खाड़ी देशों पर हमले के बाद Iran का बड़ा यू-टर्न! राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने मांगी माफी, अब क्या होगी नई रणनीति?
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा यू-टर्न लिया है. राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि अब उन पर हमला नहीं किया जाएगा. हालांकि तेहरान ने साफ किया है कि वह दबाव में बिलकुल नहीं झुकेगी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि माफी के इस ऐलान के बाद इस्लामिक रिपब्लिक की नई रणनीति क्या होगी.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इजराइल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के दौरान पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि ईरान को खेद है कि इन हमलों में पड़ोसी देश भी प्रभावित हुए. राष्ट्रपति ने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर उन देशों की तरफ से ईरान पर हमला नहीं होता है, तो ईरान भी उन पर हमला नहीं करेगा.
ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में पेज़ेश्कियन ने कहा,"मैं उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर ईरान की तरफ से हमले हुए. अंतरिम नेतृत्व परिषद ने कल यह फैसला लिया है कि अब पड़ोसी देशों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा और उन पर मिसाइल भी नहीं दागी जाएंगी, जब तक कि उन देशों की तरफ से ईरान पर हमला न हो."
राष्ट्रपति के बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि अगर वह खाड़ी के देशों में मौजूद यूएस एंबेसी और मिलिट्री बेस को निशाना नहीं बनाता है तो वह फिर क्या रणनीति इस्तेमाल करने वाला है.
क्या ईरान टेकेगा घुटने?
पेज़ेश्कियन ने यह भी साफ कहा कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा. उन्होंने कहा, "ईरानी लोगों के आत्मसमर्पण की जो इच्छा हमारे दुश्मन रखते हैं, उसे वे अपनी कब्र तक साथ लेकर जाएंगे." ज्ञात हो कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन तो अंजाम दिया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद से ईरान ने हमले शुरू किए थे.
यह हमले सीधे तौर पर खामेनेई की मौत का बदला हैं, जिनका असर खाड़ी क्षेत्र के कई इलाकों में देखा गया. दुबई, अबू धाबी, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रों में हमले हुए, जिनके वीडियो में बड़े पैमाने पर तबाही दिखाई दी. ईरान ने यूएस मिलिट्री बेस, एंबेसी और डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया थाय
अब क्या रणनीति अपनाएगा ईरान?
खाड़ी के देशों में हमले रोकने के बाद अब माना जा रहा है कि ईरान सीधे तौर पर इजराइल पर फोकस करने वाला है. गुरुवार रात ईरान ने यहूदी मुल्क पर कलस्टर मिसाइल से भी हमला किया था, जो कि एक प्रतिबंधित हथियार है. अब ईरान हमलों को और आक्रमक करने वाला है.
दूसरी तरफ माना जा रहा है कि ईरान पूरी तरह से होर्मुज पर कब्जा बनाए रखेगा और वहां से किसी भी जहाज़ को आने जाने की इजाजत नहीं देगा. ये ऐसी जगह है जहां से दुनिया भर का 20 फीसद तेल सप्लाई होता है. यहां फुल कंट्रोल होने से अमेरिका और इजराइल पर भारी दबाव पड़ने वाला है.
क्या घबराया ईरान?
ईरान के हमले रोकने के पीछे की वजह खाड़ी के देशों के मिलिट्री एक्शन भी माने जा रहे हैं. ईरान इतना कैपेबल नहीं है कि वह कई मोर्चों पर लड़ सके. लगातार ईरानी हमलों से अनुमान लगाया जा रहा था कि सऊदी अरब और कई देश उस पर हमला कर सकते हैं. अगर ऐसा होता तो ईरान काफी कमज़ोर पड़ सकता था.




