5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का सबसे खराब दौर! 6 साल से कोई ट्रॉफी नहीं जीत पाई MI, क्या अब सूर्या-हार्दिक टीम से होंगे बाहर?
Mumbai Indians अब IPL 2026 से बाहर होने वाली दूसरी टीम बन गई है. लगातार खराब प्रदर्शन, सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम के भीतर संतुलन की कमी ने पांच बार की चैंपियन टीम को मुश्किल में डाल दिया है. अब टीम में बड़े बदलाव की मांग उठ रही है.
विकेट लेने का जश्न मनाते मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी
Mumbai Indians का IPL 2026 अभियान लगभग खत्म हो चुका है. रविवार को Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में हार के साथ मुंबई इंडियंस टूर्नामेंट से बाहर होने वाली दूसरी टीम बन गई. इस हार के साथ MI का ट्रॉफी का सूखा अब लगातार छठे सीजन तक पहुंच गया है, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास का सबसे लंबा खराब दौर माना जा रहा है. इतना ही नहीं, 2022 के बाद चौथी बार टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही है.
2019 और 2020 में लगातार दो बार IPL जीतने वाली यह टीम अब अपनी पुरानी लय में नजर नहीं आ रही है. कभी टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली मुंबई इंडियंस इस सीजन में संतुलन, फॉर्म और टीम संयोजन तीनों मोर्चों पर कमजोर दिखाई दी. MI इस सीजन 11 मैचों में 8 हार और 3 जीत के साथ 6 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में नौवें नंबर पर है, जबकि, लखनऊ सुपरजायंट्स भी 11 मैचों में 6 अंक के साथ 10वें नंबर पर है.
कुछ खिलाड़ियों ने उम्मीद जगाई, लेकिन निरंतरता की दिखी कमी
- मुंबई के कुछ खिलाड़ियों ने जरूर उम्मीद जगाई. रेयान रिकेल्टन ने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की, रोहित शर्मा ने कुछ अच्छी पारियां खेलीं और तिलक वर्मा ने दो शानदार अर्धशतक लगाए. गेंदबाजी में कॉर्बिन बॉश ने भी प्रभाव छोड़ा, लेकिन पूरी टीम में निरंतरता की भारी कमी दिखाई दी.
- सबसे ज्यादा सवाल कप्तान हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन को लेकर उठ रहे हैं. हार्दिक बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव नहीं छोड़ पाए, जबकि सूर्यकुमार यादव पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए. उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ 195 रन बनाए.
- अब मांग उठ रही है कि बचे हुए मुकाबलों में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए. पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बचे मैचों में टीम बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को आजमा सकती है.
- कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्यकुमार यादव जैसे सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर नए चेहरों को मौका मिलना चाहिए.
- तिलक वर्मा ने RCB के खिलाफ अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन पूरे सीजन में उनका प्रदर्शन भी अस्थिर रहा. उनके 261 रन में से 158 रन सिर्फ दो पारियों में आए, जबकि बाकी नौ पारियों में वह सिर्फ 103 रन बना सके.
- दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह को विकेट कम मिलने के कारण आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने पूरे सीजन शानदार गेंदबाजी की. उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. ऐसे में अब यह भी कहा जा रहा है कि टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद बुमराह को अंतिम तीन मैचों में आराम देना चाहिए.
- हालांकि मुख्य कोच Mahela Jayawardene फिलहाल बड़े बदलाव के पक्ष में नजर नहीं आए. उन्होंने टीम के 'कोर ग्रुप' का बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी मेहनत कर रहे हैं और लगातार बदलाव करना समाधान नहीं है.
- जयवर्धने ने कहा कि टीम के खिलाड़ी पूरी प्रतिबद्धता के साथ खेल रहे हैं और पिछले साल विश्व कप जीतने वाले इसी समूह पर भरोसा बनाए रखना जरूरी था. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि टीम एक यूनिट के तौर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई.
अब मुंबई इंडियंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बचे हुए मैच जीतना नहीं, बल्कि अपनी टीम को फिर से खड़ा करना है. अगर अगले सीजन से पहले बड़े बदलाव नहीं हुए, तो पांच बार की चैंपियन टीम एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे खत्म कर सकती है.




