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विदेश यात्रा पर ‘बुलडोजर-बाबा’, लौटते ही विरोधियों की होगी बोलती बंद; योगी आदित्यनाथ के जापान-सिंगापुर दौरे की इनसाइड स्‍टोरी

सीएम योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर-जापान विदेश यात्रा से सूबे के सरकारी खजाने में अरबों-लाखों डॉलर का फायदा, इस बीच जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने स्टेट मिरर से खास बातचीत में क्या बताया है आइए जानते हैं...

विदेश यात्रा पर ‘बुलडोजर-बाबा’, लौटते ही विरोधियों की होगी बोलती बंद; योगी आदित्यनाथ के जापान-सिंगापुर दौरे की इनसाइड स्‍टोरी
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संजीव चौहान
By: संजीव चौहान10 Mins Read

Updated on: 23 Feb 2026 10:03 PM IST

साल 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद ‘बुलडोजर-बाबा’ के नाम से प्रख्यात हुए योगी आदित्यनाथ 9 साल बाद दूसरी बार विदेश यात्रा पर हैं. पहली बार वह सिर्फ एक ही देश म्यामांर गए थे. इस बार चार दिवसीय विदेश दौरे में वह फिलहाल दो दिन के लिए सिंगापुर में और उसके बाद दो ही दिन जापान में रहेंगे. विरोधी दल उनकी इस यात्रा को लेकर भी तरह-तरह की कानाफूसी अपनी अपनी नजर से कर रहे हैं.

जबकि वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खेमा और दिल्ली से लेकर यूपी तक ताल ठोंक रहा है कि सीएम योगी सिंगापुर और जापान ‘पिकनिक’ मनाने नहीं गए हैं. बस उन्हें लौटकर आने दीजिए विरोधियों के मुहं बंद हो जाएंगे जब उन्हें पता चलेगा कि हुकूमत विरोधी ताकतों की काली करतूतों को हमेशा ‘बुलडोजर’ से रौंदते दिखाई देने वाले मुख्यमंत्री इस बार की विदेश यात्रा से सूबे के सरकारी खजाने के लिए “खरबों डॉलर” का इंतजाम करके लौटे हैं.

आखिर इस यात्रा की इनसाइड स्टोरी है क्या? और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राइट-हैंड-विश्वासपात्र कहे-समझे जाने वाले, जेवर विधानसभा से बीजेपी विधायक (जिन्हें यमुना एक्सप्रेस-वे व ग्रेटर नोएडा में बीजेपी के संकटमोचक) ठाकुर धीरेंद्र सिंह आखिर योगी के साथ इस यात्रा में क्यों नहीं जा सके? ऐसे तमाम सवालों के जवाब के लिए स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन ने विधायक धीरेंद्र सिंह से खास बातचीत की.

क्या पिछली सरकारों ने सूबा लूटा था?

जेवर विधायक ने कहा, “दरअसल साल 2017 से पहले यानी जब तक उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व काल वाली हुकूमत नहीं आई थी. उससे पहले तक शासन करने वाली सरकारों के लिए जनता और सूबे की सरकारी मशीनरी सिर्फ और सिर्फ अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति का मजबूत साधन भर थी. जहां तक बात यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण जैसी सूबे की बेशकीमती धरोहरों की हिफाजत करके इनसे सरकारी खजाने के मजबूत करने की बात थी.

तो योगी जी से पहले की सरकारों की नजर में यह दोनो ही प्राधिकरण सूबे की तत्कालीन सरकारों और ब्यूरोक्रेसी को लूटपाट का सबसे बड़ा अड्डा भर थीं. योगी ने जब हुकूमत संभाली तो पिछली सरकारों की चौकड़ी द्वारा किए गए कुकर्म सामने आ गए. इसलिए अब आज अगर सूबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिसाब से प्रगति कर रहा है. सूबे में शांति है. तो यह बात बेईमान और सत्ता के लालची लोगों को भला कैसे सुहाएगी.”

पहले गोलियां चलती थीं अब ‘प्रगति की बयार’

एक सवाल के जवाब में जेवर विधायक ने कहा, “आज पूरे सूबे की बात हो या फिर यमुना और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की. हर जगह शांति है. और सिर्फ प्रगति की बयार बह रही है. यह वही यमुना और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण हैं जहां कभी तत्कालीन सरकारों के भ्रष्ट सरकारी तंत्र की बदौलत सिर्फ भट्टा-पारसौल के जैसे डरावने गोलीकांड हुआ करते थे.

आज गोलीकांड की बात छोड़िए गोली चलाने वाले खुद ही इलाके से गायब हो चुके हैं. योगी विरोधी और अशांति के नाम पर स्वार्थ की रोटियां सेंकने के फेर में फंसे ब्यूरोक्रेट्स या नेताओं को भला यह सब शांतिपूर्ण माहौल कैसे पसंद आयेगा. कहने को आज भी यमुना एक्सप्रेस-वे और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वही पुराने वाले हैं. बस बदली है तो योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व काल की हुकूमत में ईमानदार सरकारी चाबुक की सही दिशा.”

मैं इसलिए CM के साथ नहीं गया

आप तो योगी आदित्यनाथ के जेवर (ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण) में ‘तारनहार’ ‘संकटमोचक’ के रूप में पहचाने जाते हैं. आप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस ऐतिहासिक और खरबों डॉलर की योजनाओं को अंजाम देने जैसी योजनाओं से संबंधित चार दिवस की सिंगापुर-जापान की विदेश यात्रा पर क्यों नहीं जा सके? स्टेट मिरर हिंदी के सवाल के जवाब में जेवर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह बोले, “मेरी जरूर इलाके में ज्यादा है. सूबे के लिए लाभकारी योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तो हमारे मुख्यमंत्री योगी जी और जनहित के लिए जूझने वाले यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आईएएस आर के सिंह (राकेश कुमार सिंह) काफी हैं. जो मुख्यमंत्री के साथ इस विदेश यात्रा पर मौजूद रहेंगे. मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उन स्थानीय मतदाताओं के साथ, स्थानीय किसानों के साथ हर लम्हा मौजूद रहूं जिनके मताधिकार की बदौलत आज जेवर विधानसभा का किसान शांत और संतुष्ट है.”

CM के विदेश से लौटने को क्यों बेकरार विधायक जी?

स्टेट मिरर हिंदी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान जेवर विधायक ने कहा, “जो विरोधी सूबे की बढ़ती हुई सरकार पर उंगलियां उठाने से बाज नहीं आते हैं. थोड़ा इंतजार कीजिए. मुख्यमंत्री जी को सिंगापुर और जापान की यात्रा से वापिस लौटने दीजिए. सीएम की विदेश से वापिसी के बाद जब अरबों-लाखों करोड़ विदेश डॉलर की मुद्रा-योजनाएं प्रदेश के हित में सरकारी खजाने से झांकती दिखाई देगी तो इन्हीं विरोधियों की आंखें चुंधिया जाएंगी और मुंह खुद-ब-खुद बंद हो जाएगा. सूबे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली हुकूमत का उद्देश्य जनहित में दिन-रात जूझते रहकर, राज्य में शांति और प्रगति बहाली है. न कि भाजपा की सरकार से पहले सूबे को लूटते रहने वाली सरकार के भ्रष्ट नेता-मंत्रियों को सफाई देने की जिम्मेदारी हमारी है. हम बकवास करने वालों के प्रति नहीं, हम सिर्फ अपने मतदाता और सूबे के हर बाशिंदे के प्रति जवाबदेह हैं.”

अपने आप मुहं बंद हो जाएगा

स्टेट मिरर के सवालों के जवाब के बीच जेवर विधायक ने किसी सवाल का जवाब देने के बजाए सवाल पूछा- “आप ही बताइए कि जबसे राज्य में बीजेपी की सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली हुकूमत आई है तब से राज्य में असुरक्षा, अव्यवस्था, अराजकता का माहौल नेस्तनाबूद हुआ है कि नहीं? जिस यमुना एक्सप्रेस-वे और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण को पूर्ववर्ती सरकारें और उनके नेता मंत्री डकैती-लूटमार का सबसे बड़ा और आसान अड्डा समझा करते थे, क्या आज वही यमुना एक्सप्रेस-वे और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शांति से जनहित के काम करके सूबे के सरकारी खजाने को भरपूर राजस्व मुहैया नहीं करा रहे हैं?

अगर सरकार जनता के बीच तो 'दलाल' कहां?

कुछ नहीं बदला है सूबे में सिवाए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और उनकी ईमानदार भाजपा सरकार के. नियत साफ होनी चाहिए तो कहीं कोई क्लेश नहीं है. जब सरकारी तंत्र ही भ्रष्ट हो जाए या जब रखवाला ही बाड़ को चरवाने पर उतर आए (जैसा पहले की हुकुमतें करती थीं), तब फिर कैसी शांति और किसकी कैसी प्रगति. देख लीजिए आज ग्रेटर नोएडा या यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण में कहीं किसी तरह का कोई जमीनी विवाद होता सुनाई देता हो. कहीं जमीनों के लिए गोलियां चलतीं दिखाई-सुनाई पड़ती हों.

कहीं भी किसानों द्वारा अपनी जमीनों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन होते दिखाई पड़ते हों. यह सब अब इसलिए नहीं हो रहा है क्योंकि किसानों और सरकार के बीच से दलाल और पूर्व सरकारों के से भ्रष्ट मंत्री-नेता सिरे से गायब कर दिए हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने. जैसे ही इलाके के मतदाताओं ने बीजेपी के जिताकर मुझे चुनकर विधानसभा में भेजा. मैंने उसके कुछ समय बाद ही दलाली का धंधा बंद करने के लिए सबसे पहले इलाके के किसानों और मुख्यमंत्री की आमने सामने मीटिंग करवाई. ताकि पुरानी सरकारों और उनके नुमाइंदों पर लगे दलाली के काले दाग हम पर और बीजेपी पर न लग सकें. मुख्यमंत्री से जब जब किसानों ने बात की और जमीनों का मुआवजा बढ़ाने की गुजारिश की तब तब मुख्यमंत्री ने बेहिचक किसानों की बात सुनकर उन पर आश्वासन देकर आगे खिसकाने के बजाए तत्काल अमल कर डाला. फिर किसकी गोलीबाजी और क्यों किसी तरह का क्लेश.”

इंतजार कीजिए सूबा माला-माल होगा

बातचीत के अंत में जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने कहा, “सिंगापुर जापान की यात्रा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लौटने देने तक का बस इंतजार कीजिए. जमाने को पता चल जाएगा कि सीएम की इस विदेश यात्रा से सूबे के सरकारी खजाने को जनहित में कितने लाख खरब डॉलर का खजाना हाथ लगा है. जिसे देख सुनकर सूबे के आमजन की तो बांछें खिल जाएंगीं. मगर विरोधी पस्त हो जाएंगे यह भी तय है.

सिंगापुर में योगी के यादगार अल्फाज

सिंगापुर पर पहुंच चुके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडियन डायस्पोरा को संबोधित करते हुए कहा भी है कि, “देश से इतनी दूर रहकर भी जो अपनी मातृभूमि के प्रति जो लगाव रखते हैं, हम सबको भी देश (भारत-मातृभूमि) के विकास के लिए कुछ कर गुजरने के लिए अपने आप में नया उत्साह पैदा करना है. ताकि हम अपने ऋषि-मुनियों द्वारा कहे गए कथन “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” पर खरे उतर सकें. ”

स्टेट मिरर स्पेशलयोगी आदित्‍यनाथ
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