23 साल के साहिल को कुचलने से मिनटों पहले क्या कर रहा था आरोपी टीनएजर? नए CCTV फुटेज में दिखी 'जानलेवा मौत की रफ्तार'
द्वारका रोड हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है. CCTV फुटेज ने कई तथ्य उजागर किए हैं, लेकिन न्याय और जवाबदेही की प्रक्रिया अब आगे की जांच पर निर्भर करेगी.
दिल्ली के द्वारका में 23 साल के एक युवक की मौत ने सड़क सुरक्षा और कानून के पालन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. ताजा CCTV फुटेज में हादसे से ठीक पहले एक स्कॉर्पियो SUV को तेज रफ्तार में लापरवाही से दौड़ते देखा गया है. बताया जा रहा है कि वाहन 17 साल का किशोर चला रहा था. चौंकाने वाली बात यह है कि इसी SUV पर पहले से 13 चालान कट चुके थे, जिनमें ज्यादातर ओवरस्पीडिंग के थे. क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी, या बार-बार नियम तोड़ने की अनदेखी का नतीजा? जांच अब इसी दिशा में आगे बढ़ रही है.
द्वारका हादसा: CCTV में दिखी मौत से पहले की रफ्तार
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी यानी आज से 15 दिन पहले 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की दर्दनाक मौत ने देश की राजधानी को झकझोर दिया था. इस हादसे को लेकर अब सामने आई नई CCTV फुटेज में दिख रहा है कि हादसे से कुछ मिनट पहले स्कॉर्पियो SUV तेज रफ्तार में बस को बाल-बाल बचाते हुए आगे बढ़ रही थी. टीनएजर जो एसयूवी चला रहा है, वो उसके नियंत्रण में नहीं थी.
बताया जा रहा है कि SUV एक 17 वर्षीय किशोर चला रहा था. कथित तौर पर टीनएजर बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था और बोर्ड परीक्षाओं के चलते अंतरिम जमानत पर है.
CCTV फुटेज में हादसे से ठीक पहले क्या दिखा?
वीडियो में साफ दिखता है कि SUV ओवरस्पीडिंग करते हुए लेन डिसिप्लिन खो रही थी. फुटेज में एसयूवी बस को काटते हुए उससे आगे बढ़ता है और कुछ ही सेकंड बाद साहिल की बाइक से टकरा जाता है.
क्या साहिल भी ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे?
CCTV में यह भी दिखाई देता है कि साहिल बस को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार SUV ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक साहिल करीब 50 फीट दूर जा गिरा.
17 साल के चालक पर क्या आरोप हैं?
SUV चला रहा किशोर कथित तौर पर नाबालिग है और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. रिकॉर्ड के अनुसार, उसी वाहन पर पहले 13 चालान जारी हो चुके थे, जिनमें से 9 ओवरस्पीडिंग के थे. यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने चालानों के बावजूद वाहन सड़क पर कैसे चल रहा था?
मां ने एम्बुलेंस और अस्पताल पर क्या आरोप लगाए?
साहिल की मां, इना माकन, का आरोप है कि मौके पर एम्बुलेंस मौजूद थी लेकिन उनके बेटे को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया. उनका कहना है कि करीब 10 मिनट तक वे चिल्लाती रहीं, तब जाकर साहिल को उठाकर अस्पताल ले जाया गया. उन्हें पश्चिमी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
क्या यह सिर्फ एक सड़क हादसा है या सिस्टम की नाकामी?
बिना लाइसेंस नाबालिग चालक, पहले से दर्ज कई चालान, और कथित लापरवाही, यह मामला सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
क्या ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है?
द्वारका का यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। CCTV फुटेज ने कई तथ्य उजागर किए हैं, लेकिन न्याय और जवाबदेही की प्रक्रिया अब आगे की जांच पर निर्भर करेगी।
जुनून टैलेंट को हरा देगा
साहिल बड़ा आदमी बनना चाहता था. इस बात की गवाह उसका कमरा है. उसके कमरे के दीवार पर लिखे मोटिवेशनल कोट्स - “2025 मेरा साल होगा” और “$1,000,000 साल”, उसकी महत्वाकांक्षा को दिखाते हैं. मेडल्स से सजी दीवारें और “जुनून टैलेंट को हरा देगा” जैसे वाक्य अब एक अधूरे सफर की कहानी बन गए हैं.





