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बिना डॉक्टर से सलाह के बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती हैं ये दवाएं, ठीक होने के बजाय पड़ सकते हैं बीमार

खांसी-जुकाम की दवा बिना डॉक्टर की सलाह लेना बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिम भरा हो सकता है. गलत दवा या डोज से साइड इफेक्ट बढ़ सकते हैं और ठीक होने के बजाय तबीयत और बिगड़ सकती है.

बिना डॉक्टर से सलाह के बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती हैं ये दवाएं, ठीक होने के बजाय पड़ सकते हैं बीमार
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 3 Feb 2026 4:17 PM IST

खांसी-जुकाम जैसी आम दिखने वाली समस्या में अक्सर लोग मेडिकल स्टोर से दवा लेकर काम चला लेते हैं. लेकिन यही लापरवाही बच्चों और बुजुर्गों के लिए भारी पड़ सकती है. इन दवाओं में मौजूद कई तत्व शरीर पर अलग-अलग असर डालते हैं, जो कमजोर इम्यूनिटी या पहले से चल रही बीमारियों की कंडीशन में नुकसान पहुंचा सकते हैं.

यही कहानी कई घरों में दोहराई जाती है, जहां खांसी-जुकाम को मामूली समझकर लोग बिना सलाह दवा उठा लेते हैं. सच यह है कि ओवर-द-काउंटर मिलने वाली सर्दी-जुकाम की दवाएं दिखने में साधारण लगती हैं, लेकिन इनके अंदर कई सक्रिय तत्व होते हैं, जो हर व्यक्ति पर अलग असर डाल सकते हैं. इसलिए इन्हें लेने से पहले डॉक्टर की राय बेहद जरूरी है.

ओवरडोज और पॉइजनिंग

कई कफ-कोल्ड सिरप और टैबलेट में दर्द निवारक, डिकंजेस्टेंट और एंटीहिस्टामिन जैसे कई कंपोनेंट्स साथ होते हैं. अगर आप समान तत्व वाली दूसरी दवा भी ले लें, तो अनजाने में ओवरडोज हो सकता है. यह लिवर पर बुरा असर डाल सकता है या शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ा सकता है.

दूसरी दवाओं के साथ रिएक्शन

कुछ दवाएं चक्कर, नींद न आना, घबराहट और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसे प्रभाव पैदा कर सकती हैं. बुजुर्गों, दिल के मरीजों या हाई बीपी वालों के लिए यह खास तौर पर खतरनाक हो सकता है. यदि आप पहले से बीपी, डायबिटीज, डिप्रेशन या किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो कफ-कोल्ड मेडिसिन रिएक्शन कर सकती है. यह दवाओं के असर को बिगाड़ देती है और नई समस्या खड़ी कर देती है.

बीमारी नहीं होती खत्म

ये दवाएं केवल लक्षण कम करती हैं, बीमारी का इलाज नहीं करतीं. कभी-कभी गंभीर संक्रमण या एलर्जी के साइन भी छिप जाते हैं, जिससे सही इलाज में देरी हो सकती है.

बच्चों के लिए क्यों नहीं होती सेफ?

छोटे बच्चों में ये दवाएं अक्सर असरदार नहीं होती हैं. यही कारण है कि एक्सपर्ट कम उम्र के बच्चों को ऐसी दवाएं देने से मना करते हैं. खांसी-जुकाम भले ही आम लगे, लेकिन सही दवा, सही मात्रा और सही समय तय करना डॉक्टर का काम है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए सलाह लेना बेहद जरूरी है. छोटी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

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