शादी में नहीं दे सकेंगे महंगे गिफ्ट! सिर्फ 101 रुपये का टीका, बीयर पर बैन; जौनसारी समाज ने बदले कौन-कौन से नियम?
जौनसार बावर के जौनसारी समाज ने शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं. अब शगुन में सिर्फ 101 रुपये का टीका दिया जाएगा और समारोह में बीयर परोसने पर भी बैन रहेगा.
jaunsari wedding
उत्तराखंड के जौनसार बावर क्षेत्र के जौनसारी समाज ने शादियों में बढ़ते दिखावे पर रोक लगाने के लिए अहम फैसले लिए हैं. अब शादी के फंक्शन में महंगे गिफ्ट, चांदी के सिक्के या कपड़ों की जगह शगुन के तौर पर सिर्फ 101 रुपये का टीका ही दिया जा सकेगा.
ये नए नियम 30 जून 2026 के बाद होने वाली शादियों पर लागू होंगे. समाज ने साफ कर दिया है कि जो परिवार इन फैसलों को नहीं मनाेगा, उसके समारोह में लोग शामिल नहीं होंगे. सादगी और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के मकसद से जौनसारी समाज ने परंपराओं में यह बड़ा बदलाव किया है.
101 रुपये से ज्यादा टीके पर रोक
सबसे जरूरी फैसला शगुन को लेकर लिया गया. अब शादी में टीका के रूप में 101 रुपये से अधिक नहीं दिए जाएंगे. चांदी के सिक्के, कपड़े या अन्य महंगे उपहार देने पर रोक रहेगी. मकसद साफ है-रिश्तों में सादगी रहे, दिखावे की होड़ नहीं.
मामा पक्ष की परंपरा में बदलाव
पहले मामा पक्ष से कई तरह के सामान और रस्में जुड़ी होती थीं. अब इसे सीमित कर दिया गया है. यदि परिवार में पहली शादी है, तो मामा पक्ष केवल एक बकरा और आटा, चावल व सूजी ला सकता है. दो या अधिक मामा होने पर आपसी सहमति से यही परंपरा निभाई जाएगी. इसके अलावा मामा की ओर से टीका और अन्य भेंट पूरी तरह बंद कर दी गई है.
बीयर पर रोक
गांवों में शादी या अन्य समारोह में अल्कोहल यानी बीयर पर भी रोक लगा दी गई है. इसके अलावा, साउंड सिस्टम रात 12 बजे तक ही बजेगा. देर रात तक डीजे बजाने वालों पर एक्शन लिया जाएगा.
‘रहिणी भोज’ और बेटियों की रस्म में बदलाव
जौनसारी लोगों में रहिणी भोज होता है. अब इस भोज को लेकर भी नियम बदल दिए हैं, जहां अब खाने के दौरान कोई भी परिवार चांदी के सिक्के या कपड़े नहीं देगा. वहीं, शादीशुदा बेटियों द्वारा मायके पक्ष को दिए जाने वाले बकरे की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है. यानी न तो बकरा लिया जाएगा और न किसी दूसरे को दिया जाएगा.





