Ganga Expressway: मेरठ से प्रयागराज तक, 594 KM लंबा-12 जिले, ऐसा है गंगा एक्सप्रेसवे, इतना लगेगा टोल
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी सड़क प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी को सुपरफास्ट कनेक्टिविटी से जोड़ देगा. 12 जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा का समय कम करेगा.
उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच गंगा एक्सप्रेसवे सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से जोड़ने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा.
जहां अभी इस यात्रा में लगभग 11 से 12 घंटे लगते हैं, वहीं गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यह परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित की जा रही है. इसे आधुनिक तकनीक, हाई-स्पीड ट्रैफिक सिस्टम और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है.
गंगा एक्सप्रेसवे क्या है?
गंगा एक्सप्रेसवे एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना है. ग्रीनफील्ड का मतलब है कि इसे पूरी तरह नई जमीन पर शुरू से तैयार किया जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा होगा और शुरुआत में इसे 6 लेन का बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 8 लेन किया जा सकेगा. यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बिजौली गांव से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगा.
किन जिलों से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे?
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों को जोड़ेगा. इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल है. यह एक्सप्रेसवे लगभग 518 गांवों को भी सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से बेहतर कनेक्टिविटी देगा.
गंगा एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं
- इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है. इससे लंबी दूरी की यात्रा काफी तेज और आरामदायक होगी.
- शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई जा रही है. इसका उपयोग भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट
- हेलीकॉप्टर और आपातकालीन सैन्य ऑपरेशन के लिए किया जा सकेगा. IAF ने 2025 में यहां सफल लैंडिंग ट्रायल भी किए थे.
- इस परियोजना में गंगा नदी पर 960 मीटर लंबा पुल, रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल, 18 फ्लाईओवर, 8 रोड ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं.
कितने होंगे टोल प्लाजा?
गंगा एक्सप्रेसवे पर 2 मुख्य टोल प्लाजा होंगे. वहीं, 15 रैंप प्लाजा. साथ ही यात्रियों के लिए फूड कोर्ट, वॉशरूम, पार्किंग, फ्यूल स्टेशन जैसी सुविधाओं वाले 9 कन्वीनियंस कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरें
अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन और टोल सिस्टम की टेस्टिंग पहले ही पूरी कर ली है. हालांकि अभी टोल की आधिकारिक दरें घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन अनुमान है कि कारों से करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लिया जा सकता है. ऐसे में पूरे एक्सप्रेसवे पर एक तरफ की यात्रा के लिए कार चालकों को लगभग 1,515 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं. वहीं छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए यह शुल्क करीब 2,405 रुपये और बसों व ट्रकों के लिए लगभग 4,840 रुपये तक हो सकता है.
कार/वैन
- वन-वे: ₹145
- रिटर्न: ₹200
बस/ट्रक
- वन-वे: ₹455
- रिटर्न: ₹685
लाइट कमर्शियल व्हीकल
- वन-वे: ₹225
कौन-कौन से गाड़ियां चलेंगी?
इस एक्सप्रेसवे पर:
- कार
- बस
- ट्रक
- वैन
- जीप
- कमर्शियल गाड़ी
किन एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा?
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के अन्य बड़े एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा:
- यमुना एक्सप्रेसवे
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- इससे पूरे राज्य में एक मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार होगा.




