₹1,800 के बीच है.
- कुल खर्च (टोल + ईंधन): यदि आप अपनी कार से जाते हैं, तो टोल और ईंधन मिलाकर कुल खर्च ₹3,500-₹4,500 से ऊपर जा सकता है.
- टोल दर: कार, जीप और वैन के लिए प्रति किमी दर ₹2.55 तय की गई है.
2. ट्रेन: (सफर सस्ता)
- समय: ट्रेनें आमतौर पर 10-14 घंटे लेती हैं (जैसे संगम एक्सप्रेस).
- किराया: स्लीपर क्लास (SL): लगभग ₹380 - ₹400, थर्ड एसी (3A): लगभग ₹1000 - ₹1200, सेकंड एसी (2A): लगभग ₹1400 - ₹1500.
- कुल मिलाकर एक व्यक्ति के लिए ट्रेन का किराया कार के टोल से भी काफी कम है.
सवाल क्यों उठ रहे हैं?
- भारी टोल शुल्क: आम नागरिक और वकील यह सवाल उठा रहे हैं कि 6 घंटे में सफर तो होगा, लेकिन टोल के रूप में जेब पर 1,500 रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
- हाई कोर्ट बेंच की मांग: पश्चिम यूपी के लोगों को हाई कोर्ट (प्रयागराज) जाने के लिए इतनी महंगी यात्रा करनी होगी. इसलिए हाई कोर्ट बेंच की मांग और तेज हो गई है.
- आम आदमी की पहुंच: यह एक्सप्रेसवे समय तो बचाएगा, लेकिन सस्ता सफर नहीं है.
30 अप्रैल 2026 से टोल वसूली शुरू होने के बाद, सरकार ने 15 दिनों के लिए एक्सप्रेसवे को टोल-मुक्त रखने का फैसला किया है, लेकिन उसके बाद यह महंगा सफर होगा. इसलिए समय बचाना है तो गंगा एक्सप्रेसवे (6 घंटे) से जाएं, लेकिन अगर पैसा बचाना है तो ट्रेन (10-14 घंटे) को चुनें.
गंगा एक्सप्रेसवे की खास बातें
गंगा एक्सप्रेसवे पर 'जितना चलेंगे उतना देंगे' (Closed Toll System) लागू है, यानी आपसे केवल तय की गई दूरी का ही पैसा लिया जाएगा. यदि आप 24 घंटे के भीतर वापस लौटते हैं, तो वापसी के सफर पर 20% की छूट का लाभ लिया जा सकता है. टोल का भुगतान केवल FASTag के माध्यम से ही किया जाएगा. स्थानीय निवासियों और महीने में 20 से अधिक बार यात्रा करने वालों के लिए विशेष रियायती पास की सुविधा भी उपलब्ध है.




