अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को कमजोर से 'लड़ाके' बनाने वाले ट्रॉट की नम आंखों से विदाई, जादरान ने भेंट की ट्रॉफी; कैसा रहा सफर?
जोनाथन ट्रॉट का अफगानिस्तान टीम के साथ कार्यकाल कनाडा पर जीत के साथ खत्म हुआ. उनकी कोचिंग में टीम ने एतिहासिक जीतें दर्ज कीं और फाइटर टीम के रूप में अपनी पहचान बनाई.
जोनाथन ट्रॉट को अपनी 'प्लेयर ऑफ द मैच' ट्रॉफी देते इब्राहिम जादरान
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के लिए कनाडा पर मिली 82 रनों की जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक युग का अंत साबित हुई. इस जीत के साथ ही टीम के मुख्य कोच Jonathan Trott का कार्यकाल खत्म हो गया. ट्रॉट वही कोच हैं, जिन्होंने इस टीम को 'कमजोर' से 'लड़ाके' बना दिया. मैच के बाद स्टार ओपनर Ibrahim Zadran ने अपनी 'प्लेयर ऑफ द मैच ट्रॉफी' ट्रॉट को समर्पित कर भावुक माहौल बना दिया.
कनाडा के खिलाफ जादरान ने 56 गेंदों में नाबाद 95 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 5 छक्के शामिल थे. अफगानिस्तान ने 204/4 का बड़ा स्कोर बनाया और मैच जीत लिया. अवार्ड लेते हुए जादरान ने कहा कि ट्रॉट ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया और बहुत कुछ सिखाया. इसलिए यह सम्मान उनके नाम है.
‘एक्सीडेंटल’ कोच जिसने बदल दी टीम की पहचान
ट्रॉट ने 9 अगस्त 2022 को अफगानिस्तान टीम की कमान संभाली. यह भूमिका उनकी योजना का हिस्सा नहीं थी. दरअसल, Graham Thorpe के उपलब्ध न होने पर उन्हें अचानक यह जिम्मेदारी मिली. उन्होंने टीम में प्रोफेशनल सोच, अनुशासन और मानसिक मजबूती लाई. नतीजा- अफगानिस्तान अब किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने वाली खतरनाक टीम बन चुकी है.
ट्रॉट के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
ट्रॉट के कार्यकाल में अफगानिस्तान ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं, जिनमें ICC Cricket World Cup 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ 69 रन और पाकिस्तान के खिलाफ 8 विकेट, ICC Men's T20 World Cup 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 21 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ 84 रन की ऐतिहासिक जीत शामिल हैं. उनकी कोचिंग में ही अफगानिस्तान पहली बार किसी ग्लोबल ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल (टी-20 वर्ल्ड कप 2024) में पहुंची. यही नहीं, टीम ने पाकिस्तान (T20) और बांग्लादेश (ODI) के खिलाफ पहली सीरीज भी जीती. टीम के कप्तान Rashid Khan ने भी माना कि ट्रॉट का टीम की सफलता में बहुत बड़ा योगदान रहा और उनकी विदाई भावुक पल है.
सीमित संसाधन, लेकिन असीम जज्बा
ट्रॉट ने हमेशा कहा कि अफगानिस्तान टीम के पास न स्थायी होम ग्राउंड है और न ही बड़ी टीमों जैसी सुविधाएं. इसके बावजूद खिलाड़ियों का जज्बा उन्हें हैरान करता रहा. उन्होंने ड्रेसिंग रूम की मानसिकता बदलने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.
विवादित लेकिन यादगार ‘मास्टरस्ट्रोक’
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ मैच के दौरान Gulbadin Naib का मैदान पर चोट का ड्रामा भी ट्रॉट की रणनीति माना गया, जिसने मैच की दिशा बदल दी और अफगानिस्तान को सेमीफाइनल तक पहुंचाया.
अब आगे क्या करेंगे ट्रॉट?
अपने भविष्य को लेकर ट्रॉट ने कहा कि वह एक दिन इंग्लैंड टीम के साथ काम करना पसंद करेंगे, क्योंकि वहीं से उनका क्रिकेट करियर शुरू हुआ था. कनाडा पर जीत के साथ अफगानिस्तान ने भले ही टूर्नामेंट से विदाई ली हो, लेकिन ट्रॉट के तीन साल ने इस टीम को विश्व क्रिकेट में स्थायी पहचान दिला दी.




