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अब खुलेगा Twisha Sharma केस का सच, भोपाल पुलिस के हाथ लगते ही चली गई वकील समर्थ सिंह की वकालत- Top Updates

ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़ आ गया है. 10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह भोपाल पुलिस की हिरासत में पहुंच गया है. दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, AIIMS दिल्ली की एंट्री, दहेज प्रताड़ना के आरोप और कोर्ट में हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे ने इस केस को और ज्यादा चर्चित बना दिया है. अब सबकी नजर जांच और अगले खुलासों पर टिकी है.

अब खुलेगा Twisha Sharma केस का सच, भोपाल पुलिस के हाथ लगते ही चली गई वकील समर्थ सिंह की वकालत- Top Updates
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी7 Mins Read

Updated on: 22 May 2026 9:15 PM IST

मध्य प्रदेश के भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. 10 दिनों तक पुलिस से बचते फिर रहे समर्थ सिंह ने आखिरकार जबलपुर कोर्ट पहुंचकर सरेंडर की कोशिश की, लेकिन वहां जो कुछ हुआ उसने पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया. मास्क, कैप और चश्मा लगाकर कोर्ट पहुंचे समर्थ सिंह को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वह कानून से बचने की कोशिश क्यों कर रहे थे?

दूसरी तरफ, ट्विशा शर्मा के परिवार ने दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और जांच में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले में अब दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश, AIIMS दिल्ली की एंट्री और रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह पर लगे आरोपों ने इस केस को हाई प्रोफाइल बना दिया है. सोशल मीडिया से लेकर कोर्ट तक, हर जगह सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है, आखिर ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे का सच क्या है?

BCI का बड़ा एक्शन, आरोपी वकील समर्थ सिंह की प्रैक्टिस सस्पेंड

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बड़ा कदम उठाया है. काउंसिल ने ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में आरोपी वकील समर्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से कानूनी प्रैक्टिस से सस्पेंड कर दिया है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु, क्रूरता और अन्य गंभीर धाराओं में FIR दर्ज है. साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी कथित तौर पर फरार था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था. BCI ने अपने बयान में कहा कि इस मामले में लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इससे कानूनी पेशे की गरिमा और सार्वजनिक छवि प्रभावित होती है. इसी आधार पर समर्थ सिंह के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में है. परिवार ने समर्थ सिंह और उनकी मां पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि अब दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है.

क्या 10 दिन तक पुलिस से भागता रहा समर्थ सिंह?

ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से ही उनके पति समर्थ सिंह फरार बताए जा रहे थे. पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी और गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. आखिरकार समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने सरेंडर की कोशिश की. हालांकि, ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने दावा किया कि समर्थ सिंह को 'गुपचुप तरीके' से कोर्ट परिसर में बैठाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट रूम की लाइट बंद थी और समर्थ सिंह मास्क पहनकर अंदर बैठे थे. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि 'देखिए किस तरह एक रिटायर्ड जज के बेटे को बचाया जा रहा है। उसे जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने का कोई अधिकार नहीं है.' बाद में पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर भोपाल रवाना कर दिया.

क्या ट्विशा शर्मा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था?

ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार मानसिक और दहेज प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था. परिवार का कहना है कि ट्विशा कई बार अपने दोस्तों और परिजनों से कह चुकी थीं कि वह शादी में “फंसी हुई” महसूस करती हैं. ट्विशा के भाई मेजर शर्मा ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि 'ऐसे माहौल में कोई कैसे जी सकता है? अगर वह चाहती भी, तो इतने घुटन भरे घर में एक बच्चे को कैसे ला सकती थी? परिवार का आरोप है कि ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे और उनके बच्चे की वैधता तक पर टिप्पणी की गई. इन आरोपों के बाद यह मामला सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि घरेलू उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का बड़ा केस बन गया है.

क्या दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया AIIMS दिल्ली की टीम की निगरानी में होगी. AIIMS फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि 'जैसे ही हमें कोर्ट का आदेश मिलेगा, या तो डॉक्टरों की एक टीम वहां भेजी जाएगी या फिर अगर शव को AIIMS दिल्ली लाने की व्यवस्था होती है, तो पोस्टमॉर्टम यहां किया जाएगा.'

परिवार का आरोप है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम चोटों का जिक्र नहीं किया गया. इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई भी पुलिस रिकॉर्ड से अलग बताई गई, जिससे जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं.

क्या रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जांच को प्रभावित किया?

समर्थ सिंह की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस ने हाईकोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है. पुलिस का कहना है कि ट्विशा और उनके माता-पिता के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट में “स्पष्ट आरोप” मौजूद हैं. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि गिरिबाला सिंह ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की. हालांकि, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा डिप्रेशन में थीं और नशे की आदी थीं. लेकिन परिवार के कुछ बयानों और सार्वजनिक टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

क्या ट्विशा शर्मा केस अब CBI जांच तक पहुंच सकता है?

जबलपुर कोर्ट में हुई हलचल और पुलिस कार्रवाई के बीच अब इस केस में CBI जांच की मांग भी तेज हो गई है. ट्विशा पक्ष के वकीलों का कहना है कि स्थानीय जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 'जबलपुर जिला कोर्ट के कोर्टरूम के अंदर समर्थ सिंह अंधेरे में आराम से बैठा हुआ था। वहां सारी लाइटें बंद थीं और उसने चेहरे पर मास्क लगा रखा था.' इन दावों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजरें दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

कौन थीं ट्विशा शर्मा?

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और मॉडलिंग व एक्टिंग की दुनिया से जुड़ी हुई थीं. 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में उनका शव फंदे से लटका मिला था. शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन बाद में मामला दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत में बदल गया. पुलिस ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज की है.

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