IPL 2026: बल्लेबाज के खाते में क्यों नहीं जुड़ते Super Over के रन, क्या कहता है नियम?
क्या आपको पता है कि सुपर ओवर में बनाए गए रन बल्लेबाज के खाते में नहीं जुड़ते और नहीं ही विकेट गेंदबाज के खाते में. सुपर ओवर का ये दिलचस्प नियम अक्सर फैंस को हैरान कर देता है.
kkr vs lsg Super Over
IPL 2026: आईपीएल 2026 में बीते दिन कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीत सुपर ओवर देखने को मिला. सुपर ओवर में केकेआर ने एलएसजी को हराकर सीजन की दूसरी जीत हासिल की. सुपर ओवर केकेआर की तरफ से वरुण चक्रवर्ती ने डाला था, जिसमें उन्होंने 2 विकेट चटकाए थे.
वहीं रिंकू सिंह ने सुपर ओवर में चौका लगाकर केकेआर को जीत दिलाई थी, लेकिन क्या आपको पता है कि सुपर ओवर में बनाए गए रन बल्लेबाज के खाते में नहीं जुड़ते और नहीं ही विकेट गेंदबाज के खाते में. सुपर ओवर का ये दिलचस्प नियम अक्सर फैंस को हैरान कर देता है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण और तर्क हैं?
क्यों बल्लेबाज के खाते में नहीं जुड़ते रन?
दरअसल सुपर ओवर का मुख्य उद्देश्य सिर्फ मैच का नतीजा निकालना होता है. असल मुकाबला तय ओवरों जैसे टी20 में 20 ओवर या वनडे में 50 ओवर के भीतर ही पूरा माना जाता है. अगर मैच टाई हो जाता है, तभी सुपर ओवर खेला जाता है. इसलिए सुपर ओवर को मैच का विस्तार नहीं, बल्कि एक अलग निर्णायक प्रक्रिया माना जाता है. यही वजह है कि इसमें बने रन और लिए गए विकेट को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता.
किस खेल से मिलता है ये नियम?
क्रिकेट का यह नियम काफी हद तक फुटबॉल के टाई-ब्रेकर से मिलता-जुलता है. फुटबॉल में जब मैच बराबरी पर खत्म होता है, तो पेनल्टी शूटआउट के जरिए विजेता तय किया जाता है. पेनल्टी में किए गए गोल खिलाड़ी के व्यक्तिगत गोल रिकॉर्ड में शामिल नहीं होते. ठीक उसी तरह, क्रिकेट में सुपर ओवर के आंकड़े भी केवल मैच का फैसला करने तक सीमित रहते हैं.
क्या है इसके पीछे की वजह?
इस नियम के पीछे एक अहम कारण यह भी है कि सभी खिलाड़ियों के साथ निष्पक्षता बनी रहे. टी20 मैच में हर खिलाड़ी को बराबर अवसर मिलता है, लेकिन सुपर ओवर में केवल एक गेंदबाज और सीमित बल्लेबाज ही हिस्सा लेते हैं. ऐसे में अगर सुपर ओवर के आंकड़े जोड़ दिए जाएं, तो जिन खिलाड़ियों को मौका नहीं मिला, उनके साथ अन्याय हो सकता है. इसी असमानता से बचने के लिए इन आंकड़ों को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता.
क्या ये भी है कारण?
क्रिकेट में हर फॉर्मेट के लिए गेंदबाजों की ओवर लिमिट तय होती है. टी20 में एक गेंदबाज अधिकतम 4 ओवर और वनडे में 10 ओवर ही फेंक सकता है. अगर सुपर ओवर के आंकड़ों को भी जोड़ा जाए, तो यह सीमा टूट सकती है जैसे टी20 में 5 ओवर या वनडे में 11 ओवर। इससे खेल के मूल नियमों में असंतुलन पैदा होगा, जिसे सही नहीं माना जाता.




