प्यार की निशानी या खतरे की घंटी! Love Bite से कैसे बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा?
मेक्सिको में एक नाबालिग लड़के की लव बाइट के कारण मौत हो गई. दरअसल तेज़ सक्शन के कारण रक्त के थक्के बन सकते हैं जो दिमाग तक पहुंच जाते हैं, जिसके कारण रेयर केस में मौत हो सकती है.
लव बाइट से कैसे हो सकता है स्ट्रोक
प्यार जताने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कभी-कभी ये नॉर्मल दिखने वाले इशारे भी गंभीर खतरा बन सकते हैं. हाल ही में सामने आई एक घटना ने लोगों को चौंका दिया, जिसमें मेक्सिको के एक 17 साल के बच्चे की हिक्की यानी लव बाइट के कारण मौत हो गई.
दरअसल लव बाइट के कारण रेयर केस में खून का थक्का जम जाता है, जो मौत का कारण बन सकता है. चलिए ऐसे में जानते हैं कैसे हिक्की है खतरनाक.
हिक्की क्या होती है?
हिक्की को आम भाषा में 'लव बाइट' भी कहा जाता है. यह स्किन पर तेज़ सक्शन (चूसने) के कारण बनने वाला एक निशान होता है. जब त्वचा को जोर से खींचा जाता है, तो उसके नीचे मौजूद छोटे-छोटे ब्लड वेसल्स टूट जाते हैं, जिससे वहां नीला या लाल निशान बन जाता है. आमतौर पर यह एक तरह का ब्रूज़ (नील) होता है, जो कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाता है. इसलिए ज्यादातर लोग इसे सीरियस नहीं समझते हैं.
क्या हिक्की से मौत हो सकती है?
सामान्य परिस्थितियों में हिक्की से मौत होना बेहद दुर्लभ है. लेकिन कुछ खास कंडीशन में यह खतरनाक साबित हो सकती है. यदि सक्शन बहुत ज्यादा तेज़ हो और गर्दन के सेंसेटिव हिस्से पर किया जाए, तो यह गहरे ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे मामलों में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बन सकता है. अगर यह थक्का शरीर में घूमते हुए दिमाग तक पहुंच जाए और वहां किसी नस को ब्लॉक कर दे, तो स्ट्रोक हो सकता है.
हिक्की से स्ट्रोक कैसे हो सकता है?
इस पूरे प्रोसेस को समझना जरूरी है. हिक्की से स्ट्रोक
- तेज़ सक्शन से गर्दन की रक्त वाहिकाएं डैमेज हो सकती हैं.
- उस जगह खून का थक्का बन सकता है.
- यह थक्का ब्लड फ्लो के जरिए दिमाग तक पहुंच सकता है.
- दिमाग की किसी महत्वपूर्ण नस को ब्लॉक कर सकता है.
- इससे ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है और स्ट्रोक हो जाता है.
- गर्दन में मौजूद कैरोटिड आर्टरी दिमाग को खून पहुंचाने का मुख्य रास्ता होती है. इस पर दबाव या चोट ज्यादा खतरनाक हो सकती है.
किन लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है?
हर किसी को हिक्की से खतरा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में जोखिम बढ़ सकता है:
- जिनकी रक्त वाहिकाएं कमजोर होती हैं.
- जिन्हें ब्लड क्लॉटिंग से जुड़ी समस्या हो.
- हाई ब्लड प्रेशर या अन्य बीमारियों से ग्रसित लोग.
- बहुत ज्यादा या लंबे समय तक सक्शन का इस्तेमाल.
- इन स्थितियों में मामूली चोट भी गंभीर रूप ले सकती है.
स्ट्रोक क्या होता है?
स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिमाग तक खून का फ्लो अचानक रुक जाता है. यह दो कारणों से हो सकता है, या तो नस ब्लॉक हो जाए या फिर फट जाए. अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा भी हो सकता है या स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है.
स्ट्रोक के लक्षण
किसी भी कारण से स्ट्रोक हो, इसके लक्षण तुरंत पहचानना जरूरी है-
- शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
- बोलने या समझने में दिक्कत
- तेज़ सिरदर्द
- चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
- आंखों से साफ न दिखना
ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी है. हालांकि हिक्की आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन इसे पूरी तरह हल्के में लेना भी सही नहीं है. खासकर अगर यह गर्दन पर हो और बहुत गहरी या दर्दनाक हो, तो सावधानी बरतना जरूरी है.




