दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी सांसद Sanjay Singh और राजद सांसद Manoj Jha के साथ कुछ पूर्व और वर्तमान सैनिकों ने सेना के भीतर कथित दुर्व्यवहार और ‘सेवादारी’ प्रथा को लेकर गंभीर आरोप लगाए. कार्यक्रम में जवानों ने भावुक होकर अपना दर्द साझा किया और कहा कि उन्हें देश की सुरक्षा के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन उनसे अधिकारियों के निजी और घरेलू काम कराए जाते हैं. जवानों ने आरोप लगाया कि बॉर्डर पर तैनाती और सैन्य जिम्मेदारियों के बावजूद कई सैनिकों से वरिष्ठ अधिकारियों की निजी सेवा कराई जाती है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सैनिकों के सम्मान और गरिमा के खिलाफ है. कार्यक्रम के दौरान एक जवान ने हाथ में कटोरा दिखाते हुए कहा कि वह पिछले ढाई-तीन साल से “न्याय की भीख” मांग रहा है, पैसे की नहीं. जवान ने कहा कि वह कई बड़े नेताओं से मिला, जिनमें विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और देश के रक्षा मंत्री भी शामिल हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. उसने मीडिया और राजनीतिक व्यवस्था पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें 'सच्चे नेता' और 'जिंदा मीडिया' की तलाश है, जो सैनिकों की आवाज को मजबूती से उठा सके.