आलोक कपाली से लेकर लिटन दास तक, इन हिंदू क्रिकेटरों को बांग्लादेश के लिए खेलने का मिला मौका; एक को तो कबूल करना पड़ा इस्लाम

Hindu cricketers in Bangladesh Team: बांग्लादेश क्रिकेट में हिंदू खिलाड़ियों की संख्या हमेशा सीमित रही है. साल 2000 में पहली बार हिंदू क्रिकेटर रंजन दास को टेस्ट खेलने का मौका मिला. हालांकि, उनका करियर धर्म परिवर्तन के बाद भी आगे नहीं बढ़ सका. मौजूदा दौर में लिटन दास और सौम्य सरकार जैसे खिलाड़ी अपवाद के तौर पर उभरे हैं. बांग्लादेश क्रिकेट टीम में हिंदू खिलाड़ियो के साथ भेदभाव का मुद्दा आज भी चयन नीति पर सवाल खड़े करता है.;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 6 Jan 2026 12:22 PM IST

Bangladesh Hindu cricketers, Litton Das, Soumya Sarkar: बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) को KKR से रिलीज करने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी-20 वर्ल्ड कप खेलने भारत आने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही, उसने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर भी बैन लगा दिया है. इस बीच लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बांग्लादेश की तरफ से कोई हिंदू क्रिकेटर खेलता है? यदि हां, तो अब तक कितने हिंदू क्रिकेटर खेले हैं और उनके नाम क्या हैं. आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं...

दरअसल, 1971 में पाकिस्तान से अलग होकर अस्तित्व में आए बांग्लादेश को इंटरनेशनल क्रिकेट का दर्जा मिलने में पूरे 15 साल लग गए. साल 1986 में पाकिस्तान के खिलाफ पहला वनडे खेलने के साथ ही बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, लेकिन तभी से टीम चयन को लेकर बंगाली हिंदू क्रिकेटरों के साथ भेदभाव के आरोप भी सामने आने लगे.

बांग्लादेश की ओर से खेलने वाले पहले हिंदू बने रंजन दास

हैरानी की बात यह रही कि बांग्लादेश के लिए पहला हिंदू क्रिकेटर साल 2000 में ही टीम में जगह बना सका, जबकि उसी साल टीम को टेस्ट स्टेटस भी मिला. भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में रंजन दास को मौका दिया गया, लेकिन इसके बाद उनका करियर विवादों और सवालों में उलझकर रह गया.

धर्म बदलने के बाद भी नहीं मिला मौका

रंजन दास ने बाद में अपना धर्म बदलकर इस्लाम स्वीकार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दोबारा बांग्लादेश टीम में खेलने का मौका नहीं मिला. इसके बाद से बांग्लादेश क्रिकेट में हिंदू खिलाड़ियों की मौजूदगी हमेशा गिनती के नामों तक सीमित रही.

बांग्लादेश के लिए खेलने वाले हिंदू क्रिकेटर्स

1- लिटन दास

बंगाली-हिंदू क्रिकेटर लिटन दास लंबे समय से बांग्लादेश टीम का अहम हिस्सा हैं. तीनों फॉर्मेट में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके लिटन को भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का कप्तान बनाया गया है. लिटन दास ने अब तक 50 से ज्यादा टेस्ट, 90 से ज्यादा वनडे, 100 से ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. 2019 में उन्होंने देबाश्री बिस्वास सोनचिता से शादी की.

 

Litton Das

2- सौम्य सरकार

सौम्य सरकार ने भी बांग्लादेश के लिए हर फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है. कई अहम मौकों पर टीम को जीत दिलाने वाले सौम्य अब भी टीम के मजबूत विकल्प माने जाते हैं. उन्होंने अब तक 87 टी-20, 79 वनडे और 16 टेस्ट मैच खेले हैं.

 

सौम्य सरकार/ANI

3- आलोक कपाली

एक हिंदू परिवार में जन्मे आलोक कपाली बांग्लादेश के शुरुआती क्रिकेट सितारों में शामिल थे. वे टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी हैं. उन्होंने भारत के खिलाफ इकलौता वनडे शतक जड़ा है. ICL (इंडियन क्रिकेट लीग) से जुड़ने के बाद BCB ने उन पर बैन लगाया. 2011 में वापसी जरूर हुई, लेकिन कुछ ही महीनों में उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया.

4- तपश बैसिया

तपश बैसिया ने टेस्ट और वनडे दोनों में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया. वे टीम के भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिने जाते थे. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने धर्म पर कभी खुलकर बात नहीं की.

5- धीमान घोष

विकेटकीपर-बल्लेबाज धीमान घोष को सीमित मौके मिले. उन्होंने 14 वनडे और 1 टी-20 खेला है. इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय सफर अचानक थम गया.

6- रोनी तालुकदार

नारायणगंज में जन्मे रोनी तालुकदार ने 2015 में टी-20 और 2023 में वनडे डेब्यू किया. घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया. 2023 में आखिरी मैच खेलने के बाद भी वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सक्रिय हैं.

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