इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने एक मामले में ऐसा फैसला दिया है जिसने उत्तर प्रदेश पुलिस यानी यूपी की खाकी को ‘हलकान’ कर डाला है. मतलब, अब यूपी के थाने-चौकियों में जो हवलदार, थानेदार, एसएसओ छोटे-छोटे मामलों में मुकदमा दर्ज करके निरीह जनता की इधर से उधर दौड़ लगवाते थे, उनकी रातों की नींद और दिन का चैन उड़ गया है. कौन से हैं वे विवाद जिनमें डायरेक्ट मुकदमा न दर्ज कर पाने की पाबंदी से यूपी पुलिस का गला सूख रहा है? और क्यों हाईकोर्ट बैंच के इस दिशा-निर्देश से खुश हैं यूपी के आमजन? स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान को बता रहे हैं सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के वकील डॉ. ए पी सिंह.