पहले आई ताइवान की नेता, अब चीन ने भी किए बड़े ऐलान; दोनों देश ऐसे कम कर रहे टेंशन
China ने Taiwan के साथ कुछ संबंध फिर से बहाल करने का ऐलान किया है, जिसमें सीधी फ्लाइट्स और समुद्री उत्पादों का आयात शामिल है. यह फैसला ताइवान की विपक्षी पार्टी की नेता और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद आया है.
ताइवान की विपक्षी नेता Cheng Li-wun और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping
China Taiwan Relations: चीन और ताइवान के बीच संबंध सुधरते हुए दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि चीन ने ताइवान के साथ कुछ संबंध फिर से बहाल करने का ऐलान किया है. इस फैसले के तहत दोनों के बीच सीधे हवाई उड़ानें फिर शुरू करने और ताइवानी समुद्री उत्पादों के आयात को दोबारा शुरू करने की बात कही गई है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब ताइवान की विपक्षी पार्टी के नेता की बीजिंग यात्रा खत्म हुई है.
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अधीन काम करने वाले ताइवान वर्क ऑफिस ने बयान जारी कर कहा कि वह ताइवान की विपक्षी कुओमिनतांग पार्टी के साथ दीर्घकालिक संवाद तंत्र बनाने पर भी विचार करेगा. यह घोषणा उस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद हुई, जिसमें कुओमिनतांग की नेता Cheng Li-wun ने बीजिंग में राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों नेताओं ने शांति बनाए रखने की बात कही, हालांकि कोई ठोस समझौते की जानकारी सामने नहीं आई.
क्या ताइवान पर है चीन का कब्जा?
ताइवान एक स्वशासित क्षेत्र है, लेकिन चीन उस पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है. दोनों के बीच संबंध 2016 में तब बिगड़ गए थे, जब Tsai Ing-wen की पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी सत्ता में आई. इसके बाद चीन ने ताइवान के साथ आधिकारिक संवाद लगभग बंद कर दिया और सैन्य गतिविधियां बढ़ा दीं.
अब चीन ने कहा है कि वह Xi'an और Urumqi जैसे शहरों से ताइवान के लिए सीधी उड़ानें फिर शुरू करेगा. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि इन योजनाओं को कब और कैसे लागू किया जाएगा. इसके अलावा चीन ने ताइवान के करीब स्थित द्वीपों Matsu Islands और Kinmen को जोड़ने वाले पुल के निर्माण पर भी काम करने की बात कही है। यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है.
क्या हटेंगे ताइवान पर लगे प्रतिबंध?
चीन ने 2021 में ताइवान के अनानास के आयात पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद ग्रूपर मछली, स्क्विड, टूना और कई अन्य समुद्री उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. अब इन प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है. वहीं ताइवान सरकार ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह अपने किसानों और व्यवसायों को दूसरे देशों में बाजार तलाशने में मदद जारी रखेगी, ताकि चीन पर निर्भरता कम की जा सके.
यह कदम चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच एक अहम बदलाव माना जा रहा है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों के रिश्तों में पूरी तरह सुधार अभी दूर की बात है.




