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Budh Gochar 2026: मीन राशि में बुध का गोचर, जानिए 12 राशियों पर कैसा होगा ज्योतिषीय प्रभाव?

बुध का मीन राशि में गोचर 2026 में कई राशियों के जीवन में बदलाव लेकर आ सकता है. इस दौरान करियर, धन, रिश्तों और स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे, जिससे कुछ राशियों को लाभ तो कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी.

Budh Gochar 2026: मीन राशि में बुध का गोचर, जानिए 12 राशियों पर कैसा होगा ज्योतिषीय प्रभाव?
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( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro5 Mins Read

Updated on: 12 April 2026 6:30 AM IST

वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का गोचर मानव जीवन पर सूक्ष्म और व्यापक प्रभाव डालता है. बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, संचार, लेखन और व्यापार के अधिष्ठाता ग्रह बुध 11 अप्रैल 2026 को शनि की राशि कुंभ से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश कर रहे हैं. बुध का यह गोचर 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा. मीन राशि बुध की नीच राशि मानी जाती है, अतः इस स्थिति में बुध का प्राकृतिक तार्किक स्वभाव कुछ हद तक प्रभावित होता है.

लेकिन मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, जो कि ज्ञान, धर्म और विस्तार के कारक हैं, इसलिए कई जातकों के लिए यह स्थिति नीचभंग राजयोग का निर्माण कर सकती है. जिससे कई राशियों पर नीच के बुध के होने का प्रभाव कम हो सकता है. अब आइए जानते हैं कि यह गोचर सभी 12 राशियों पर किस तरह पड़ेगा.

मेष राशि

मेष राशि से बुध का यह गोचर द्वादश भाव में हो रहा है, जो व्यय, विदेश और अवचेतन मन का भाव है. इस अवधि में अनावश्यक खर्चों में वृद्धि संभव है. विदेश से जुड़े कार्यों या संपर्कों से लाभ मिल सकता है. निवेश संबंधी निर्णयों में अत्यधिक सतर्कता अपेक्षित है, अन्यथा हानि हो सकती है.

वृषभ राशि

वृषभ राशि से यह गोचर एकादश भाव (लाभ स्थान) में स्थित होगा. यह स्थिति आय में वृद्धि, इच्छाओं की पूर्ति और नए अवसरों के संकेत देती है. आर्थिक पक्ष सुदृढ़ रहेगा और करियर में प्रगति के योग बनेंगे. मित्रों और नेटवर्किंग से भी लाभ प्राप्त होगा.

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, और यह गोचर दशम भाव (कर्म भाव) में हो रहा है. कार्यक्षेत्र में मिश्रित परिणाम मिल सकते हैं. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखना आवश्यक होगा. नौकरी परिवर्तन के इच्छुक जातकों को गोचर समाप्ति के बाद बेहतर अवसर मिल सकते हैं.

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए बुध का गोचर नवम भाव में होगा, जो भाग्य और धर्म का भाव है. भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं. धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे.

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह गोचर अष्टम भाव में स्थित होगा, जिसे आयु, रहस्य और आकस्मिक घटनाओं का भाव माना जाता है. यह समय चुनौतिपूर्ण हो सकता है. स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें. हालांकि, पैतृक संपत्ति या अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं.

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए बुध सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी) में गोचर करेगा. व्यापारिक साझेदारी में संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होगा. वैवाहिक जीवन में संवाद की स्पष्टता बनाए रखें. अविवाहित जातकों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है.

तुला राशि

तुला राशि के लिए बुध का गोचर षष्ठ भाव में होगा. यह स्थिति शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मानी जाती है. प्रतियोगिता और कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है. नई नौकरी में अपने कौशल को सिद्ध करने का अवसर मिलेगा.

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए बुध पंचम भाव में गोचर करेगा, जो संतान, शिक्षा और बुद्धि का भाव है. विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है. संतान पक्ष से सुख मिलेगा. हालांकि, सट्टा या जोखिमपूर्ण निवेश से दूरी बनाए रखना ही हितकर रहेगा.

धनु राशि

धनु राशि के लिए यह गोचर चतुर्थ भाव में होगा. गृहस्थ जीवन में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी. वाहन, भूमि या संपत्ति क्रय करने के योग बन सकते हैं. पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा.

मकर राशि

मकर राशि से बुध का गोचर तृतीय भाव में होगा, जो साहस, पराक्रम और संचार का भाव है. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और छोटे-छोटे यात्राओं के योग बनेंगे. भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर रहेंगे, किंतु वाणी में संयम बनाए रखना आवश्यक होगा.

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए बुध द्वितीय भाव (धन और वाणी) में गोचर करेगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं. रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, लेकिन वाणी में कठोरता से बचना होगा, अन्यथा संबंधों में तनाव आ सकता है.

मीन राशि

मीन राशि में ही बुध का गोचर हो रहा है, जिससे यह प्रथम भाव (लग्न) में स्थित होगा. व्यक्तित्व में आकर्षण और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. हालांकि, बुध के नीच होने के कारण निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है. अतः 30 अप्रैल तक महत्वपूर्ण निर्णयों को टालना ही श्रेयस्कर रहेगा.

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