22 देशों में फैला Cicada, Europe में 30% कोविड केस में मिला वेरिएंट, सावधान हो जाए भारत! जानें लक्षण और बचाव
कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि समय-समय पर अपने नए रूप में सामने आता रहता है. अब एक नया वेरिएंट Cicada (BA.3.2) चर्चा में है, जो पहली बार 2024 में सामने आया था और अब फिर से कुछ देशों में फैलता दिख रहा है.
कोरोना वायरस एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि नया वेरिएंट Cicada (BA.3.2) तेजी से कई देशों में फैल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वेरिएंट अब तक 22 देशों में पहुंच चुका है और यूरोप में सामने आए करीब 30% कोविड मामलों में इसकी मौजूदगी पाई गई है. इसकी बढ़ती पकड़ ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब लोग कोविड को लगभग खत्म मानने लगे थे.
इस वायरस की पहली बार पहचान साल 2024 में की गई थी और अब यह वेरिएंट पूरी दुनिया में धीरे-धीरे अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत को इस बीमारी से घबराने की जरूरत है?
Cicada वेरिएंट क्या है?
सिकाडा कोरोना के ओमिक्रॉन परिवार का ही एक नया रूप है. यह वेरिएंट पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. इसे सिकाडा नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह कुछ समय के लिए गायब हो गया था और फिर दोबारा सामने आया. ठीक उसी तरह जैसे सिकाडा नाम का कीड़ा लंबे समय तक जमीन के अंदर रहने के बाद अचानक बाहर आता है.
सिकाडा के लक्षण क्या हैं?
इस वेरिएंट के लक्षण लगभग पुराने कोविड जैसे ही हैं. इनमें गले में खराश, बुखार या ठंड लगना, सिरदर्द, खांसी, शरीर में दर्द और नाक बहना शामिल है. ये लक्षण फ्लू जैसे भी हो सकते हैं, इसलिए कन्फर्म करने के लिए टेस्ट करना जरूरी है.
क्या सिकाडा पहले के वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है?
वैज्ञानिकों के अनुसार इस वेरिएंट में कई नए म्यूटेशन (बदलाव) हैं, खासकर स्पाइक प्रोटीन में. लेकिन राहत की बात यह है कि यह अभी भी ओमिक्रॉन परिवार का हिस्सा है. अभी तक यह साबित नहीं हुआ कि यह ज्यादा गंभीर बीमारी करता है. अधिक अध्ययन के बाद ही इसकी असली गंभीरता पता चलेगी.
भारत में कितने केस हैं?
फिलहाल भारत में इस वेरिएंट के मामलों का कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वेरियंट दुनिया के 22- 23 देशों में फैल गया है, तो भारत इसके में मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. लेकिन अभी तक कोई बड़ी लहर या गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है
क्या कोविड टेस्ट काम करेंगे?
अभी पूरी तरह सही डेटा नहीं है, लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा टेस्ट इस वेरिएंट को पहचान सकते हैं. क्योंकि ये वायरस के उन हिस्सों को पकड़ते हैं जो जल्दी नहीं बदलते हैं.
क्या भारत को घबराने की जरूरत है?
इस नए वेरिएंट को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया वेरिएंट आना सामान्य बात है. इसका मतलब यह नहीं कि महामारी फिर से लौट रही है. बस घबराने की बजाय सतर्क रहने की जरूरत है.
बचाव के आसान तरीके
अब भी वही पुराने लेकिन असरदार उपाय सबसे बेहतर हैं:
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें.
- हाथों की साफ-सफाई रखें.
- जरूरत पड़ने पर टेस्ट कराएं.
- वैक्सीन और बूस्टर डोज समय पर लें.
- बीमार होने पर घर पर रहें.
सिकाडा वेरिएंट नया जरूर है, लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ कि यह ज्यादा खतरनाक है. भारत में फिलहाल इस वायरस का कोई केस सामने नहीं आया है. इसलिए घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने और बेसिक सावधानियां अपनाने की जरूरत है.




