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97 के बाद अब 96 रन! वैभव सूर्यवंशी क्यों बार-बार शतक से चूक रहे हैं? सुनील गावस्कर ने बताई वजह, गेंदबाज खुश हो जाएंगे

15 साल के वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में लगातार दूसरी बार शतक से चूक गए. गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन की विस्फोटक पारी के बाद सुनील गावस्कर ने उनकी एक 'कमजोरी' बताई है.

Vaibhav Sooryavanshi
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Vaibhav Sooryavanshi

( Image Source:  IPL )

Vaibhav Sooryavanshi इस वक्त IPL 2026 का सबसे बड़ा नाम बन चुके हैं, लेकिन अब उनकी बल्लेबाजी को लेकर एक नया पैटर्न सामने आने लगा है...और उसे सबसे पहले पकड़ लिया है भारत के दिग्गज बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने... राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए क्वालिफायर-2 में वैभव ने 47 गेंदों पर 96 रन की विस्फोटक पारी खेली. उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए और एक बार फिर अकेले मैच का रुख बदल दिया.

लेकिन कहानी फिर वहीं खत्म हुई जहां एलिमिनेटर में हुई थी- शतक से कुछ कदम दूर... सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछली पारी में वैभव 97 रन पर आउट हुए थे. इस बार गुजरात के खिलाफ 96 पर रुक गए. दोनों बार आउट होने का तरीका लगभग एक जैसा रहा- शॉर्ट गेंद, अपर कट और थर्ड मैन की दिशा में कैच. यही देखकर सुनील गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान बड़ी बात कह दी. उन्होंने कहा कि अब गेंदबाजों को वैभव की एक कमजोरी मिल गई है.

क्या है वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी?

गावस्कर के मुताबिक, जब वैभव 90s में पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ शॉर्ट गेंद असर कर रही है. उन्होंने कहा, “अब सारे गेंदबाज यही सोचेंगे कि 90s में पहुंचने पर उसे शॉर्ट बॉल डालो, डीप थर्ड मैन रखो और विकेट मिल सकता है.” हालांकि गावस्कर ने यह भी माना कि इससे पहले मैच में वही गेंद असर नहीं करती, क्योंकि वैभव शुरुआत में हर तरह की गेंद पर पूरी तरह हावी रहते हैं.

दिलचस्प बात यह रही कि इस पारी में वैभव ने सिर्फ पावर नहीं दिखाई, बल्कि मैच्योरिटी भी दिखाई. उन्होंने अपने IPL करियर की सबसे धीमी फिफ्टी लगाई, जो 31 गेंदों में आई, लेकिन इसके बाद उन्होंने अगले 16 गेंदों में 45 रन उड़ाकर फिर साबित कर दिया कि वो किसी भी वक्त मैच का नक्शा बदल सकते हैं.

IPL में वैभव ने सबसे तेज पूरे किए 1000 रन

इस पारी के साथ वैभव ने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. वो IPL इतिहास में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए. उन्होंने सिर्फ 440 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया. इसके अलावा वो सबसे कम उम्र में 1000 IPL रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए. 23 पारियों में यह उपलब्धि हासिल करके उन्होंने साई सुदर्शन जैसे बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया.

इस सीजन वैभव की बल्लेबाजी ने क्रिकेट की सोच बदल दी है. गेंदबाज अब उन्हें रोकने की नहीं, सिर्फ किसी तरह आउट करने की प्लानिंग करते दिख रहे हैं... लेकिन अब सवाल यही है - क्या विपक्षी टीमों को सच में वैभव की कमजोरी मिल गई है, या अगली बार वही शॉर्ट बॉल स्टैंड में जाएगी?

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