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कैसे हुआ झारखंड स्टील प्लांट में ब्लास्ट? आग से झुलसने के बाद कई मजदूरों की हालत नाजुक

हेसला स्थित एक इस्पात प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट होने से अफरा-तफरी मच गई. इस भीषण विस्फोट में 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है.

steel plant blast
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steel plant ब्लास्ट एआई फोटो

( Image Source:  AI: Sora )

झारखंड के रामगढ़ जिले से सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई, जहां हेसला स्थित एक इस्पात प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट होने से अफरा-तफरी मच गई. इस भीषण विस्फोट में 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है.

बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे उस वक्त हुआ, जब प्लांट में नियमित कामकाज चल रहा था. अचानक हुए तेज धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर हड़कंप मच गया. विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग भी घबरा गए.

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेसला स्थित ‘झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड’ में काम के दौरान अचानक फर्नेस में विस्फोट हो गया. इस धमाके की चपेट में आकर वहां मौजूद मजदूर बुरी तरह झुलस गए. हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.

कैसी है घायलों की हालत?

घटना के तुरंत बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड स्थित ‘द होप हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, इनमें से 7 मजदूर 60 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और उनकी हालत अत्यंत गंभीर है. प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को रांची स्थित देवकमल अस्पताल रेफर किया गया है.

घायलों में कौन-कौन?

हादसे में घायल मजदूरों की पहचान हो चुकी है. जिसमें अखिल राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव और सुरेश बेदिया शामिल हैं. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी गई. प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम विस्फोट के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है.

क्या प्लांट में हुई नियमों की अनदेखी?

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. लोगों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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