Begin typing your search...

Ranchi: श्रीलंका से भारत तैरकर पहुंचेगा नन्हा तैराक, इतिहास रचने के लिए कैसे तैयारी कर रहा 7 साल का इशांक?

रांची का इशांक इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है और उम्मीद की जा रही है वह इसमें कामयाब भी हो जाएगा. दरअसल सात साल का इशांक श्रीलंका से भारत तक का सफर तैरकर करने वाला है.

Ranchi: श्रीलंका से भारत तैरकर पहुंचेगा नन्हा तैराक, इतिहास रचने के लिए कैसे तैयारी कर रहा 7 साल का इशांक?
X
( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )

Ranchi: रांची का सात वर्षीय इशांक इन दिनों काफी सुर्खियों में है, इसकी वजह उसका अपनी उम्र के बच्चों से अलग एक बड़ा सपना देखना है. वह समंदर की लहरों को पार कर एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है. अपनी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर इशांक श्रीलंका के तल्लईमन्नार से तैरकर भारत पहुंचने के मिशन पर है.

क्या है ईशांक का टारगेट?

उसका लक्ष्य केवल इतना ही नहीं है कि उसे इतनी लंबी दूरी के पार करना है, बल्कि इस मुश्किल रास्ते को पार करते हुए खुद का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है.

कैसे तैयारी करता है इशांक?

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इशांक लगातार कड़ी मेहनत कर रहा है. वह घंटों पानी में रहकर अभ्यास करता है. इसके साथ ही फंक्शनल ट्रेनिंग भी उसके रूटीन में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इशांक अपनी डाइट का भी खास ख्याल रखता है.

प्रैक्टिस के दौरान इशांक धुर्वा डैम में रोजाना 4 से 5 घंटे तक तैराकी करता है और हर दिन 15 से 20 किलोमीटर तक अभ्यास करता है. उसकी मां मनीषा के मुताबिक, सप्ताह में एक दिन वह आठ घंटे तक लगातार अभ्यास करता है. इस दौरान पूरी तैराकी टीम उसके साथ रहती है. उसके कोच अमन कुमार जयसवाल व्यक्तिगत रूप से उसे ट्रेनिंग दे रहे हैं, जबकि बजरंग कुमार भी उसके प्रशिक्षण में सहयोग कर रहे हैं.

इशांक कब शुरू करेगा अपना ये मिशन?

उसका यह अभियान 29 अप्रैल को रामेश्वरम से शुरू होगा. इससे पहले वह 22 अप्रैल को रामेश्वरम के लिए रवाना होगा. 30 अप्रैल को समुद्री मार्ग से उसका परिवार और पूरी स्विमिंग टीम श्रीलंका के तल्लईमन्नार पहुंचेगी. वहां सभी लोग रात भर बोट में रहेंगे और फिर 30 अप्रैल को तल्लईमन्नार से इशांक अपना अभियान शुरू करेगा. वह करीब 30 किलोमीटर की दूरी तैरकर भारत के अंतिम छोर धनुषकोड़ी तक पहुंचेगा.

कब से तैराकी कर रहा है इशांक?

इशांक का तैराकी से जुड़ाव बहुत पुराना है. उसकी मां बताती हैं कि वह महज ढाई साल की उम्र से ही तैराकी सीख रहा है और यह उसका पसंदीदा खेल है. उसके पिता सुनील कुमार लगातार उसका मार्गदर्शन कर रहे हैं. तैराकी के साथ-साथ इशांक एथलेटिक्स में भी रुचि रखता है. कुछ महीने पहले उसने एक मैराथन में हिस्सा लेकर 5 किलोमीटर की दूरी 30 मिनट में पूरी की थी.

इशांक की प्रतिभा सिर्फ अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बना चुका है. 11 अप्रैल को वह कोच्ची जाएगा, जहां वह पेरियार नदी में आयोजित ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा. इस प्रतियोगिता में उम्र की कोई सीमा नहीं है और कोई भी इसमें भाग ले सकता है.

इशांक ने क्या अचीवमेंट हासिल किए?

इससे पहले वह कई राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर चुका है. 22 फरवरी को गेटवे ऑफ इंडिया इवेंट में उसने अरब सागर में एक किलोमीटर तैराकी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया था. इसके अलावा जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उसका प्रदर्शन सराहनीय रहा है. पढ़ाई में भी वह अच्छा कर रहा है और डीएवी श्यामली में तीसरी कक्षा का छात्र है.

इशांक के पिता सुनील कुमार अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं. उनका कहना है कि अगर इशांक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना पाता है तो यह बड़ी उपलब्धि होगी. उनके मुताबिक, इशांक अपने इस अभियान को लेकर पूरी तरह गंभीर है और लगातार मेहनत कर रहा है.

अगला लेख