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GT क्यों बन रही है IPL ट्रॉफी जीतने की सबसे बड़ी दावेदार? टेबल टॉपर RCB पर भारी पड़ सकता है प्लेऑफ का चौंकाने वाला ट्रेंड

RCB ने IPL 2026 लीग स्टेज में टॉप किया है, लेकिन IPL इतिहास बताता है कि दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें सबसे ज्यादा बार चैंपियन बनी हैं. ऐसे में गुजरात टाइटंस के पास प्लेऑफ इतिहास और अहमदाबाद की घरेलू परिस्थितियों का बड़ा फायदा हो सकता है.

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आईपीएल प्लेऑफ के ट्रेंड चौंकाने वाले

IPL 2026 का लीग स्टेज खत्म होने की कगार पर है. अब नजरें प्लेऑफ पर टिकी हैं. डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया, जबकि Gujarat Titans दूसरे और Sunrisers Hyderabad तीसरे स्थान पर रहे. चौथे स्थान के लिए राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.

कागज पर देखें तो RCB सबसे मजबूत टीम दिखाई देती है. टीम के पास इस सीजन का सबसे खतरनाक पावरप्ले बॉलिंग अटैक है. भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने नई गेंद से लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों को शुरुआत में ही दबाव में डाल दिया. बल्लेबाज़ी में विराट कोहली के साथ रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या और टिम डेविड ने टीम को गहराई दी है, लेकिन IPL इतिहास एक अलग कहानी बताता है.

गुजरात टाइटंस के पास क्यों है बड़ा मौका?

2011 में मौजूदा प्लेऑफ फॉर्मेट लागू होने के बाद से सबसे ज्यादा बार IPL ट्रॉफी उस टीम ने जीती है, जो लीग स्टेज में दूसरे स्थान पर रही थी. आंकड़े बताते हैं कि पहले स्थान वाली टीम 5 बार, दूसरे स्थान वाली टीम 9 बार और तीसरे स्थान पर रहने वाली 1 बार चैंपियन बनी हैं, जबकि चौथे स्थान पर रहने वाली टीम ने एक भी बार ट्रॉफी नहीं जीती है. यही आंकड़ा गुजरात टाइटंस को बड़ा मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है.

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GT अगर क्वालिफायर-1 में RCB को हरा देती है, तो उसे फाइनल से पहले एक और बड़ा फायदा मिलेगा- अहमदाबाद की घरेलू परिस्थितियां. नरेंद्र मोदी स्टेडियम इस सीजन GT का किला साबित हुआ है, जहां टीम ने 7 में से 5 मुकाबले जीते हैं. अगर फाइनल में GT पहुंचती है, तो घरेलू माहौल और पिच की समझ उनके पक्ष में जा सकती है.

RCB ने खुद नंबर-2 रहकर जीती IPL ट्रॉफी

दूसरी तरफ, RCB के लिए इतिहास कुछ खास अच्छा नहीं रहा. 2011 में टीम टेबल टॉपर थी, लेकिन फाइनल हार गई. 2016 में दूसरे स्थान पर रहकर टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन SRH ने खिताब छीन लिया. 2025 में RCB ने आखिरकार अपना पहला IPL टाइटल जीता, लेकिन तब टीम लीग स्टेज में दूसरे स्थान पर थी. यानी RCB की अपनी ट्रॉफी जीत भी 'दूसरे स्थान' वाले ट्रेंड को मजबूत करती है.

मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी सफल टीमों ने भी ज्यादातर अपने खिताब टॉप-2 में रहकर जीते हैं. इससे साफ है कि IPL का मौजूदा प्लेऑफ सिस्टम लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को बड़ा फायदा देता है.

SRH की क्यों मुश्किल है राह?

अब सबसे मुश्किल रास्ता SRH के सामने है. सनराइजर्स को एलिमिनेटर खेलना होगा और इतिहास बताता है कि यह रास्ता बेहद कठिन है. IPL इतिहास में सिर्फ एक बार कोई टीम एलिमिनेटर से ट्रॉफी जीत पाई है... और वह खुद SRH थी, जिसने 2016 में RCB को हराकर खिताब जीता था. इस बार भी अगर SRH और RCB की भिड़ंत होती है, तो 2016 की यादें मानसिक दबाव बना सकती हैं.

कुल मिलाकर IPL 2026 का प्लेऑफ बेहद रोमांचक होने वाला है. RCB के पास फॉर्म, संतुलन और मोमेंटम है, लेकिन आंकड़े और इतिहास गुजरात टाइटंस की तरफ इशारा कर रहे हैं. यही वजह है कि लीग टॉपर होने के बावजूद RCB को अभी भी सबसे बड़ा फेवरेट मानना आसान नहीं होगा.

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