Ashok Kharat केस में नया खुलासा, बेटा गिरफ्तार और पत्नी फरार; क्या बोले सरकारी वकील?
नासिक के फर्जी ज्योतिषी और भोंदू बाबा अशोक खरात के कारनामों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. कई सालों तक महिलाओं का यौन शोषण करने वाला खरात अब पुलिस की गिरफ्त में है.
अशोक खरात केस में नया खुलासा
Ashok Kharat Case: नासिक के फर्जी ज्योतिषी और भोंदू बाबा अशोक खरात के कारनामों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. कई सालों तक महिलाओं का यौन शोषण करने वाला खरात अब पुलिस की गिरफ्त में है. अशोक खरात का महिलाओं के साथ गंदा काम करने का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया था. जिससे कई परिवार सदमे में हैं. अशोक खरात पर आरोप है कि वह नेताओं के संरक्षण में लंबा समय तक अपने अपराध करता रहा और किसी को रोकने की हिम्मत नहीं हुई.
खरात का मामला सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं है. उसके खिलाफ दर्ज किए गए कई केसों में यह भी सामने आया कि वह लोगों को धमकाता और उनकी जमीनें हड़पता था. खरात के पास विभिन्न नामों से कई मोबाइल नंबर थे, जिनमें हजारों महिलाओं के नंबर अलग-अलग नाम से सेव थे. इस मामले ने पूरे नासिक में सनसनी मचा दी है.
क्या हुआ नया खुलासा?
अशोक खरात को हाल ही में पुलिस हिरासत में लिया गया है. एसआईटी द्वारा उनसे विस्तार से पूछताछ की जा रही है. वहीं, नासिक पुलिस ने देर रात उनके बेटे को भी उनके घर से गिरफ्तार किया. खबरें यह भी हैं कि खरात की पत्नी फरार है और उनकी बेटी के नाम पर कुछ फ्लैट भी हैं. अदालत ने अशोक खरात को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस बीच सरकारी वकील अजय मिसर ने इस मामले में पैरवी करने से मना कर दिया है.
सरकारी वकील ने क्यों किया मना?
सरकारी वकील अजय मिसर ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में पैरवी नहीं कर सकते क्योंकि वे 2011 के मुंबई सीरियल बम विस्फोट मामले, महाराष्ट्र में रवि पुजारी केस और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में व्यस्त हैं. अजय मिसर के इनकार के बाद सहायक लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने अदालत में बहस की. अब इस बात पर निगाहें टिकी हैं कि एसआईटी किसे इस मामले की पैरवी के लिए पत्र देगी?
अशोक खरात का मामला न केवल नासिक बल्कि पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है. महिलाओं के शोषण, जमीन हड़पने और राजनीतिक संरक्षण के चलते यह मामला समाज के लिए चेतावनी भी है. आने वाले दिनों में इस मामले में कौन सा मोड़ आता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.




