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Islamabad Peace Talks: शांति की राह अभी भी दूर! 21 घंटे की हाई-वोल्टेज बातचीत बेनतीजा, क्या बोले Iran और अमेरिका?

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक चली हाई-वोल्टेज बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका, जिससे शांति की उम्मीदों को झटका लगा है.

Islamabad Peace Talks: शांति की राह अभी भी दूर! 21 घंटे की हाई-वोल्टेज बातचीत बेनतीजा, क्या बोले Iran और अमेरिका?
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( Image Source:  X- @PakPMO )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी5 Mins Read

Updated on: 12 April 2026 7:50 AM IST

Islamabad Peace Talk: ईरान और अमेरिका के बीच जंग को लेकर बातचीत जारी है. पाकिस्तान में हो रही इस बातचीत के लिए ईरान और अमेरिका का डेलिगेशन बीते रोज़ इस्लामाबाद पहुंच गया था. इसके बाद अमेरिका के अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने रविवार को बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि 21 घंटे चली इस बातचीत के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है.

ये बातचीत शनिवार दोपहर से शुरू हुई थी और रविवार देर रात तक जारी रही. इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वेंस ने बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सीधी बातचीत हुई, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.

JD Vance ने क्या कहा?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि इन बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान साफ तौर पर वादा करे कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उन्हें जल्दी विकसित करने की क्षमता हासिल करेगा. उन्होंने कहा, "हमें स्पष्ट और पक्का भरोसा चाहिए कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा और ऐसे साधन भी नहीं जुटाएगा जिनसे वह जल्दी ऐसा कर सके."

ईरान ने क्या कहा?

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए यह 'काफी व्यस्त और लंबा दिन' रहा. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कई संदेश और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, परमाणु कार्यक्रम, युद्ध हर्जाना, प्रतिबंध हटाना और ईरान तथा पूरे क्षेत्र में युद्ध को पूरी तरह खत्म करना शामिल है.

अमेरिका को क्या दी सलाह?

बकाएई ने यह भी कहा कि इस कूटनीतिक प्रक्रिया की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूसरा पक्ष कितनी गंभीरता और ईमानदारी दिखाता है, साथ ही वह गैरकानूनी मांगों से बचे और ईरान के वैध अधिकारों को स्वीकार करे. उन्होंने पाकिस्तान सरकार और वहां के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने इन वार्ताओं की मेजबानी कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.

शनिवार दोपहर से शुरू हुई इन त्रिपक्षीय वार्ताओं में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों ने तीन सत्रों में बातचीत की. हर सत्र के बाद दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया.

एक्सपर्ट-लेवल स्टेज पर पहुंची बातचीत?

ईरान सरकार ने X पर बताया कि बातचीत अब 'एक्सपर्ट-लेवल स्टेज' पर पहुंच गई है, जिसमें आर्थिक, सैन्य, कानूनी और परमाणु मामलों की समितियां शामिल हो गई हैं. साथ ही यह भी कहा गया कि तकनीकी विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए सेरेना होटल में बातचीत जारी है. ये बातचीत उस समय हो रही है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है. यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था और पूरे मध्य पूर्व में फैल गया था, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा. 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से अस्थायी युद्धविराम हुआ था.

दोनों देशों के डिगेशन में कौन-कौन था?

दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे थे. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे थे, उनके साथ Jared Kushner और मध्य पूर्व के दूत Steve Witkoff भी मौजूद थे.ईरान की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf कर रहे थे. उनके साथ विदेश मंत्री Abbas Araghchi और अन्य नेता भी शामिल थे.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने X पर कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिनिधिमंडल “बहादुरी से बातचीत करेगा” और परिणाम चाहे जो भी हो, सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी रहेगी. बातचीत से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका और ईरान दोनों के प्रतिनिधिमंडलों से अलग-अलग मुलाकात की.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, शहबाज शरीफ ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थ की भूमिका जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि यह प्रयास क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए जरूरी है. इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar, सेना प्रमुख Asim Munir और गृह मंत्री Mohsin Raza Naqvi भी शामिल थे.

ईरान इजरायल युद्ध
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