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पानी के एक घूंट की वजह से बवाल! शादी के प्रोग्राम में दलित भाइयों पर चाकू से हमला, पुलिस ने चार को दबोचा

हल्द्वानी के गौलापार में शादी समारोह के दौरान दलित युवक को पानी पीने पर पीटा गया और जातिसूचक गालियां दी गईं. उत्तराखंड में हाल के वर्षों में सामने आए ऐसे कई मामलों ने सामाजिक बराबरी और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पानी के एक घूंट की वजह से बवाल! शादी के प्रोग्राम में दलित भाइयों पर चाकू से हमला, पुलिस ने चार को दबोचा
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( Image Source:  AI Created )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Published on: 12 May 2026 2:14 PM

उत्तराखंड की हल्द्वानी में हाल ही में दो ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक और शर्मनाक हैं. पहली घटना में जातिवाद की काली छाया साफ दिखाई दी. हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र के देवला मल्ला गांव में 10 मई की रात को एक शादी समारोह चल रहा था. शादी में डीजे बजाने का काम दो दलित भाई कर रहे थे. इनमें एक था शुभम टम्टा, जिसका भाई उमेश चंद टम्टा बीडीसी सदस्य है. शुभम अपने साले के साथ डीजे संचालन कर रहा था.

रात के समय शुभम को बहुत प्यास लगी. पास में रखे बर्तन से उसने पानी निकालकर पी लिया. इतनी सी बात पर गांव के कुछ लोगों को गुस्सा आ गया. उन्होंने शुभम को टोका और विरोध करने पर आठ-दस लोगों ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. पीटते समय जातिसूचक गालियां भी दी गईं. इतना ही नहीं, जब शुभम के भाई उमेश घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया. उमेश को भी जमकर मारा गया और सिर पर चाकू से हमला किया गया.

अस्पताल में भर्ती पीड़ित

शुभम इस समय अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. उमेश चंद टम्टा ने थाने में लिखित शिकायत दी है, जिसमें पूरे मामले का ब्योरा दिया गया है. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. एसओ विमल मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलते ही चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. यह घटना इसलिए ज्यादा दुखद है क्योंकि यह शादी जैसे खुशी के मौके पर हुई.

उत्तराखंड में और भी हो चुके ऐसे मामले

पिथौरागढ़ 2025

पिथौरागढ़ जिले के जखनी गांव में एक दलित परिवार के खिलाफ ऊपरी जाति के लोगों ने कथित तौर पर रास्ता ब्लॉक कर दिया. सूखी झाड़ियों से रोड बंद करके परिवार के बच्चों को स्कूल जाने से रोका गया. परिवार पर खुलेआम जातिसूचक गालियां दी गईं और कहा गया कि 'तुम SC हो, अछूत हो, जाने नहीं देंगे'. इस घटना ने शिक्षा के अधिकार पर सवाल खड़े किए. जिला प्रशासन ने बाद में रास्ता खुलवाया.

3. चमोली 2024

जुलाई 2024 में दलित परिवारों पर सामाजिक बहिष्कार के चलते चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक के सुभाई-चंचड़ी गांव में दलित परिवारों पर भारी बहिष्कार थोपा गया. एक दलित व्यक्ति पुष्कर लाल बीमार होने के कारण मंदिर के उत्सव में पूरी रात ढोल नहीं बजा सके. इसके बाद पंचायत ने पूरे दलित परिवारों को बहिष्कृत कर दिया. उन्हें पानी, जंगल, दुकान, वाहन और मंदिर जाने से रोका गया. पुलिस ने 28 लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया. इस मामले में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए.

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