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द्वारका SUV हादसा: बोर्ड एग्जाम के नाम पर आरोपी को मिली जमानत, मां ने उठाए सिस्टम पर सवाल; मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

द्वारका SUV हादसे में बेटे द्वारा की गई लापरवाही पर 15 दिन बाद आरोपी के पिता की माफी भी पीड़ित मां का गुस्सा शांत नहीं कर सकी. मां का आरोप है कि आरोपी परिवार न्याय से ज्यादा जमानत पर ध्यान दे रहा था, जबकि पुलिस ने नाबालिग को गाड़ी चलाने देने के आरोप में पिता पर केस दर्ज किया है.

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आरोपी के पिता की माफी के बाद भी भड़की मृतक साहिल की मां 

Dwarka SUV Crash Case latest updates: दिल्ली के द्वारका में हुए दर्दनाक SUV हादसे के 15 दिन बाद आरोपी नाबालिग के पिता ने मृतक साहिल की मां से माफी मांगी, लेकिन मां ने इसे देर से किया गया कदम बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया. 3 फरवरी को हुए इस हादसे में 17 साल का लड़का तेज रफ्तार SUV चलाते हुए सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहा था, तभी गाड़ी ने एक बाइक और टैक्सी को टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में 23 वर्षीय साहिल की मौत हो गई, जबकि टैक्सी ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया.

आरोपी के पिता ने कहा कि हादसे के वक्त वह काम से गोरखपुर में थे और सूचना मिलते ही दिल्ली लौट आए. उन्होंने बेटे की गलती को 'बड़ी भूल' बताते हुए पीड़ित परिवार से माफी मांगी और कहा कि वह कानून और अदालत के फैसले का पालन करेंगे.

साहिल की मां ने क्या आरोप लगाया?

साहिल की मां, जो अकेली अभिभावक हैं, ने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार अब तक सिर्फ अपने बेटे की जमानत कराने में लगा था. किसी ने उनसे संपर्क तक नहीं किया. उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद माफी मांगना केवल औपचारिकता है. हमें न्याय चाहिए. उनका दावा है कि आरोपी का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है, जबकि उन्हें खुद सबूत जुटाकर केस लड़ना पड़ रहा है.

दिल्ली पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

दिल्ली पुलिस ने नाबालिग को गाड़ी चलाने देने के आरोप में पिता पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआत में खुद को 19 साल का बताया था, लेकिन दस्तावेज जांच में वह नाबालिग निकला. मामले की जांच जारी है.

दिल्ली के द्वारका में हुए दर्दनाक SUV हादसे में अब तक क्या-क्या हुआ?

  • दिल्ली के द्वारका (सेक्टर-11, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास) में 3 फरवरी, 2026 को एक तेज रफ्तार महिंद्रा स्कॉर्पियो ने विपरीत दिशा से आ रहे 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की बाइक (यहीमा R15) को जोरदार टक्कर मारी. टक्कर के बाद एसयूवी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक टैक्सी (स्विफ्ट डिजायर) से भी भिड़ गई.
  • साहिल धनेश्रा की मौके पर ही मौत हो गई. टैक्सी चालक, अजीत सिंह, गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, साहिल की मौत सिर में गंभीर चोट (cranio-cerebral trauma), खोपड़ी और पसलियों के टूटने और अंदरूनी रक्तस्राव (haemorrhagic shock) के कारण हुई.
  • स्कॉर्पियो चलाने वाला ड्राइवर 17 वर्षीय नाबालिग निकला. पुलिस जांच में सामने आया कि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था.
  • नाबालिग को हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया गया और उसे सुधार गृह भेजा गया था. हालांकि, 10 फरवरी को उसे उसकी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर अंतरिम जमानत दे दी गई.
  • पुलिस ने आरोपी के पिता (जो एक ट्रांसपोर्ट बिजनेसमैन हैं) के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A (नाबालिग को गाड़ी चलाने देना) के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें चार्जशीट किया जाएगा.
  • साहिल की मां इन्ना माकन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह आरोप लगाया गया है कि नाबालिग और उसकी बहन स्टंट करते हुए सोशल मीडिया रील्स बना रहे थे. हाल ही में आए सीसीटीवी फुटेज में एसयूवी को हादसे से ठीक पहले बहुत तेज रफ्तार में देखा गया है. यह भी सामने आया है कि इस विशेष एसयूवी पर पहले से ही ओवरस्पीडिंग के लिए 13 चालान लंबित थे.
  • नाबालिग के पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए इसे अपने बेटे की बड़ी गलती बताया है और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने की बात कही है. हालांकि, साहिल की मां ने इस माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और कड़ी सजा की मांग की है.

दिल्ली पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया मामला?

  • धारा 281 (BNS): सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना (Rash Driving).
  • धारा 106(1) (BNS): लापरवाही के कारण मौत (Causing Death by Negligence).
  • धारा 125(a) (BNS): दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य.
  • मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 199A: यह धारा विशेष रूप से आरोपी के पिता (वाहन मालिक) पर लगाई गई है, जो नाबालिग को गाड़ी चलाने देने के लिए अभिभावक को जिम्मेदार मानती है.

अदालती कार्यवाही में क्या-क्या हुआ?

  • जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने 4 फरवरी को बोर्ड ने पाया कि आरोपी नाबालिग के व्यवहार में कोई पछतावा (remorse) नहीं था और वह मानव जीवन के महत्व को नहीं समझ पा रहा था.
  • 10 फरवरी को JJB ने नाबालिग को उसकी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर 9 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी.
  • आरोपी के वकील ने दावा किया कि यह 'शुद्ध रूप से एक दुर्घटना' थी और नाबालिग 'अकादमिक तनाव' (academic stress) और धमकियों के कारण सदमे में है.
  • पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पिता का नाम मुख्य चार्जशीट में सह-आरोपी के रूप में शामिल किया जाएगा.

साहिल की मां, इन्ना माकन ने मांग की है कि आरोपी नाबालिग पर वयस्क (adult) की तरह मुकदमा चलाया जाए. उन्होंने 'वीआईपी संस्कृति' और सोशल मीडिया रील्स के लिए दूसरों की जान जोखिम में डालने के खिलाफ सख्त सजा की अपील की है.

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