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भाई के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद कमेंट्री करने के लिए गया, फिर भी हुआ भेदभाव का शिकार; पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने दावा किया कि बड़े भाई के अंतिम संस्कार के कुछ मिनट बाद ही उन्हें भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में कमेंट्री के लिए बुला लिया गया था. उन्होंने कहा कि निजी दुख के बावजूद उन्होंने प्रोफेशनल जिम्मेदारी निभाई, लेकिन बाद में उन्हें भेदभाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा.

Laxman Sivaramakrishnan Makes Emotional Revelation
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Laxman Sivaramakrishnan का बड़ा खुलासा

( Image Source:  x.com/LaxmanSivarama1 )

Laxman Sivaramakrishnan Emotional Revelation: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपने कमेंट्री करियर को लेकर एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि कुछ साल पहले उनके बड़े भाई का निधन हो गया था. अंतिम संस्कार खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद ही उन्हें BCCI ब्रॉडकास्टिंग टीम की तरफ से फोन आया था.

शिवरामकृष्णन के मुताबिक, उनसे कहा गया कि अब अंतिम संस्कार हो चुका है. इसलिए अगली सुबह मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले टेस्ट मैच के लिए कमेंट्री करने पहुंच जाएं. उन्होंने बताया कि निजी दुख और परिवार के मुश्किल समय के बावजूद उन्होंने अपने पेशे को प्राथमिकता दी और अगले दिन कमेंट्री के लिए रवाना हो गए.

'पुणे में कमेंट्री के दौरान मां का हुआ निधन'

सोशल मीडिया पोस्ट में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने लिखा कि उन्होंने अपने शोक को पीछे छोड़कर काम किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बाद में कई तरह की परेशानियों और भेदभाव का सामना करना पड़ा. पूर्व स्पिनर ने यह भी बताया कि उनकी मां का निधन भी उस समय हुआ था जब वह पुणे में कमेंट्री कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम को गंभीरता से लिया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मानसिक दबाव और भेदभाव झेलना पड़ा।

कमेंट्री क्यों छोड़ी?

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने संकेत दिए कि ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति के व्यवहार की वजह से उन्होंने आखिरकार BCCI कमेंट्री पैनल छोड़ने का फैसला लिया. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. मार्च 2026 में IPL शुरू होने से ठीक पहले शिवरामकृष्णन ने BCCI कमेंट्री पैनल से संन्यास लेने का ऐलान किया था. उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके साथ रंगभेद और दिखावे के आधार पर भेदभाव किया गया. उन्होंने कहा था कि नए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी, जबकि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया.

मानसिक तनाव और डिप्रेशन पर क्या बोले शिवरामकृष्णन?

इससे पहले दिए एक इंटरव्यू में शिवरामकृष्णन ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया था कि कोविड के दौरान UAE में IPL कमेंट्री करते समय वह गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रहे थे. शिवरामकृष्णन ने कहा था कि कई बार उन्हें ऐसा लगता था कि वह मर जाएंगे. उन्हें नींद नहीं आती थी और मानसिक रूप से वह पूरी तरह टूट चुके थे. पूर्व क्रिकेटर ने यह भी दावा किया कि क्रिकेट की दुनिया में उन्हें कई सालों तक नस्लभेद और बाहरी रूप-रंग के आधार पर जज किया गया.

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