Jamshedpur Kidnapping Case: ‘1231’ नंबर की गुत्थी में फंसी जांच, चर्चित कारोबारी रडार पर, क्या बड़ा नेटवर्क बेनकाब होगा?
झारखंड के जमशेदर कैरव गांधी अपहरण केस में ‘1231’ नंबर प्लेट पुलिस के लिए नई पहेली बन गई है. पुलिस की जांच शहर के एक चर्चित कारोबारी तक पहुंची. जानिए ताजा अपडेट.
Kairav Gandhi kidnapping Case: झारखंड के जमशेदपुर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. कैरव के अपहरण में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार पर स्थानीय उद्यमी संदीप मल्होत्रा की गाड़ी का नंबर (JH 05 DN 1231) लगा मिला है. इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह महज नंबर प्लेट का दुरुपयोग है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है. फिलहाल, पुलिस अपहरण के इस अबूझ पहेली को सुलझा नहीं पाई है. पुलिस अपहरण से जुड़े सभी एंगल से इस मामले की खोजबीन कर रही है.
फॉर्च्यूनर पर मिला ‘1231’ नंबर, जांच का दायरा बढ़ा
जमशेदपुर के बिष्टुपुर के सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण में जिस फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल हुआ, उस पर जेएच 05 डीएन 1231 नंबर प्लेट लगी थी. यह नंबर गम्हरिया स्थित स्पंज आयरन कंपनी के मालिक उद्यमी संदीप मल्होत्रा की कार का बताया जा रहा है. इस मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने संदीप मल्होत्रा की संभावित संलिप्तता की भी जांच शुरू कर दी है. साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि अपहरणकांड के मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह और संदीप मल्होत्रा के बीच किसी तरह का कोई संबंध तो नहीं है.
अपहरण से पहले कार पर लगाया गया था पुलिस स्टीकर
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी मो. इमरान ने पूछताछ में बताया कि अपहरण से पहले फॉर्च्यूनर कार पर पुलिस का स्टीकर और लाल-नीली फ्लैश लाइट लगाई गई थी. तीन अपराधी पुलिस वर्दी में और एक व्यक्ति सादे कपड़ों में (पगड़ी पहने) चांडिल पहुंचे थे और वहां इंतजार कर रहे थे.
इमरान रांची से स्कॉर्पियो लेकर पहुंचा था जमशेदपुर
इमरान खुद रांची से स्कॉर्पियो लेकर पहुंचा था. इस तरह अपराधियों ने पूरी योजना के तहत खुद को पुलिस की तरह पेश कर वारदात को अंजाम दिया. उद्योगपति संदीप मल्होत्रा ने नंबर के इस्तेमाल पर कहा कि उनकी कार के नंबर का इस्तेमाल क्यों हुआ, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.”
उद्यमी संदीप मल्होत्रा ने कहा कि उनके पास कुल सात गाड़ियां हैं और सभी का नंबर 1231 सीरीज में हैं. उनके पास दो फॉर्च्यूनर हैं. एक का नंबर JH 05 DN 1231 और दूसरे का JH 05 CC 1231 है.
संदीप मल्होत्रा ने साफ किया है कि वे किसी तेजिंदर पाल सिंह को नहीं जानते और अपहरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी कार के नंबर का इस्तेमाल क्यों और कैसे किया गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
16 में से अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
जमशेदपुर पुलिस जांच में अब तक 16 अपराधियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है, जिनमें से 6 को गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. 14 दिन बाद, 27 जनवरी की सुबह पुलिस ने उन्हें बरामद कर सुरक्षित घर पहुंचाया था.
CJM कोर्ट में अगली सुनवाई 12 फरवरी को
सीजेएम कोर्ट में बीते मंगलवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी. जेल में बंद आरोपी मोहन कुमार प्रसाद की ओर से अधिवक्ता जय मुखर्जी ने जमानत याचिका दाखिल की है. अब इस पर 12 फरवरी को सुनवाई होगी.
कई सवालों के जवाब बाकी
अपहरण में शामिल वर्दीधारी अपराधी आखिर कौन थे? जेएच 05 डीएन 1231 नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार कहां है? मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह, शाद आलम और रुपेश पासवान अब तक फरार क्यों हैं? इन सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी है.
‘नंबर 1231’ की गुत्थी सुलझने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ नंबर प्लेट की क्लोनिंग है या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा. फिलहाल, जमशेदपुर का यह हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड लगातार नए खुलासों के साथ चर्चा में बना हुआ है.





