6 पारी, 338 रन और 112.66 का औसत! IPL प्लेऑफ आते ही खतरनाक हो जाते हैं Rajat Patidar, यूं ही नहीं कहलाते 'बिग मैच प्लेयर'
आईपीएल 2026 के क्वालीफायर-1 में रजत पाटीदार ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन ठोककर RCB को फाइनल में पहुंचा दिया. पाटीदार ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मैचों का दबाव उन्हें और खतरनाक बना देता है. अब वो धीरे-धीरे IPL के सबसे भरोसेमंद प्लेऑफ बल्लेबाज बनते जा रहे हैं.
Rajat Patidar IPL playoff record: आईपीएल में हर सीजन कई बल्लेबाज रन बनाते हैं. लीग स्टेज में सेंचुरी भी आती है, रिकॉर्ड भी टूटते हैं... लेकिन असली पहचान तब बनती है जब खिलाड़ी दबाव वाले मैचों में टीम को संभाले. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार अब उसी कैटेगरी में पहुंचते दिख रहे हैं. धर्मशाला में गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालीफायर-1 में जब RCB बल्लेबाजी कर रही थी, तब मैच एक अच्छे स्कोर की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन फिर पाटीदार क्रीज पर आए... और अगले कुछ मिनटों में मुकाबला पूरी तरह बदल गया.
पाटीदार ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन ठोके. स्ट्राइक रेट 280 से ज्यादा... 5 चौके, 9 छक्के और आखिरी 5 ओवरों में RCB ने ठोक दिए 86 रन... लेकिन कहानी सिर्फ रन की नहीं है.
रजत पाटीदार की बल्लेबाजी में सबसे खास क्या है?
रजत पाटीदार घबराते नहीं हैं. IPL प्लेऑफ में कई बड़े खिलाड़ी दबाव में अपने नैचुरल गेम से हट जाते हैं. कोई जरूरत से ज्यादा आक्रामक हो जाता है, तो कोई बहुत रक्षात्मक... लेकिन पाटीदार की बल्लेबाजी में घबराहट दिखाई ही नहीं देती. वो गेंद की लेंथ जल्दी पढ़ते हैं, बेस मजबूत रखते हैं और बिना ज्यादा एक्सपेरिमेंट किए क्लीन क्रिकेटिंग शॉट खेलते हैं.. उनके शॉट्स में ताकत से ज्यादा टाइमिंग दिखती है. यही वजह है कि स्पिन हो या तेज गेंदबाजी, पाटीदार बड़े मैचों में लगातार असर छोड़ रहे हैं.
2022 से शुरू हुई ‘प्लेऑफ स्पेशलिस्ट’ की कहानी
असल में पाटीदार का बड़ा रूप पहली बार IPL 2022 एलिमिनेटर में दिखा था. लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उन्होंने 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोक दिए थे. उस मैच से पहले उन्हें सिर्फ एक टैलेंटेड मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज माना जाता था... लेकिन उस पारी के बाद लोग समझ गए कि यह खिलाड़ी दबाव में और बेहतर खेलता है. फिर क्वालीफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 58 रन.. अब 2026 क्वालीफायर-1 में नाबाद 93 रन... मतलब प्लेऑफ आते ही पाटीदार का गेम अगले लेवल पर पहुंच जाता है. आंकड़े बता रहे हैं कि मामला कितना बड़ा है.
रजत पाटीदार के IPL प्लेऑफ आंकड़े अब किसी दिग्गज से कम नहीं हैं. उन्होंने 6 पारियों में 112.66 की औसत और 193.14 की स्ट्राइक रेट से 338 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 24 छक्के लगाए. IPL नॉकआउट में उनसे ज्यादा छक्के सिर्फ सुरेश रैना(40), एमएस धोनी (28) और किरोन पोलार्ड (25) ने लगाए हैं. यह आंकड़ा बताता है कि पाटीदार अब सिर्फ अच्छे बल्लेबाज नहीं रहे, बल्कि बड़े मैचों के स्पेशलिस्ट बन चुके हैं.
IPL प्ले-ऑफ़ में रजत पाटीदार
- 112*(54) बनाम LSG, Eliminator, 2022
- 58(42) बनाम RR, Q2, 2022
- 34(22) बनाम RR, Eliminator, 2024
- 15*(8) बनाम PBKS, Q1, 2025
- 26(16) बनाम PBKS, Final, 2025
- 93*(33) बनाम GT, Q1, 2026
कप्तानी भी बिल्कुल बल्लेबाजी जैसी
इस सीजन पाटीदार ने कप्तानी भी उसी अंदाज में की है जैसे बल्लेबाजी करते हैं — शांत, संतुलित और बिना ज्यादा दिखावे के... ना ज्यादा आक्रामक बॉडी लैंग्वेज. ना लगातार एक्सप्रेशन. बस मैच की जरूरत समझकर फैसले लेना. GT के खिलाफ भी उन्होंने टीम को शांत रखा और फिर तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की.
RCB ने बनाया रिकॉर्ड
RCB ने क्वालीफायर-1 में 254/5 का स्कोर बनाया, जो IPL प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है.. गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली 92 रन की जीत IPL नॉकआउट मुकाबलों की दूसरी सबसे बड़ी जीत है. RCB अब अपने छठे IPL फाइनल में पहुंच चुकी है.
IPL नॉकआउट/प्लेऑफ़ में सबसे ज़्यादा कुल स्कोर
- 254/5 - RCB बनाम GT, धर्मशाला, 2026
- 233/3- GT बनाम MI, अहमदाबाद, 2023
- 228/5 - MI बनाम GT, न्यू चंडीगढ़, 2025
- 226/6 - PBKS बनाम CSK, वानखेड़े, 2014
- 222/5 - CSK बनाम DC, चेन्नई, 2012
IPL नॉकआउट/प्ले-ऑफ़ में सबसे बड़ी जीत (रनों के हिसाब से)
- 105- RR बनाम DC, वानखेड़े, 2008
- 92- RCB बनाम GT, धर्मशाला, 2026
- 86- CSK बनाम DC, चेन्नई, 2012
- 81- MI बनाम LSG, चेन्नई, 2023
- 71- RCB बनाम RR, पुणे, 2015
CSK, MI और GT के बाद RCB चौथी डिफेंडिंग चैंपियन टीम बन गई है, जो आईपीएल के फाइनल में पहुंची है. इससे पहले, चेन्नई सुपरकिंग्स ने 2010-11, 2011-12 और 2018-19 में, जबकि MI 2019-20 में और GT 2022-23 में फाइनल में पहुंची थी.
सबसे ज्यादा बार आईपीएल फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपरकिंग्स के नाम पर दर्ज हैं. वह 10 बार फाइनल में पहुंची है, जिसमें से 5 बार उसने ट्रॉफी उठाई है. वहीं, Mi 6 बार फाइनल में पहुंची और 5 बार उसने ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. वहीं, आरसीबी पांचवीं बार फाइनल में पहुंची है. इसमें से एक बार वह ट्रॉफी जीत चुकी है.




