मैं नरेंद्र मोदी स्टेडियम हूं, मैंने टीम इंडिया को 'आंसुओं के सैलाब में डूबने' से लेकर 'खुशी के समंदर में गोता' लगाते हुए देखा है
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की हार का गवाह बना था, जिसके बाद उसे पनौती कहा जाना लगा... लेकिन कुछ ही महीनों बाद इसी स्टेडियम में भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया. यह कहानी उसी सफर की है- दिल टूटने से लेकर चैंपियन बनने तक...
2023 का दर्द, 2024 की जीत तक, अहमदाबाद स्टेडियम बना गवाह
मैं हूं अहमदाबाद का Narendra Modi Stadium... दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम. लाखों दर्शकों की आवाज़, तिरंगे की लहर और क्रिकेट के सबसे बड़े लम्हों का गवाह... मेरे यहां की मिट्टी में जीत का जुनून और हार का दर्द, दोनों गहराई से रचे-बसे हैं. पिछले कुछ सालों में मैंने भारतीय क्रिकेट के सबसे भावुक उतार-चढ़ाव देखे हैं- 19 नवंबर 2023 के उस सन्नाटे से लेकर 8 मार्च 2026 की उस गूंजती जीत तक.
19 नवंबर 2023 का दिन मैं कभी नहीं भूल सकता. मेरे मैदान पर ICC Cricket World Cup 2023 का फाइनल खेला गया. पूरा देश उम्मीद लगाए बैठा था कि भारत ट्रॉफी उठाएगा. Rohit Sharma की टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही थी, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने जीत छीन ली. उस रात मेरे स्टैंड्स में बैठे हजारों लोग चुपचाप लौटे थे. पहली बार मैंने इतना सन्नाटा महसूस किया.. लेकिन क्रिकेट की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.
भारत ने रचा इतिहास
किस्मत देखिए, 2026 के T20 वर्ल्ड कप का फाइनल फिर से मेरी ही गोद में आयोजित हुआ. सामना न्यूज़ीलैंड से था. इस बार भारतीय टीम ने कोई गलती नहीं की. 96 रनों की विशाल जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार (Back-to-Back) T20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया.
Team India With T20 WC 2026 Trophy
'दुख' के आंसू बने गर्व के
जो आंसू 2023 में 'दुख' के थे, वो अब 'गर्व' के थे. मैंने देखा कि कैसे भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगा लेकर मेरे पूरे मैदान का चक्कर लगाया. मैं आज गर्व से कह सकता हूं कि मैं सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पुनर्जन्म (Redemption) का गवाह हूं. मैंने 2023 का वो सन्नाटा भी सहा है, ताकि मैं 2026 के इस शोर को और बेहतर महसूस कर सकूं.
बुमराह बने 'प्लेयर ऑफ द मैच'
मेरे सीने पर खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल (8 मार्च 2026) में भारत की जीत के सबसे बड़े नायक जसप्रीत बुमराह रहे. अहमदाबाद की इस शाम को उन्होंने अपनी जादुई गेंदबाजी से न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया. उन्होंने 4 ओवर में 15 रन देकर देकर 4 विकेट चटकाए, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया बुमराह ने घातक यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से कीवी टीम की कमर तोड़ दी.
बुमराह ने रचिन रवींद्र और मिचेल सैंटनर जैसे सेट बल्लेबाजों को आउट कर मैच भारत की मुट्ठी में कर दिया. इस स्पैल के साथ बुमराह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल तेज गेंदबाज (40 विकेट) भी बन गए.
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने संजू सैमसन
पूरे विश्व कप में शानदार बल्लेबाजी (321 रन) करने वाले संजू सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 का विशाल स्कोर बनाया, जिसमें अभिषेक शर्मा (52), संजू सैमसन (89) और ईशान किशन (50) के अर्धशतकों का अहम योगदान रहा. वहीं, भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में महज 159 रन पर सिमट गई. इस 96 रन की जीत के साथ ही मैंने 2023 की उस हार का हिसाब चुकता होते हुए देखा.
क्यों मुझे 'पनौती' मानने लगे लोग?
टी-20 वर्ल्ड कप में जब 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हराया तो लोग मुझे 'पनौती' कहने लगे, जबकि इससे पहले 18 फरवरी को टीम इंडिया ने नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया था. अब, जबकि भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीता है तो उम्मीद है कि अब लोग मुझे पनौती नहीं कहेंगे.
अहमदाबाद में भारत का कैसा रहा रिकॉर्ड?
फॉर्मेट | कुल मैच | भारत की जीत | हार | ड्रॉ/कोई परिणाम नहीं |
टेस्ट (Test) | 16 | 7 | 2 | 7 |
वनडे (ODI) | 32 | 19 | 13 | 0 |
टी-20 (T20I) | 10 | 7 | 3 | 0 |
अंत में मैं आपसे सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि मैंने हार का दर्द भी देखा है और जीत की खुशी भी.... क्रिकेट यही तो है — कभी आंखों में आंसू, कभी हाथों में ट्रॉफी. अब जब भी मेरे स्टैंड्स में लोग आएंगे तो उन्हें सिर्फ एक मैच याद नहीं आएगा. उन्हें याद आएगा कि कैसे भारत गिरा, संभला और फिर उठकर चैंपियन बना. मैं सिर्फ एक स्टेडियम नहीं हूं. मैं भारतीय क्रिकेट की कहानी का एक बड़ा अध्याय हूं.