बंगाल में सिंघम vs पुष्पा: कायदे से इलाज का जवाब खेल हम खत्म करेंगे से, IPS अजय शर्मा के सामने जहांगीर में कितना जोश
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच तीखी जुबानी टक्कर देखने को मिली. अधिकारी की सख्त चेतावनी के बाद जहांगीर खान ने पलटवार करते हुए फिल्मी अंदाज़ में जवाब दिया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले सियासत का पारा चरम पर पहुंच गया है. 29 अप्रैल को होने वाले वोटिंग से पहले बयानबाजी और टकराव ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है. इस बार मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि छवि और चुनौती के बीच भी बनता नजर आ रहा है.
एक तरफ सख्त तेवरों वाले IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा हैं, जिन्हें ‘सिंघम’ के नाम से जाना जा रहा है, तो दूसरी ओर जहांगीर ने खुद को ‘पुष्पा’ बताकर मैदान में डटे हुए हैं. इस दिलचस्प टकराव ने चुनावी जंग को फिल्मी अंदाज दे दिया है, जहां डायलॉग और चुनौती नजर आ रहा है.
सिंघम अजय पाल शर्मा के तेवर
वो सिंघम तो हम पुष्पा: जहांगीर खान
'वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं, झुकूंगा नहीं.'
IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा के खुलेआम ऐलान के बाद टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं, झुकूंगा नहीं.' उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और एक राजनीतिक दल के पक्ष में झुकाव दिखाई दे रहा है. उनका कहना था कि अगर पुलिस पर्यवेक्षक को कोई जानकारी चाहिए होती, तो वे स्थानीय एसपी से ले सकते थे, लेकिन इसके बजाय सीधे दबाव बनाने और धमकी जैसा माहौल बनाने की कोशिश की गई, जो उचित नहीं है.
पश्चिम बंगाल में IPS अजय पाल शर्मा के खिलाफ टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाज़ी करते हुए अपना आक्रोश जताया. वहीं दूसरी ओर, अजय पाल शर्मा के नेतृत्व में केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया, जिससे इलाके में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.
क्या है पूरा विवाद?
पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के फल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा के दौरे के बाद विवाद खड़ा हो गया. स्थानीय शिकायतों के आधार पर उन्होंने SSB, FST और QRT के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें आरोप था कि टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के पक्ष में वोटरों पर दबाव बनाया जा रहा है. जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी भी सामने आई. वहीं, जहांगीर खान ने सभी आरोपों को नकारते हुए शर्मा पर अधिकार से बाहर जाकर कार्रवाई और परिवार को धमकाने का आरोप लगाया. जिसके बांद बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले बवाल मचा हुआ है.




