BSNL अधिकारी के लिए शाही प्रोटोकॉल! अंडरवियर-तेल से लेकर तौलिया तक का इंतजाम, बवाल के बाद आदेश रद्द
प्रयागराज दौरे पर जा रहे BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए जारी ‘शाही प्रोटोकॉल’ विवादों में घिर गया है. आदेश में संगम स्नान के लिए तौलिया, अंडरगारमेंट्स और हेयर ऑयल तक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे. मामला सोशल मीडिया पर लीक होते ही तीखी आलोचना शुरू हुई, जिसके बाद कंपनी को आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द करना पड़ा.
BSNL Controversy: प्रयागराज में BSNL के एक टॉप अधिकारी के दौरे को लेकर जारी किया गया अजीबोगरीब प्रोटोकॉल अब विवाद का कारण बन गया है. इस प्रोटोकॉल में अधिकारी के संगम स्नान के लिए न सिर्फ तौलिया बल्कि अंडरगारमेंट्स और हेयर ऑयल तक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे. मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर नाराज़गी देखने को मिली और आखिर में यह आदेश रद्द कर दिया गया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BSNL के डायरेक्टर (CFA) का दौरा 25 और 26 फरवरी को प्रस्तावित था. इस दौरान उन्हें समीक्षा बैठकें करनी थीं और कौशांबी स्थित एक जैन तीर्थ स्थल पर पूजा-अर्चना भी करनी थी. इसी दौरे के लिए 19 फरवरी को BSNL अधिकारियों ने विस्तृत प्रोटोकॉल आदेश जारी किया था.
इस प्रोटोकोल में क्या है?
इस आदेश के तहत करीब 50 अधिकारियों की एक टीम बनाई गई थी, जिसे अधिकारी के स्वागत से लेकर खाने-पीने और निजी जरूरतों तक की जिम्मेदारी दी गई थी. आदेश में साफ लिखा था कि अधिकारी के लिए ब्रेकफास्ट और लंच की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा संगम स्नान के लिए विशेष किट दी जाएगी, जिसमें तौलिया, अंडरवियर, चप्पल और ग्रूमिंग से जुड़ी चीजें शामिल होंगी. साथ ही वेलकम किट में पानी की बोतल, चॉकलेट, चिप्स और फ्रूट जूस रखा जाएगा. यात्रा के लिए दो सफेद इनोवा कारें लगाई जाएंगी, जिनमें नए तौलिया रखने के निर्देश भी थे.
प्रोटोकॉल आदेश में मिनट-दर-मिनट का पूरा कार्यक्रम दर्ज था और अधिकारियों की जिम्मेदारियां चार कॉलम में तय की गई थीं- कार्यक्रम, डिटेल, जिम्मेदार अधिकारी और तारीख-समय. आदेश में यह भी कहा गया था कि सभी अधिकारी और कर्मचारी दौरे को सफल बनाने के लिए “सक्रिय भागीदारी” सुनिश्चित करें और तय समय पर अपने काम पूरे करें.
सोशल मीडिया पर कैसे मच गया बवाल?
जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर लीक हुआ, लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी. यूजर्स ने सवाल उठाया कि सरकारी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के लिए जूनियर अफसरों से टॉयलेट्री और निजी सामान तक की व्यवस्था कराना कितना सही है. मामला बढ़ने के बाद 20 फरवरी को इस प्रोटोकॉल को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया.
कंपनी ने बयान में क्या कहा?
BSNL ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर सफाई देते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल कंपनी के पेशेवर मानकों और मूल्यों के अनुरूप नहीं था. कंपनी ने लिखा कि इस मामले में नियमों का पालन नहीं किया गया. यह BSNL के प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स से मेल नहीं खाता. संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है और सभी कर्मचारियों को दोबारा निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन करें.
बीएसएनएल के सीनियर अधिकारी ने क्या कहा?
वहीं, जब एक सीनियर BSNL अधिकारी से इस मामले पर संपर्क किया गया तो उन्होंने माना कि यह प्रोटोकॉल गलती से ऑनलाइन लीक हो गया था. उन्होंने कहा कि यह आदेश केवल अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने के लिए था, लेकिन इसके सार्वजनिक होते ही मामला तूल पकड़ गया.
इस घटना के बाद सरकारी महकमे में भी सवाल उठ रहे हैं कि जब BSNL पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है, तब इस तरह के 'शाही प्रोटोकॉल' की जरूरत क्यों पड़ी. सोशल मीडिया पर लोग इसे सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता और अफसरशाही की मानसिकता से जोड़कर देख रहे हैं.




