जनता को लगेगा '440 वोल्ट' का झटका, 10-15% तक महंगी होगी बिजली! क्या है इसका कारण?
झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) बुधवार को नई बिजली दरों (टैरिफ) का ऐलान करने जा रहा है.
Electricity rates
झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) बुधवार को नई बिजली दरों (टैरिफ) का ऐलान करने जा रहा है, जिससे राज्य के लगभग 54 लाख उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ सकता है. माना जा रहा है कि घरेलू बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया जा सकता है.
सूत्रों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक इजाफा संभव है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. हालांकि अंतिम फैसला आज JSERC की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा. इस बीच आम जनता के बीच बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता भी देखी जा रही है.
कितनी बढ़ सकती है बिजली दर?
फिलहाल झारखंड में घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 6.85 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही ह.। यदि 10-15% की वृद्धि लागू होती है, तो यह दर बढ़कर करीब 7.50 से 8 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है.
हालांकि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने इससे कहीं ज्यादा, यानी 50-60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था. इसमें घरेलू बिजली दर को 10.30 रुपये प्रति यूनिट तक ले जाने की मांग शामिल थी.
क्या जारी रहेगी 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना?
बढ़ती कीमतों के बीच एक राहत की खबर भी है. राज्य सरकार की 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना पहले की तरह जारी रहेगी. इसका मतलब है कि जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 200 यूनिट से कम है, उन्हें नई दरों का सीधा असर नहीं झेलना पड़ेगा. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें?
JBVNL के मुताबिक, बिजली दर बढ़ाने के पीछे कई आर्थिक कारण हैं. इनमें बिजली खरीद की बढ़ती लागत, पुराने घाटे, ब्याज का दबाव और संचालन खर्च शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि अगर टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो घाटा लगातार बढ़ता रहेगा और इसका असर बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है.




