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रांची से उड़ान भरने के बाद चार्टर प्लेन चतरा में हुआ क्रैश, 2 क्रू मेंबर समेत सभी 7 लोगों की मौत

रांची से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद एक मेडिकल चार्टर प्लेन अचानक रडार से गायब हो गया. पहले उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ, लेकिन अगले स्टेशन को कंट्रोल सौंपने के बाद संपर्क टूट गया.

रांची से उड़ान भरने के बाद चार्टर प्लेन चतरा में हुआ क्रैश, 2 क्रू मेंबर समेत सभी 7 लोगों की मौत
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Medical Charter Plane Disappears from Radar in Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में एक चार्टर विमान के अचानक रडार से गायब होने से हड़कंप मच गया. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान का संपर्क टूट गया. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सूत्रों के अनुसार, विमान ने टेकऑफ के बाद सामान्य रूप से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ मिनटों में ही वह रडार से गायब हो गया. इसके बाद तुरंत अलर्ट जारी कर सर्च और इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए. हालांकि, बाद में विमान के क्रैश होने से सभी यात्रियों की मौत की खबर सामने आई.

सूत्रों के मुताबिक, यह एक मेडिकल फ्लाइट थी, जिसने उड़ान भरने के बाद अगले एयर ट्रैफिक स्टेशन से संपर्क स्थापित किया था. प्रक्रिया के तहत कंट्रोल अगले स्टेशन को हैंडओवर किया गया, लेकिन उसके बाद अचानक विमान से संपर्क टूट गया. विमान ने दोबारा रांची एयरपोर्ट से संपर्क नहीं किया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.

DGCA ने क्या कहा?

  • DGCA के मुताबिक. रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-AJV), जो रांची से दिल्ली के लिए मेडिकल इवैक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) उड़ान पर था, 23 फरवरी को झारखंड के कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में दो क्रू मेंबर सहित कुल सात लोग सवार थे. सभी की मौत हो गई.
  • विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे (IST) उड़ान भरी थी. कोलकाता एटीसी से संपर्क स्थापित करने के बाद खराब मौसम के कारण विमान ने रास्ता बदलने (डिविएशन) की अनुमति मांगी.
  • शाम 7:34 बजे (IST) विमान का कोलकाता से संपर्क और रडार सिग्नल दोनों अचानक टूट गए. विमान की अंतिम लोकेशन वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व बताई गई है.

क्यों बेहद गंभीर मानी जा रही घटना?

  • मेडिकल चार्टर विमान के रडार से गायब होने की घटना बेहद गंभीर मानी जा रही है. यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि विमान एक मेडिकल मिशन पर था और ऐसे विमानों को आमतौर पर आपात सेवाओं से जुड़ा माना जाता है.
  • घटना बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद हुई, जब विमान ने शुरुआती संपर्क तो स्थापित किया, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) हैंडओवर के बाद संपर्क पूरी तरह टूट गया.
  • एविएशन नियमों के अनुसार, जब कोई विमान एक एयर ट्रैफिक जोन से दूसरे जोन में जाता है, तो कंट्रोल अगले स्टेशन को सौंप दिया जाता है. इसी प्रक्रिया के दौरान अगर संपर्क टूट जाए, तो इसे संभावित आपात स्थिति माना जाता है. ऐसे मामलों में तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन, आसपास के रडार की जांच, और सैन्य व नागरिक एजेंसियों को अलर्ट किया जाता है.
  • भारत में पहले भी कुछ छोटे विमान और हेलीकॉप्टर खराब मौसम, तकनीकी खराबी या संचार विफलता के कारण लापता या दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं. इसलिए इस घटना में भी तकनीकी समस्या, नेविगेशन फेलियर, मौसम या किसी अन्य आपात कारण की जांच की जा रही है.
  • फिलहाल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य प्रशासन मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जब तक विमान का पता नहीं चल जाता, इसे हाई-प्रायोरिटी एविएशन इमरजेंसी माना जाएगा.

प्लेन के गायब होने की क्या वजह हो सकती है?

  • तकनीकी खराबी (Technical Failure): विमान के कम्युनिकेशन सिस्टम, ट्रांसपोंडर या इंजन में खराबी आने से रडार और ATC से संपर्क टूट सकता है. छोटे चार्टर विमानों में ऐसी घटनाएं ज्यादा जोखिम वाली मानी जाती हैं.
  • खराब मौसम या विजिबिलिटी: अचानक मौसम बदलने, घने बादल, तूफान या तेज हवाओं के कारण भी विमान का रास्ता भटक सकता है या सिस्टम प्रभावित हो सकता है.
  • नेविगेशन या पायलट इमरजेंसी: पायलट की तबीयत खराब होना, ऑक्सीजन की कमी या कॉकपिट में अचानक समस्या आने पर भी संपर्क टूट सकता है.
  • कम्युनिकेशन हैंडओवर में गड़बड़ी: एक ATC से दूसरे ATC को कंट्रोल ट्रांसफर के दौरान फ्रीक्वेंसी सेट न हो पाने या सिग्नल समस्या से विमान 'रेडियो साइलेंस' में जा सकता है.
  • फोर्स्ड लैंडिंग या क्रैश की आशंका: अगर विमान को किसी कारण से आपात लैंडिंग करनी पड़ी हो, तो वह रडार से गायब हो सकता है. ऐसे में तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाता है.

अब तक क्या-क्या हुआ?

  • मेडिकल चार्टर विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी
  • टेकऑफ के बाद अगले ATC स्टेशन से संपर्क स्थापित हुआ
  • कंट्रोल अगले स्टेशन को हैंडओवर किया गया
  • इसके तुरंत बाद विमान से संपर्क टूट गया
  • रडार से गायब होने पर इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू
  • राज्य सरकार और एजेंसियों को सूचना, सर्च ऑपरेशन शुरू

प्लेन रडार से कैसे गायब हो जाता है?

  • रडार विमान को ट्रैक करने के लिए ट्रांसपोंडर सिग्नल पर निर्भर करता है. अगर ट्रांसपोंडर बंद हो जाए या खराब हो जाए, तो विमान स्क्रीन से गायब हो सकता है.
  • पहाड़ी इलाकों, कम ऊंचाई या दूरदराज क्षेत्रों में रडार कवरेज कमजोर हो सकती है.
  • कभी-कभी विमान मौजूद होता है, लेकिन केवल संपर्क टूटता है. इसे 'लॉस्ट कम्युनिकेशन' कहा जाता है.
  • इस मामले में भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं, क्योंकि मेडिकल फ्लाइट होने के कारण मामला और संवेदनशील हो जाता है.
Jharkhand News
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