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'सनातन को खत्म होना चाहिए...', हारकर भी नहीं सुधरे उदयनिधि, CM विजय के सामने दिया बयान; वंदे मातरम् को भी नहीं छोड़ा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में हारकर भी DMK के उदयनिधि स्टालिन सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर से सनातन को खत्म करने की बात कही है और इस बार उनके सामने नए विजय भी मौजूद थे.

Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy
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Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy

( Image Source:  X/ @ANI )

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. डीएमके विधायक और विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में नए सीएम विजय के सामने ऐसा बयान दिया, जिसने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है. उनके इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है.

बीजेपी नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला और समाज को बांटने वाला बयान बताया है. उदयनिधि स्टालिन के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में विभाजन पैदा करती हैं और करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान करती हैं.

क्या-क्या बोले उदयनिधि स्टालिन?

उदयनिधि ने अपने संबोधन के दौरान कहा "सनातनम, जो लोगों को बांटता है, उसे खत्म होना चाहिए." इसके अलावा अपने संबोधन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने शपथ ग्रहण समारोह में ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि "तमिलनाडु के राज्य गीत को कभी भी पीछे नहीं रखा जाना चाहिए."

पहले कब दिया था विवादित बयान?

यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन सनातन’ धर्म को लेकर विवादित बयान दिया हो, इससे पहले उन्होंने साल 2023 में भी उन्होंने इसी तरह की टिप्पणी की थी, जिसके बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं. उस बयान को लेकर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं और मामला अदालत तक पहुंच गया था. हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने भी इस मामले से जुड़े एक प्रकरण में कहा था कि उदयनिधि का बयान हेट स्पीच की श्रेणी में माना जा सकता है.

विजय की सरकार के लिए क्या बोले?

हालांकि विवादित टिप्पणी के बीच उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में राजनीतिक शालीनता और सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार के साथ राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि "सत्ता पक्ष और विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत जनता के हित में सहयोग करना चाहिए."

DMK को कितनी सीट मिली?

इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में DMK को हार का सामना करना पड़ा है. DMK इस बार 59 सीटों पर ही सिमट गई. हालांकि डीएमके तमिलनाडु में दूसरी सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाली पार्टी है. पहले नंबर पर एक्टर से नेता बने विजय की TVK है जिसने इस बार चुनाव में 108 सीटें हासिल की.

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