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बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ की एंट्री! कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा, जिनकी तैनाती से गरमाई सियासत?

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती ने सियासत गरमा दी. जानिए 142 सीटों पर क्या हैं नए समीकरण.

बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ की एंट्री! कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा, जिनकी तैनाती से गरमाई सियासत?
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( Image Source:  @SaffronChargers-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Published on: 27 April 2026 11:00 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से ठीक पहले चुनावी माहौल अचानक गरमा गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर पहचान रखने वाले आईपीएस अजय पाल शर्मा की एंट्री ने पूरे राजनीतिक समीकरण को हिला कर रख दिया है. चुनाव आयोग ने उन्हें दक्षिण 24 परगना जैसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल जिले में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर तैनात किया है, जिसे तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है.

पहले चरण में शांतिपूर्ण मतदान और रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब सबकी नजर दूसरे चरण पर टिकी है, जहां 142 सीटों पर मतदान होना है. ऐसे में चुनाव आयोग का यह कदम साफ संकेत देता है कि इस बार किसी भी तरह की हिंसा या धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लेकिन इस फैसले ने सियासी गलियारों में बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

  • 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग
  • दक्षिण 24 परगना को टीएमसी का मजबूत किला माना जाता है
  • चुनाव आयोग ने 11 नए पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किए
  • अजय पाल शर्मा को इसी जिले की जिम्मेदारी दी गई
  • उनके पहुंचते ही एक्शन मोड में नजर आए
  • टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान पर धमकी देने के आरोप
  • मौके पर पहुंचकर अजय पाल शर्मा ने दी सख्त चेतावनी
  • अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी उठाए सवाल

क्या अजय पाल शर्मा ने संभालते ही दिखाया एक्शन?

दक्षिण 24 परगना में तैनाती के बाद अजय पाल शर्मा लगातार संवेदनशील इलाकों का दौरा कर रहे हैं. टीएमसी नेता और उम्मीदवार जहांगीर खान पर वोटरों को डराने-धमकाने के आरोप सामने आए, जिसके बाद शर्मा खुद मौके पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने साफ चेतावनी दी. जहांगीर के वोटरों को धमकाने की खबर सामने आ रही है. इस प्रकार की हरकत हमारी नजर में है. अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी करने की कोशिश की तो हम उसकी अच्छे से खबर लेंगे."

एक अन्य वीडियो में वे कहते दिखे- फिर उसकी खबर फिर अच्छे चलेंगे हम. ये जहांगीर के घर वाले भी खड़े हैं, उसको बता देना कायदे से. ये बार बार जो खबरें आ रही है की उसके लोग धमका रहे हैं तो फिर अच्छे से खबर लेंगे. फिर बाद में रोना पछताना मत." यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

क्या जहांगीर खान के ठिकानों पर पड़ी रेड?

अजय पाल शर्मा के नेतृत्व में एसएसबी, एफएसटी और क्यूआरटी की टीम ने जहांगीर खान के ठिकानों पर छापेमारी की. जहांगीर खान का नाम पहले भी विवादों में रहा है और उसे अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है. इतना ही नहीं, जब शर्मा उनकी लोकेशन पर पहुंचे तो वहां 14 पुलिसकर्मी तैनात मिले, जबकि Y कैटेगरी सुरक्षा में केवल 10 जवानों की अनुमति होती है. इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.

कौन हैं अजय पाल शर्मा?

2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. उन्होंने पहले BDS (डेंटिस्ट) की पढ़ाई की, लेकिन बाद में सिविल सेवा में आकर पुलिस सेवा को चुना. अपनी सख्त कार्यशैली और तेज-तर्रार एक्शन के लिए पहचाने जाने वाले शर्मा ने मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं. शामली, नोएडा, रामपुर और जौनपुर में तैनाती के दौरान वे खासे चर्चित रहे, जबकि वर्तमान में वे प्रयागराज में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. उनकी सख्त कार्यशैली, फिटनेस और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते उन्हें ‘सिंघम’ कहा जाता है.

क्या चुनाव आयोग का यह कदम बड़ा संदेश दे रहा है?

  • चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं-
  • 2,321 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात
  • 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर, 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर
  • ड्रोन से रियल टाइम निगरानी
  • कोलकाता में सबसे ज्यादा 273 कंपनियां तैनात

इससे साफ है कि आयोग इस बार चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता.

क्या तैनाती पर उठ रहे हैं सवाल?

टीएमसी ने इस तैनाती पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि क्या चुनाव आयोग को लगता है कि यहां इतनी हिंसा होगी कि ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की जरूरत पड़ेगी? वहीं, विपक्ष का मानना है कि यह कदम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है. साफ है कि अजय पाल शर्मा की एंट्री ने चुनावी माहौल को और ज्यादा हाई-वोल्टेज बना दिया है.

क्या दूसरे चरण का चुनाव निर्णायक होगा?

दूसरे चरण में 3.21 करोड़ से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सभी पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था है. अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘सिंघम’ की मौजूदगी चुनावी नतीजों और माहौल पर कितना असर डालती है.

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