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Summer में मॉइस्चराइजिंग बन सकती है नुकसान की वजह! कैसे सर्दियों से एकदम अलग है गर्मियों का स्किन केयर?

अक्सर हम सर्दियों वाला स्किन केयर रूटीन गर्मियों में भी फॉलो करते हैं, जो कि सही नहीं है. ये स्किन के लिए नुकसानदे हो सकता है. इसके साथ ही गर्मियों में होने वाली ड्राइनेस भी सर्दियों की ड्राइनेस से अलग होती है.

Summer में मॉइस्चराइजिंग बन सकती है नुकसान की वजह! कैसे सर्दियों से एकदम अलग है गर्मियों का स्किन केयर?
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 2 April 2026 12:01 PM IST

Summer Skin Care Routine: गर्मी बढ़ने के साथ ही त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स (तेल ग्रंथियां) की एक्टिविटी भी बढ़ जाती है. इस मौसम में नमी, पसीना और ज्यादा सीबम (तेल) बनने के कारण स्किन पर पोर्स बंद होना, ब्लैकहेड्स, कॉमेडोन्स और एक्ने (पिंपल्स) की समस्या आम हो जाती है.

लेकिन इस दौरान लोग एक बड़ी गलती करते हैं- वो सर्दियों वाली भारी मॉइश्चराइज़िंग रूटीन को गर्मियों में भी जारी रखते हैं. हालांकि दोनों में काफी फर्क है, जो रूटीन आप सर्दियों मं फॉलो करते आए हैं उसे गर्मियों में भी करने से आपको नुकसान हो सकता है?

गर्मियों में मॉइस्चराइजिंग का क्या है नियम?

डर्मेटोलिस्ट Dr. Jyotirmay Bharti (pioneer in aesthetic and regenerative dermatology) का कहना है कि आम धारणा के उलट, हर स्किन टाइप को गर्म और उमस भरे मौसम में मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती. खासतौर पर मोटे और चिपचिपे प्रोडक्ट्स गर्मियों में त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. ये स्किन की सतह पर जमा हो जाते हैं और पसीना, तेल व गंदगी को फंसा लेते हैं, जिससे पोर्स बंद हो जाते हैं.

किन लोगों में ज्यादा आती है समस्या?

डॉक्टर ज्योतिमय के मुताबिक, यह समस्या खासकर ऑयली स्किन और एक्ने-प्रोन लोगों में ज्यादा देखी जाती है. यहां तक कि जिन लोगों को अपनी स्किन ड्राई लगती है, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि कई बार यह “ड्राईनेस” असली नहीं होती.

गर्मियों में ‘ड्राईनेस’ का क्या है मतलब?

गर्मी में कई लोगों को त्वचा टाइट या सूखी महसूस होती है और वे तुरंत मॉइस्चराइजर लगा लेते हैं. लेकिन यह एहसास अक्सर बंद हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ों) की वजह से होता है. हर हेयर फॉलिकल के साथ एक ऑयल ग्लैंड जुड़ी होती है, जो त्वचा को नेचुरली पोषण देती है.

जब ये फॉलिकल्स बंद हो जाते हैं, तो तेल स्किन की सतह तक नहीं पहुंच पाता, जिससे False Dryness महसूस होती है. ऐसे में मॉइश्चराइज़र लगाने से पोर्स और ज्यादा बंद हो जाते हैं और समस्या बढ़ जाती है.

क्या है इसका समाधान?

स्किन पर क्रीम की परत चढ़ाने के बजाय पोर्स को साफ करना ज्यादा जरूरी है. इसके साथ ही कुछ क्रीम्स भी इसमें काफी लाभकारी साबित हो सकती हैं. आइये जानते हैं.

  • टॉपिकल ट्रेटिनोइन (Tretinoin): यह एक प्रभावी तत्व है जो स्किन सेल्स के टर्नओवर को सामान्य करता है, कॉमेडोन्स बनने से रोकता है और बंद पोर्स को साफ करने में मदद करता है.
  • एक्सफोलिएटिव एजेंट्स: जैसे Salicylic acid और Glycolic acid, ये डेड स्किन और अतिरिक्त तेल को हटाकर पोर्स को साफ रखते हैं.

इस तरीके से त्वचा का प्राकृतिक तेल सही तरीके से बाहर आ पाता है और स्किन संतुलित रहती है, बिना किसी भारी मॉइश्चराइज़र के.

स्कैल्प का ध्यान भी क्यों है जरूरी?

यही सिद्धांत स्कैल्प पर भी लागू होता है. गर्मियों में भारी तेल, सीरम या चिपचिपे प्रोडक्ट्स लगाने से हेयर फॉलिकल्स बंद हो सकते हैं, जिससे डैंड्रफ, फॉलिकुलाइटिस और बाल झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इस मौसम में स्कैल्प को साफ रखना और भारी प्रोडक्ट्स से बचना जरूरी है.

गर्मियों में कैसा होना चाहिए स्किन रूटीन?

गर्मियों में स्किनकेयर रूटीन हल्का और सरल होना चाहिए. ज्यादा लेयरिंग करने के बजाय पोर्स को साफ रखना, सही ट्रीटमेंट और सन प्रोटेक्शन पर ध्यान देना ज्यादा असरदार होता है.

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